हिंदी न्यूज़फोटो गैलरीमध्य प्रदेशSehore News: सीएम शिवराज के गृह जिले सीहोर में बढ़ी पानी की किल्लत, सूखी नदी खोदने को मजबूर हुए लोग
Sehore News: सीएम शिवराज के गृह जिले सीहोर में बढ़ी पानी की किल्लत, सूखी नदी खोदने को मजबूर हुए लोग
Written By : नितिन ठाकुर, सीहोर | Updated at : 16 May 2022 05:33 PM (IST)
सीहोर पेयजल संकट
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Sehore News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर (Sehore) में पानी की किल्लत लगातार गहराती जा रही है. हर साल पेयजल योजना पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद इस इलाके की पानी की समस्या का समाधान नहीं हो सका है.सीहोर के पुरानी चंदेरी गांव में तो हालात इतने बुरे हैं कि ग्रामीण सूख चुकी नदी में झीरी खोदकर पानी निकालने को मजबूर हैं. अहम बात ये कि सीहोर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला है. गांव के लोगों का कहना है कि सिर्फ बारिश और सर्दी के मौसम में ही पेयजल ठीक तरीके से मिल पाता है. गर्मियों के करीब चार महीने इस इलाके के लोगों के लिए काफी मुश्किल भरे रहते हैं.
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ग्रामीणों का आरोप है कि कई राजनेताओं और प्रतिनिधियों ने इस इलाके की पेयजल समस्या के समाधान का वादा तो किया लेकिन इसे अभी तक पूरी नहीं किया गया है. भीषण गर्मी के प्रकोप से नदी और पानी के तमाम स्रोत सूख चुके हैं.
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वहीं ग्रामीणों के लिए पानी का एकमात्र साधन भी यही हैं तो ऐसे में महिलाएं सूखी नदी में ही झीरी खोदती हैं और घंटों इसमें पानी का इकट्ठा होने का इंतजार करती हैं जिसके बाद काम चलाने लायक पानी हासिल हो पाता है. हालांकि नदी से इस तरह निकाला गया ये पानी भी शुद्ध नहीं होता.
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वहीं इस समस्या को लेकर इलाके के किसानों की तरफ से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह मांग की गई है कि जल्द से ताकीपुर स्टॉप डैम बनवाया जाए. और भगवानपुरा तालाब से पानी दिलवाने की प्रक्रिया शुरू की जाए.
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इस पूरे मामले को लेकर जब जिले के कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर से पूछा गया तो उन्होंने मामले में फौरन उचित कदम उठाने का भरोसा दिया है. हालांकि इलाके के ग्रामीण अभी भीषण गर्मी में घंटों पानी का इंतजार करते ही दिखाई देते हैं.