बच्चों की हर ऑनलाइन एक्टिविटी पर रख सकेंगे नजर! फोन में ऑन करें ये सेटिंग्स
स्मार्टफोन में Screen Time या Digital Wellbeing का इस्तेमाल करना आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है.

स्मार्टफोन एक ऐसा डिवाइस बन चुका है जो लगभग हर किसी के हाथों में पहुंच गया है. बच्चें भी आज स्मार्टफोन से दूर नहीं रह गए हैं. ऑनलाइन पढ़ाई से लेकर गेमिंग और मनोरंजन के लिए भी बच्चें आज स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन बच्चों में बढ़ता स्मार्टफोन का इस्तेमाल माता-पिता के लिए एक चिंता का विषय बनता जा रहा है. दरअसल, आज के समय में ऑनलाइन आपको अच्छे से लेकर बुरे कंटेंट भी देखने को मिल जाते हैं.
ऐसे में आज के समय में पैरेंट्स को ये नहीं पता होता है कि उनका बच्चा ऑनलाइन क्या कर रहा है. ऐसे में आज हम आपको ऐसे ही तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप अपने फोन में ही बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रख सकेंगे.
सेट करें स्क्रीन टाइम
आपको बता दें कि बच्चों का लंबे समय तक मोबाइल इस्तेमाल करना उनकी पढ़ाई और मेंटल हेल्थ पर असर डाल सकती हैं. ऐसे में आप उनके मोबाइल इस्तेमाल करने का समय भी तय कर सकते हैं. दरअसल, स्मार्टफोन में Screen Time या Digital Wellbeing का इस्तेमाल करना आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है. इसमें अलग-अलग ऐप के लिए एक टाइम सेट किया जाता है कि उस ऐप का इस्तेमाल बस इतने समय तक ही किया जा सकता है.
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पैरेंटल कंट्रोल करें ऑन
एडवांस Android स्मार्टफोन में आज के समय में कई सारे ऐसे फीचर्स मिल जाते हैं जिनसे आप अपने बच्चों पर आसानी से नजर रख सकते हैं. दरअसल, एंड्रॉयड फोन में Google का Family Link और iPhone में Screen Time जैसे फीचर्स मौजूद होते हैं जिनके जरिए माता-पिता ये तय कर सकते हैं कि आपका बच्चा कौन सा ऐप इस्तेमाल करेगा और वो कितने समय तक फोन का इस्तेमाल कर सकता है. इतना ही नहीं, आप किसी भी ऐप को ब्लॉक भी कर सकते हैं जिसके बाद बच्चा उस ऐप को एक्सेस नहीं कर पाएगा.
Play Store और App Store पर लगाएं रोक
इतना ही नहीं, बच्चे कई बार बिना सोचे-समझे नए ऐप डाउनलोड कर लेते हैं. पैरेंटल कंट्रोल के जरिए ऐप डाउनलोड और खरीदारी पर भी आप रोक लगा सकते हैं जिसके बाद बच्चा कोई भी ऐप को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं कर पाएगा.
इसके अलावा युवाओं में YouTube का काफी क्रेज देखने को मिलता है. ऐसे में इस प्लेटफॉर्म पर आप Restricted Mode का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये मोड गलत कंटेंट को रोकने का काम करता है जिससे आपके बच्चे कुछ हद तक ऑनलाइन सुरक्षित रहेंगे.
Google Search को बनाएं सेफ
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Google में SafeSearch का एक ऑप्शन दिया जाता है जिसे ऑन करने के बाद कोई भी यूजर ऑनलाइन गलत कंटेंट या फोटो या वीडियो नहीं देख सकेगा. हालांकि, ये ऑप्शन पूरी तरह से इंटरनेट पर आने वाले कंटेंट को फिलटर नहीं कर सकता है. इसीलिए आपको बच्चों पर खुद भी ध्यान देने की जरूरत है.
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