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आकाशीय बिजली गिरने से 40 मिनट पर पहले अलर्ट कर देगा यह ऐप, खेत में काम करने वालों के लिए है जरूरी

Damini App: खेतों और खुले में काम करने वालों के लिए यह लाइफ-सेवर है दामिनी ऐप. बिजली गिरने से 40 मिनट पहले ही भेजता है सटीक अलर्ट. ब्लू और येलो कलर कोड्स के जरिए पता चल जाता है खतरा.

Damini App: आजकल के दौर में मौसम का मिजाज कब बदल जाए और कब आसमान से आफत बरस पड़े. इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है. खासकर खेतों में काम करने वाले किसान भाइयों और खुले में सफर करने वाले लोगों के लिए आकाशीय बिजली एक ऐसा जानलेवा खतरा है जो संभलने का मौका तक नहीं देती. हर साल बिजली गिरने की वजह से सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा देते हैं. लेकिन अब टेक्नोलॉजी इस समस्या का एक स्मार्ट समाधान लेकर आई है.

भारत सरकार के मौसम विभाग (IMD) और IITM पुणे ने मिलकर दामिनी ऐप तैयार किया है. जो बिजली गिरने से करीब 40 मिनट पहले ही आपको अलर्ट कर देता है. यह ऐप जीपीएस की मदद से आपके लोकेशन को ट्रैक करता है और आपके आस-पास के 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में होने वाली हलचल की सटीक जानकारी सीधे आपके स्मार्टफोन पर भेज देता है. जान लें कैसे काम करता है ऐप.

बिजली गिरने से पहले अलर्ट देगा दामिनी ऐप

दामिनी ऐप को खास तौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो अपना ज्यादातर समय खुले आसमान के नीचे या खेतों में बिताते हैं. इस ऐप की सबसे बड़ी ताकत इसका एडवांस अर्ली वार्निंग सिस्टम है. जो बिजली गिरने की संभावना को बहुत पहले ही भांप लेता है.

  • जैसे ही आपके इलाके में खतरा मंडराता है. यह ऐप 40 मिनट पहले नोटिफिकेशन भेजकर आपको आगाह कर देता है.
  • यह समय इतना पर्याप्त होता है कि कोई भी व्यक्ति खुले मैदान या पेड़ के नीचे से हटकर किसी सुरक्षित पक्की छत के नीचे जा सके.

बिजली गिरने से होने वाले हादसों को रोकने में यह ऐप एक रियल लाइफ-सेवर की तरह काम करता है और आपको पैनिक होने से बचाता है.

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इन रंगो से देगा सिग्नल

इस ऐप का इंटरफेस बहुत ही यूजर-फ्रेंडली है और इसमें खतरों को समझने के लिए अलग-अलग रंगों के सिग्नल्स का इस्तेमाल किया गया है. जब आप ऐप खोलते हैं. तो आपको मैप पर कुछ खास कलर्स दिखाई देते हैं जो खतरे की गंभीरता को साफ-साफ बताते हैं.

  • ब्लू कलर का मतलब है कि अगले 15 मिनट में आपके इलाके में बिजली गिरने के आसार हैं, इसलिए तुरंत अलर्ट हो जाएं.
  • येलो कलर यह संकेत देता है कि आपके पास सिर्फ 10 मिनट का समय बचा है और आपको फौरन किसी सुरक्षित जगह पर पहुंच जाना चाहिए.

यह कलर कोडिंग सिस्टम इतना आसान है कि कोई भी व्यक्ति इसे देखकर आने वाले खतरे का अंदाजा लगा सकता है और अपनी जान बचा सकता है.

किसानों के लिए क्यों है जरूरी?

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं क्योंकि वहां लोग अक्सर खुले खेतों, तालाबों या ऊंचे पेड़ों के आसपास काम कर रहे होते हैं. दामिनी ऐप ऐसे वक्त में किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि यह आपको न केवल अलर्ट करता है बल्कि सुरक्षा के टिप्स भी देता है. अक्सर लोग जानकारी के अभाव में बिजली चमकने पर पेड़ के नीचे खड़े हो जाते हैं. जो कि सबसे ज्यादा खतरनाक होता है. यह ऐप आपको बताता है कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए और क्या नहीं. 

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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