मीरजापुर में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में CM योगी ने भरी हुंकार, BJP के लिए मांगा समर्थन
सीएम योगी ने सपा के पीडीए के नारे पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में इसका वास्तविक चेहरा सामने आ गया. दो प्रत्याशी बनाने थे तो एक टिकट अपने चाचा को और दूसरा मुंबई के धन्ना सेठ को दे दिया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी को विकास और जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते का बैरियर करार दिया. उन्होंने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने से आधी से अधिक समस्याओं के समाधान का रास्ता खुल जाता है, जबकि गलत प्रतिनिधि चुनने से समाधान के मार्ग में बाधा खड़ी हो जाती है. समाजवादी पार्टी ऐसा ही बैरियर है. सपा ने मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों, पुलों और घाटों के निर्माण में रोड़े अटकाए. इनका काम ही विकास में बाधा डालना है. ऐसे लोगों को बैरियर ही बने रहने दीजिए, चुनकर मत भेजिए. इनके बैरियर को एक झटके में उखाड़कर बाहर कर देंगे.
मुख्यमंत्री योगी मीरजापुर में वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने शिक्षक सीट से बीजेपी प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा और स्नातक सीट से केदारनाथ सिंह के समर्थन में आयोजित सम्मेलन में कहा कि दोनों प्रत्याशी पिछला चुनाव नहीं जीतने के बावजूद शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को लेकर लगातार उनके पास आते रहे. उन्होंने 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक होने वाले मतदान में भागीदारी का आह्वान किया. कहा कि इनके माध्यम से आने वाली शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं के समाधान का रास्ता सरकार निकालेगी.
पीडीए का नारा, टिकट परिवार और धन्ना सेठ को
मुख्यमंत्री योगी ने सपा के पीडीए के नारे पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में इसका वास्तविक चेहरा सामने आ गया. दो प्रत्याशी बनाने थे तो एक टिकट अपने चाचा को और दूसरा मुंबई के धन्ना सेठ को दे दिया. न दलित को टिकट दिया, न पिछड़े को और न ही मुसलमान को. दूसरी ओर बीजेपी ने आठ टिकटों में तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़े वर्ग और दो अनुसूचित जाति को दिए. सभी आठ प्रत्याशी जीते. सपा ने परिवार और धन्ना सेठ को प्राथमिकता दी तो पीडीए की हवा निकल गई. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने खुद को नेहरू परिवार और सपा ने सैफई परिवार तक सीमित रखा. दोनों ने प्रदेश को बेगाना बनाया तो जनता ने भी इन्हें बेगाना बना दिया.
माफिया के सामने नाक रगड़ने वाले दे रहे उपदेश
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन लोगों ने प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जो माफिया के सामने गिड़गिड़ाते, घुटने टेकते और नाक रगड़ते थे, वे आज कानून-व्यवस्था पर उपदेश दे रहे हैं. सपा शासन में न सड़क थी, न बिजली, न पानी और न शिक्षा की समुचित व्यवस्था. नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी श्रद्धालुओं को मशक्कत करनी पड़ती थी. मंदिरों में गंदगी और अव्यवस्था रहती थी. आज सरकार जनता के साथ खड़ी है. सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रत्येक ब्लॉक में शिविर लगाकर पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया.
सैफई सिंडिकेट के कब्जे से मुक्त हुई नौकरियां
मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा शासन में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था. जिसे सिंडिकेट चाहता था, उसी को नौकरी मिलती थी. तत्कालीन आयोग अध्यक्ष अनिल यादव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया गया, जिसे हाई कोर्ट ने पद से हटाया. नौजवान सड़कों पर आंदोलन करते थे और अखिलेश सरकार उनकी आवाज अनसुनी करती थी. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है. 65 लाख लोगों को रोजगार मिला और एक जिला एक उत्पाद योजना से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर विकसित हुए. अब युवा स्टार्टअप के माध्यम से नौकरी देने वाला भी बन रहा है.
चुनाव के बाद फिर शुरू होगा टैबलेट वितरण
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विधान परिषद चुनाव संपन्न होने के बाद बड़े कार्यक्रम आयोजित कर स्नातक युवाओं को फिर टैबलेट वितरित किए जाएंगे. सरकार का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराना है. अब तक 62 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं. डिजिटल अभियान को और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत नीट, आईआईटी-जेईई, यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जा रही है. युवा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से इसका लाभ उठा सकते हैं.
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षकों को न सम्मान मिलता था, न स्वास्थ्य सुविधाएं. अब बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के 15 लाख शिक्षकों को परिवार सहित प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर दिया गया है. दुर्घटना की स्थिति में 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक सामाजिक सुरक्षा की गारंटी है. प्रोजेक्ट अलंकार से माध्यमिक विद्यालयों में नए भवन, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब विकसित किए जा रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस और सपा को शिक्षा विरोधी बताते हुए कहा कि इनके शासन में शिक्षण संस्थानों की उपेक्षा हुई और युवाओं को पलायन करना पड़ा.
तीन जिलों में न मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा को चार बार प्रदेश में सरकार चलाने का अवसर मिला, लेकिन विकास उसके एजेंडे में नहीं था. वर्ष 2017 से पहले मीरजापुर मंडल के तीनों जिलों में न मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालय. अब मीरजापुर और सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज संचालित हैं. मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्र आर्थिक समृद्धि का माध्यम बन रहे हैं. प्रयागराज महाकुंभ, काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या इसके उदाहरण हैं. राम मंदिर का विरोध करने वाले आज अयोध्या पर उपदेश दे रहे हैं.
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर और त्रिकोण क्षेत्र के विकास से श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिली हैं. प्रतिदिन दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर पा रहे हैं. गंगा के पक्के घाट बनने से दुर्घटनाओं की समस्या दूर हुई है. पहले विकास की यही धनराशि गरीबों की जमीनों पर कब्जे के लिए दुरुपयोग की जाती थी. उन्होंने नवरात्र की पंचमी पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए और विकास कार्यों तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समीक्षा भी की.
नंदी बोले- माफिया की जगह उत्पाद से पहचान
कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में यूपी की पहचान और परसेप्शन बदले हैं. पहले एक जिला एक माफिया की पहचान थी, अब एक जिला एक उत्पाद से प्रदेश जाना जाता है. परिवारवाद और तुष्टीकरण की जगह चुस्त कानून-व्यवस्था तथा औद्योगिक विकास ने ली है. विकास अब सैफई और रायबरेली तक सीमित नहीं है. प्रत्येक जनपद और गांव विकास की नई कहानी लिख रहा है.
आशीष पटेल बोले- निष्पक्ष भर्ती सरकार की पहचान
कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव महत्वपूर्ण है. यह सरकार के कार्यों पर मुहर लगाने का अवसर है. हाल में पुलिस और होमगार्ड भर्ती के परिणाम आए, लेकिन धांधली का कोई सवाल नहीं उठा. पारदर्शी भर्ती व्यवस्था ही सरकार की पहचान है.
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
सम्मेलन में राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड, सांसद डॉ. विनोद बिंद, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली, बीजेपी जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षक और स्नातक उपस्थित रहे.





















