अमेठीः गुरु गोरखनाथ तपोस्थली के निर्माण कार्यों में देरी पर भड़के DM, जताई नाराजगी
अमेठी जिले के जायस कस्बे में स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व की गुरु गोरखनाथ तपोस्थली के पर्यटन विकास कार्यों का डीएम ने निरीक्षण किया. डीएम ने निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताई है.

अमेठी जिले के जायस कस्बे में स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व की गुरु गोरखनाथ तपोस्थली के पर्यटन विकास कार्यों में धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने तपोस्थली पहुंचकर निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया. मौके पर श्रमिकों की कम संख्या और निर्माण कार्यों की धीमी गति मिलने पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज शर्मा के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध श्रमिकों की संख्या और कार्यों की गति का जायजा लिया. अपेक्षा के अनुरूप काम नहीं होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों से जानकारी प्राप्त की. उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए तत्काल श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जाए और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरे किए जाएं.
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डीएम ने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है. ऐसे में निर्माण कार्यों में लापरवाही, अनावश्यक देरी या गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी. कार्यदायी संस्था स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करे, ताकि परियोजना को तय समय में पूरा किया जा सके.
23.91 करोड़ रुपये से हो रहा पर्यटन स्थल का विकास
नगर पालिका परिषद जायस क्षेत्र स्थित गुरु गोरखनाथ तपोस्थली का विकास राज्य योजना के अंतर्गत कराया जा रहा है. इस परियोजना की कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड है. परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 2391.89 लाख रुपये यानी लगभग 23.92 करोड़ रुपये है. निर्माण कार्य मार्च 2023 में शुरू हुआ था, जबकि इसे सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
परियोजना का उद्देश्य तपोस्थली को आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से सुसज्जित कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक एवं आकर्षक स्थल के रूप में विकसित करना है. इसके पूरा होने से जायस और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
प्रवेश द्वार से सत्संग हॉल तक विकसित होंगी सुविधाएं
परियोजना के तहत मुख्य प्रवेश द्वार और द्वितीय प्रवेश द्वार का निर्माण, बैठने के स्थान का विकास, ओपन एयर थिएटर, प्रतिमा चबूतरा, प्लांटर, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग और बाउंड्री वॉल सहित विभिन्न निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं. इसके अलावा रेड सैंड स्टोन पाथवे, गजीबो, शौचालय ब्लॉक, पेयजल सुविधा, बाह्य विद्युतीकरण, म्यूरल वॉल, स्टोन बेंच और साइनेज की व्यवस्था भी की जानी है.
तपोस्थली में संरक्षण संबंधी कार्यों के साथ सत्संग हॉल, शू-रैक और तालाब स्थल का विकास भी परियोजना का हिस्सा है. इन सुविधाओं के तैयार होने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकेंगी और धार्मिक आयोजनों के लिए भी सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध होगा.
निर्माण सामग्री की जांच कराने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण स्थल पर प्रयुक्त सामग्री के नमूने लेकर निर्धारित मानकों के अनुसार उनकी जांच कराई जाए. इस संबंध में उप जिलाधिकारी तिलोई अरुणिमा श्रीवास्तव को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
डीएम ने कहा कि परियोजना के सभी कार्य स्वीकृत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुरूप कराए जाएं. निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और कार्यों की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता या कमी की गुंजाइश न रहे.
निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करने पर जोर
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए प्रगति में सुधार लाया जाए. कार्यदायी संस्था प्रभावी कार्ययोजना बनाकर उसका अनुपालन सुनिश्चित करे और श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर निर्माण कार्यों को गति दे.
उन्होंने कहा कि गुरु गोरखनाथ तपोस्थली धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है. इसके समुचित विकास से क्षेत्र की पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा. इसलिए सभी संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था जिम्मेदारी के साथ काम करते हुए परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराएं.
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष मनीषा, उप जिलाधिकारी तिलोई अरुणिमा श्रीवास्तव, तहसीलदार तिलोई अभिषेक यादव, कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद जायस सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे.
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