फरवरी के महीने में किसी का दिल परेशान तो कोई गर्मी से परेशान | Open Letter
Episode Description
फरवरी के महीने में किसी का दिल परेशान तो कोई गर्मी से परेशान. सरप्राइज किसे कहते हैं ये कोई गर्मी से पूछो जो फरवरी के महीने में अप्रैल का फील दे रही है !
लोग सरप्राइज हो रहे हैं की अरे फरवरी में गर्मी कैसे आ गयी, सिंपल है, आप भी तो जो छुट्टियां लैप्स हो रही होती हैं उन्हें लेते हो आखिर में वैसे सर्दी ने छुटियाँ ले ली फरवरी में तो गर्मी को आना पड़ा ड्यूटी पे ! और ऊपरवाला गवाह है इस बात का कि किसी और के हिस्से का काम कोई और employee हमेशा बे मन से ही करता है, इसलिए गर्मी का गुस्सा देख रहे हैं फरवरी में।
वैसे हम किसी के भी सगे नहीं हैं, इस बात का अंदाजा इसी से लगा लीजिये कि जो अभी तक सर्दियों में गर्मी को अच्छा बता रहे थे , वो गर्मी के बस शुरू होते ही सर्दियों कि तारीफों के पुल बाँधने लग गए हैं। अभी कुछ दिनों पहले तक ये कह रहे थे कि कितना ठंडा पानी आ रहा है नल से, अब ये कहना शुरू कर चुके हैं, कितना गरम पानी आ रहा है नल से !
किसी से ये तो एक्सपेक्ट ही मत करो कि वो नहीं बदलेंगे, कुछ दिनों पहले तक जिन्हें पोछा सुखाते पे पंखे का चलना बर्दाश्त नहीं हो पा रहा था , उन्हें अब झाड़ू के लगते पे पंखे का बंद होना बर्दाश्त नहीं होगा। इंसान हैं हम , हमें सर्दी में सर्दी, गर्मी में गर्मी और बरसात में बरसात बहुत लगती है !हम खुश हो या न हो, घरों में लगा पंखा बहुत खुश है कि उसके ऊपर जमी 10 इंच मोटी धूल finally साफ़ हो गयी है ! कुछ दिनों में टीवी पे आती न्यूज़ की तस्वीर भी साफ़ हो गयी है - गर्मी ने पिछले इतने सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया ! सुनिए open letter मानसी के साथ सिर्फ abp Live podcasts पर


























