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Digital Farming: खेती-किसानी को आसान बनायेंगे ये 5 मोबाइल एप, जानें इनके फायदे

Agriculture Apps: ये खेती की नई तकनीक, वैज्ञानिक तरीके, मौसम आधारित खेती, विशेषज्ञों की सलाह, पशुपालन और फसलों की बुवाई से लेकर बिक्री तक कई सुविधायें प्रदान करते हैं.

Mobile Apps for Sustainable Agriculture: भारत में कृषि को और भी ज्यादा आसान बनाने के लिये किसानों को टेक्नोलॉजी से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसान घर बैठे ही खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं का समाधान हासिल कर सके. इसके लिये भारत सरकार ने किसानों को हित में कई मोबाइल एप भी लॉन्च किये हैं. इन मोबाइल एप्स पर खेती की नई तकनीक, खेती करने के वैज्ञानिक तरीके, मौसम आधारित खेती, विशेषज्ञों की सलाह, पशुपालन और फसलों की बुवाई-कटाई से लेकर बाजार में फसल की बिक्री तक और भी कई सुविधायें प्रदान की जायेंगी. ये सभी मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर से बिना किसी चार्ज के डाउनलॉड और इंस्टॉल कर सकते हैं.

पूसा कृषि एप
खेती-किसानी में आधुनिक बदलावों को अंजाम देकर किसानों के काम को आसान बनाने के लिये ICAR_IARI यानी पूसा संस्थान ने पूसा कृषि मोबाइल एप लॉन्च किया है. इस मोबाइल एप की मदद से कृषि वैज्ञानिकों द्वारा इजाद की गई बीजों की नई किस्मों और खेती की नई तकनीकों के बारे में जानकारी ले सकते हैं. इस मोबाइल एप के जरिये कृषि विशेषज्ञों से जुड़कर खेती में आ रही समस्याओं का समाधान कर सकते हैं. ये मोबाइल एप किसानों को मौसम से जुड़ी जानकारी और मौसम आधारित खेती करने की सुविधा भी प्रदान करता है, जिससे किसान बेफ्रिक होकर खेती कर सकें और अच्छा उत्पादन हासिल कर सकें.
 
पशु पोषण एप
पशु पोषण मोबाइल एप राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा विकसित और लॉन्च किया गया, जिसमें पशुपालकों को डेयरी फार्मिंग और पशुपालन से जुड़ी जानकारियां प्रदान की जाती है. इस मोबाइल एप में पशुओं की प्रोफाइल यानी किस्म, उम्र, दूध उत्पादन, दूध वसा, और दूध की खपत के आधार पर पशुओं के पोषण और आहार की जानकारी दी जाती है, जिससे पशुओं को समय पर संतुलित भोजन मिल सके. इस मोबाइल एप में पशुपालकों और दूध उत्पादकों को पशुओं के पोषण में अहम खनिज पदार्थों को जोड़ने की भी सलाह ही जाती है, जिससे पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के साथ दूध उत्पादन बढ़ाया जा सके.

किसान सभा एप
इस मोबाइल एप का उद्देश्य किसानों को डिजिटलाइजेशन से जोड़कर उन्हें घर बैठे खेती-किसानी से जुड़ी सुविधायें देना है. यह एप कोरोना महामारी के दौर में लॉन्च किया गया, ताकि किसानों को घर बैठे फसलों की बुवाई से लेकर, फसल प्रबंधन, फसल कटाई और उपज की बिक्री तक की सेवायें घर बैठे मिल सकें. यह एप किसानों को नजदीकी मंडी में फसलों के भाव, फसल परिवहन की सेवा, कोल्ड़ स्टोरेज की बुकिंग और कीटनाशकों से लेकर बीजों तक की खरीद के लिये ऑनलाइन सेवा प्रदान करता है. जिससे किसानों के समय और श्रम की बचत हो और घर बैठे उन्हें फसल का वाजिब दाम मिल सके.

ई-नाम एप
ई-नाम एक इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है, जिसके जरिये राष्ट्रीय कृषि बाजार को सीधा किसानों से जोड़ा गया है. इस एप की मदद से किसान घर बैठे अपने फसलों की बोली लगाकर उसे मनचाहे भाव पर ऑनलाइन ही बेच सकते हैं. अभी तक ई-नाम से 100 मंडियों, 2 लाख फसल व्यापारियों और पौने 2 करोड़ किसानों को जोड़ा जा चुका है, जो अपनी फसल का लेन-देन ऑनलाइन ही कर रहे हैं. इस एप के जरिये मंडियों में फसलों की आवक और भाव की जानकारी लेकर घर बैठे अपनी फसल बेच सकते हैं और भुगतान अपने बैंक खाते में ही ले सकते हैं. मंडियों को ऑनलाइन एक्सिस करने के लिये ये सबसे बेहतर एप है.

पीएम किसान एप
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभार्थी किसानों को ऑनलाइन जोड़ने के लिये पीएम किसान एप लॉन्च किया गया है. इस एप के जरिये किसान सम्मान निधि की आने वाली किस्त की जानकारी हासिल कर सकते हैं. नये किसान भी इस ऐप को डाउनलोड़ करके पीएम किसान योजना से जुड़ सकते हैं और ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं. वहीं इस एप के जरिये पीएम किसान के पुराने लाभार्थी भी  अपने स्टेटस को देखकर आधार कार्ड, पेन कार्ड, मोबाइल नंबर और केवाईसी से जुड़ी जानकारियां अपडेट कर सकते हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारियों पर आधारित है. ABPLive.com किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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