एक्सप्लोरर

दो बार हार कर राजनीति छोड़ना चाहते थे नीतीश, अटल के कहने पर बने थे बिहार के सीएम

पटना यूनिवर्सिटी के दिनों में जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में हुए छात्र आंदोलन में नीतीश कुमार का नाम पहली बार उभरा. समाजवादी धारा के नीतीश कुमार 1977 में एंटी कांग्रेस आंदोलन के दौरान पहली बार जनता पार्टी की टिकट से हरनौत से चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं पाए.

नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा ना सिर्फ दिलचस्प और सस्पेंस भरी है बल्कि काफी संघर्षमय है. एक वक्त था जब बिहार की राजनीति में जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में हुए छात्र आंदोलन की बहुत निर्णायक भूमिका रही. इसी आंदोलन से लालू यादव, नीतीश कुमार, सुशील मोदी, रामविलास पासवान, शरद यादव, रविशंकर प्रसाद जैसे नेता आए और आज तक राजनीति में अपना दबदबा कायम रखे हुए है. नीतीश कुमार इनमें सबसे  आगे हैं.

1 मार्च 1951 को बिहार के बख्तियारपुर पैदा हुए नीतीश कुमार के पिता कविराज राम लखन सिंह एक आयुर्वेदिक चिकित्सक थे और उनकी मां परमेश्वरी देवी गृहणी. नीतीश कुमार ने 1972 में एनआईटी पटना से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने बिहार बिजली विभाग में आधे-अधूरे मन से नौकरी ज्वाइन की. लेकिन नीतीश कुमार छात्र राजनीति में बड़े चेहरे बन चुके थे. जल्द ही उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरी तरह राजनीति के मैदान में कूद पड़े. नीतीश कुमार का विवाह मंजू सिन्हा से हुआ था. उनका एक बेटा निशांत भी है. 2007 में मंजू सिन्हा का देहांत हो गया था.

लगातार दो बार मिली थी नीतीश को शिकस्त

पटना यूनिवर्सिटी के दिनों में जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में हुए छात्र आंदोलन में नीतीश कुमार का नाम पहली बार उभरा. समाजवादी धारा के नीतीश कुमार 1977 में एंटी कांग्रेस आंदोलन के दौरान पहली बार जनता पार्टी की टिकट से हरनौत से चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं पाए. नीतीश पहली हार को भूलकर 1980 में दोबारा इसी सीट से खड़े हुए, लेकिन इस बार जनता पार्टी (सेक्युलर) के टिकट पर लेकिन इस बार के चुनाव में भी नीतीश को हार मिली। वो निर्दलीय अरुण कुमार सिंह से हार गए।

हार के बाद राजनीति छोड़ना चाहते थे नीतीश

नीतीश के बारे मे ऐसा कहा जाता है कि लगातार दो बार हार से उनमें इस कदर निराशा का भाव आ गया कि वह राजनीति को ही तिलांजलि देना चाहते थे. इसके पीछे एक कारण ये कहा जा रहा है कि उन्हें यूनिवर्सिटी को छोड़े हुए करीब 7 साल हो गए थे और शादी हुए भी काफी समय हो चुका था। लेकिन, इन तमाम सालों में वो एक पैसा भी घर नहीं लाए थे. इन सबसे तंग आकर नीतीश राजनीति छोड़कर एक सरकारी ठेकेदार बनना चाहते थे.

लेकिन, 1985 में हरनौत से नीतीश कुमार ने जीत दर्ज की और पहली बार विधायक बने. 1987 में नीतीश कुमार ने युवा लोक दल के अध्यक्ष का पद संभाला. 1989 में नीतीश कुमार पहली बार बाढ़ से सांसद बने. 1991 में दोबारा नीतीश कुमार दोबारा बाढ़ से सांसद चुने गए. नीतीश इसके बाद 1996 और 1998 में भी सांसद बने. अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में 1998 में नीतीश कुमार को केंद्रीय रेल मंत्री बनाया गया. 1999 में नीतीश कुमार 5वीं बार सासंद का चुनाव जीते. इस बार उन्हें केंद्र सरकार ने कृषि मंत्री बनाया. 2004 में छठी और आखिरी बार नीतीश कुमार सांसद बने.

पहली बार सिर्फ 7 दिन के लिए बने सीएम

बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने आज नीतीश कुमार को सातवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई. इससे पहले वो छह बार बिहार के सीएम रह चुके हैं. इस पूरे सिलसिले पर एक नजर डालते हैं. पहली बार नीतीश कुमार 3 मार्च 2000 को बिहार के मुख्यमंत्री बने थे लेकिन बहुमत नहीं होने के कारण उनको 7 दिन बाद ही 10 मार्च को इस्तीफा देना पड़ा.

दूसरी बार नीतीश कुमार ने 2005 में बीजेपी के साथ सरकार बनाई. 24 नवंबर 2005 को उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और अपना कार्यकाल पूरा करते हुए 24 नवंबर 2010 तक मुख्यमंत्री रहे. तीसरी बार नीतीश कुमार ने 26 नवंबर 2010 को मुख्यमंत्री बने. इन चुनावों में एनडीए ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए 243 में से 206 सीटों पर जीत दर्ज की थी.

चौथी बार नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने का वाकया बेहद नाटकीय रहा. 2014 में बीजेपी से अलग होकर राजद के साथ उन्होंने सरकार बनाई. लोकसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन करने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था और जीतन राम मांझी को सीएम बनाया गया. लेकिन कुछ गलतफहमियों के कारण उन्हें हटा दिया गया. इसके बाद 22 फरवरी 2015 को नीतीश कुमार ने सीएम पद की शपथ ली और 19 नवंबर 2015 तक अपने पद पर बने रहे.

पांचवी बार नीतीश कुमार ने राजद के साथ चुनाव लड़े और जीत दर्ज की. चुनाव में जीत के बाद 20 नवंबर 2015 को उन्होंने पांचवी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. छठी बार नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने का घटनाक्रम उनके कार्यकाल में अब तक का सबसे नाटकीय घटनाक्रम था. राजद से मतभेद के बाद 26 जुलाई 2017 को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. 27 जुलाई 2017 को उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर छठी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. सातवीं बार नीतीश कुमार ने 16 नवंबर 2020 को सातवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इन चुनावों में जेडीयू पहली बार बीजेपी से कम सीटें जीतीं लेकिन मुख्यमंत्री पद पर नीतीश कुमार ही काबिज हुए.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

हैदराबाद NPA में चौंकाने वाला मामला, महिला IPS ट्रेनी की शिकायत पर साथी ट्रेनी IPS के खिलाफ केस दर्ज
हैदराबाद NPA में चौंकाने वाला मामला, महिला IPS ट्रेनी की शिकायत पर साथी ट्रेनी IPS के खिलाफ केस दर्ज
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच महात्मा गांधी के पोते का आया रिएक्शन, बोले - 'उन्होंने उपवास का इस्तेमाल केवल...'
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच महात्मा गांधी के पोते का आया रिएक्शन, बोले - 'उन्होंने उपवास का इस्तेमाल केवल...'
CM रेवंत रेड्डी ने FIFA वर्ल्ड कप फाइनल से पहले फुटबॉलर मेसी को किया याद, वायरल हो रहा पुराना वीडियो
CM रेवंत रेड्डी ने FIFA वर्ल्ड कप फाइनल से पहले फुटबॉलर मेसी को किया याद, वायरल हो रहा पुराना वीडियो
प्रकाश राज से लेकर शबाना आजमी तक..CJP के 'संसद मार्च' से पहले कौन-कौन पहुंचा जंतर-मंतर
प्रकाश राज से लेकर शबाना आजमी तक..CJP के 'संसद मार्च' से पहले कौन-कौन पहुंचा जंतर-मंतर

वीडियोज

पुलिस थाने पर शराबी का कब्जा!
Hyundai Alcazar Long Term Review & E20 Petrol Mileage Test | #hyundai #alcazar #review #autolive
Nitin Gadkari Exclusive: E20 Petrol पर क्या बोले? Part 2 | #nitingadkari #e20fuel #autolive
Man Atisundar:🙈radhya से 'I love you' सुनने के लिए तड़पा Pratham, लाख कोशिशों बाद नखरे बरकरार #sbs
Bollywood News: शानदार VFX और रावण बने यश के लुक के खुलासे से 'रामायण' के ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर मचाई 'तबाही'। (19.07.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'सब कुछ रिकॉर्ड करें...', 'चलो संसद' मार्च से पहले CJP ने जारी की गाइडलाइन, प्रदर्शनकारियों से खास अपील
'सब कुछ रिकॉर्ड ...', संसद मार्च से पहले CJP ने जारी की गाइडलाइन, प्रदर्शनकारियों से खास अपील
बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर का दावा, 'बीजेपी का हारना तय, यह चुनाव सिर्फ MLA चुनने का नहीं बल्कि...'
बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर का दावा, 'बीजेपी का हारना तय, यह चुनाव सिर्फ MLA चुनने का नहीं बल्कि...'
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच महात्मा गांधी के पोते का आया रिएक्शन, बोले - 'उन्होंने उपवास का इस्तेमाल केवल...'
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच महात्मा गांधी के पोते का आया रिएक्शन, बोले - 'उन्होंने उपवास का इस्तेमाल केवल...'
Lock Upp 2: 'मैंने अपना हाथ काट लिया था', हर्षद चोपड़ा ने प्यार में धोखा मिलने के बाद की थी सुसाइड करने की कोशिश
लॉक अप 2: 'मैंने अपना हाथ काट लिया था', हर्षद चोपड़ा ने प्यार में धोखा मिलने के बाद की थी सुसाइड करने की कोशिश
रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में शतक लगाकर तोड़े 5 बड़े रिकॉर्ड, हर एक रिकॉर्ड से लिखा नया इतिहास
रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में शतक लगाकर तोड़े 5 बड़े रिकॉर्ड, हर एक रिकॉर्ड से लिखा नया इतिहास
Vintage Wheels: आजादी से पहले भारत के बाजार में किस कार का था जलवा? जानिए कितनी थी उसकी कीमत
आजादी से पहले भारत के बाजार में किस कार का था जलवा? जानिए कितनी थी उसकी कीमत
बीच रास्ते में खत्म हो गई EV की बैटरी, मसीहा बनकर आया सेना का जवान; महिला ने की तारीफ- वीडियो वायरल
बीच रास्ते में खत्म हो गई EV की बैटरी, मसीहा बनकर आया सेना का जवान; महिला ने की तारीफ
काकोली घोष NCPI की चीफ व्हिप और संदीप बंद्योपाध्याय होंगे फ्लोर लीडर, मानसून सत्र से पहले ओम बिरला ने दी मंजूरी
काकोली घोष चीफ व्हिप, संदीप बंद्योपाध्याय होंगे NCPI के फ्लोर लीडर, स्पीकर ओम बिरला ने दी मंजूरी
Embed widget