भक्तों की जमात, आलीशान आश्रम: कानून का पहरेदार बना आस्था का ठेकेदार, कहानी भोले बाबा की

भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ के बाद बिछ गईं थी लाशें (Photo Credit- PTI)
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कांस्टेबल के तौर पर काम करने वाला सूरज पाल किस तरह पंथ का चेहरा बन गया और अपनी पहचान भोले बाबा की बना ली. इस रिपोर्ट में इस पूरी कहानी के तह तक जाते हैं.
साधु और संत में ऐसा क्या होता है कि लोग उनके पीछे दीवाने हुए जाते हैं. खैर ये अलग मुद्दा है, लेकिन खुद को संत, साधु और गुरु कहने वाले आस्था के ठेकेदार, जो पूरी दुनिया को सादगी का पाठ






