एक्सप्लोरर

'हे भगवान, ये क्या हो गया...' ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद इंदिरा गांधी के मुंह से निकले थे ये शब्द, जानें कैसे दिया गया अंजाम, क्या है पूरा किस्सा

Story of Operation Blue Star: ऑपरेशन ब्लू स्टार में कुल 83 सौनिक मारे गए जिसमें तीन सेना के अधिकारी थे. इसके अलावा 248 घायल हुए. मरने वाले आतंकवादियों और अन्य की संख्या 492 रही.

Story of Operation Blue Star: 1977 के आम चुनाव में हार के साथ ही पंजाब सूबे में भी इंदिरा गांधी को जबरदस्त हार का सामना करना पड़ा. पंजाब में प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली अकाली दल की सरकार सत्ता में आई. इस हार से निजात पाने के लिए कांग्रेस ने एक ऐसे शख्स का सहारा लिया जिसने सात साल के भीतर पंजाब के अलावा पूरे देश में उथल-पुथल मचा दी. इस उथल-पुथल की देन रहा ऑपरेशन ब्लू स्टार, जिसने भारतीय राजनीति की धारा बदल दी. 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' भारत के इतिहास में एक ऐसी घटना जिसे इंदिरा गांधी की मौत की पटकथा कहा जाता है, जिसे कहीं न कहीं इंदिरा गांधी ने ख़ुद लिखा था. आज इस घटना के 33 साल पूरे हो गए हैं. आज उसी ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी है. आज के दिन ही जरनैल सिंह भिंडरावाले की मौत के साथ ऑपरेशन ब्लू स्टार का अंत हुआ. आइए जानते हैं कि कौन है भिंडरावाले और ऑपरेशन ब्लू स्टार ने कैसे देश की राजनीति की धारा बदल दी.

ये अंदाज़ा नहीं था कि भिंडरावाले आतंकवाद का रास्ता चुन लेगा

जरनैल सिंह भिंडरावाले को साल 1977 में सिखों की धर्म प्रचार की प्रमुख शाखा 'दमदमी टकसाल' का जत्थेदार बनाया गया. उस दौरान पंजाब की राजनीति में भिंडरावाले बड़ा चेहरा हो चला था. अब उसे पंबाज की राजनीति में अकालियों को पछाड़ने के लिए मोहरा बनाया गया और ये काम ज्ञानी जैल सिंह और संजय गांधी ने बखूबी किया. लेकिन भिंडरावाले मुसीबत बन गया. वरिष्ट पत्रकार कुलदीप नैयर ने अपनी किताब 'बियोंड द लाइंन एन ऑटोबायोग्राफी' में लिखा कि संजय गांधी ने भिंडरावाले को पैसे देने की बात मानी है. हालांकि, उन्हें ये अंदाज़ा नहीं था कि भिंडरावाले आतंकवाद का रास्ता चुन लेगा.

इंदिरा गांधी को 1980 के चुनाव में जबरदस्त जीत मिली. लोकसभा की 529 सीटों में से कांग्रेस को 351 सीटें मिलीं. ज्ञानी जैल सिंह को प्राधानमंत्री इंदिरा गांधी ने गृह मंत्री बनाया. पंजाब विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने अकाली दल को पछाड़ा. पंजाब में दरबारा सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया. पंजाब में हार के बाद अकाली दल अपने पुराने मुद्दे पर चली गई. वो मुद्दा जिसे 1973 में अनंतपुर साहब रिजॉलूशन से जाना जाता है. जिसमें चंडीगढ़ और नदियों के पानी के बंटवारे पर एकतरफा मांगें की गईं. अकालियों और दरबारा सिंह सरकार में तनातनी चल रही थी कि पंजाब की राजनीति भाषा और धर्म की चुंगल में फंस गई. जनगणना का दौर था और लोगों से उनके धर्म और भाषा पूछी जाती थी. इस दौर में अखबार पंजाब केसरी ने हिंदी को लेकर मुहिम चला दी, जिससे माहौल और खराब हो गया. हिंदी की मुहिम से कट्टर सिख नाराज हो गए, जिनमें भिंडरावाले भी था.

पंजाब को अलग देश बनाने की मांग ने जोर पकड़ा

इस बीच 9 सितंबर 1981 को हथियार बन्द लोगों ने पंजाब केसरी के संपादक लाला जगत नारायण को गोली मार दी. इल्जाम जरनैल सिंह भिंडरावाले पर भी आया. लाला जगत नारायण की हत्या के बाद 15 सितंबर को अमृतसर के गुरूद्वारा गुरुदर्शन प्रकाश से भिंडरावाले को गिरफ्तार कर लिया गया. लेकिन सबूतों के अभाव में जमानत मिल गई. भिंडरावाले पर राजनीति जारी थी कि पंजाब को अलग देश बनाने की मांग ने जोर पकड़ लिया. हिंसा और खून-खराबा बढ़ता जा रहा था. रिहाई के बाद भिंडरावाले भी तैश में था. इसी बीच दिल्ली में एशियाड खेल का आयोजन 1982 के नवंबर और दिसंबर महीने में होने वाला था. जिसके विरोध में जरनैल सिंह भिंडरावाले ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान कर दिया. अब सुरक्षा के नाम पर डेढ़ हजार लोग गिरफ्तार किए गए.

अब कट्टर सिखों का गुस्सा और बढ़ गया, जिसका फायदा भिंडरावाले ने उठाया. नरमपंथियों की आवाज कमजोर पड़ने लगी. भिंडरावाले के बढ़ते हुए प्रभाव ने अकालियों को अलग-थलग कर दिया. इसी बीच पंजाब के डीआईजी एएस अटवाल की हत्या स्वर्ण मंदिर के सीढ़ियों पर कर दी गई. एएस अटवाल की लाश घंटों स्वर्ण मंदिर के सीढियों पर पड़ी रही और किसी में हिम्मत नहीं हुई कि उनकी लाश को मंदिर की सीढ़ियों से हटा सके. एएस अटवाल के शव को हटाने के लिए मुख्यमंत्री दरबारा सिंह को जरनैल सिंह भिंडरावाले से मिन्नत करनी पड़ी. इस घटना के बाद इंदिरा गांधी ने ज्ञानी जैल सिंह से स्वर्ण मंदिर के अंदर पुलिस भेजने की सलाह मांगी. लेकिन उन्होंने मना कर दिया. इससे भिंडरावाले के हौसले बढ़ गए. पंजाब में हालात विस्फोटक होते जा रहे थे. अकाली भी मैदान में आ गए. दो महीनों में तीस हजार गिरफ्तारियां दीं. मांग थी अनंतपुर साहब के रिजॉलूशन को पास करो.

5 अक्टूबर, 1983 को हिन्दू यात्रियों को चुन-चुन कर मारा गया

इसी बीच 5 अक्टूबर, 1983 को सिख चरमपंथियों ने कपूरथला से जालंधर जा रही बस को रोक लिया. बस में सवार हिन्दू यात्रियों को चुन-चुन कर मार डाला गया. इस घटना के अगले दिन इंदिरा गांधी ने दरबारा सिंह की सरकार को हटा दिया. पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया. सरकार के हटाने के बाद भी हालात बदले नहीं. पंजाब में हिंसा, मार-काट जारी रहा. मगर इंदिरा गांधी भिंडरावाले के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठा पा रही थीं.

15 दिसंबर, 1983 को भिंडरावाले ने अपने हथियार बंद साथियों के साथ स्वर्ण मंदिर में अपना कब्जा जमा लिया. भिंडरावाले ने स्वर्ण मंदिर के अकाल तख्त पर कब्जा कर लिया. अकालतख्त का मतलब एक ऐसा सिंहासन जो अनंतकाल के लिए बना हो. यहीं से सिख धर्म के लिए हुक्मनामे जारी होते हैं. अकालतख्त के कब्जे का विरोध हुआ, लेकिन भिंडरावाले ने परवाह नहीं की. हिंसा और मार-काट का दौर चलता रहा. भिंडरावाले चाहते थे कि हिन्दू पंजाब छोड़ कर चले जाएं. ये सीधे-सीधे दिल्ली सरकार को चुनौती थी. उधर इंदिरा गांधी की मुश्किलें बढंती जा रही थीं. उन्हें भी किसी फैसले पर पहुंचना था.

इंदिरा गांधी ने पंजाब को सेना के हवाले कर दिया

इंदिरा गांधी ने आखिरकर 1 जून, 1984 को पंजाब को सेना के हवाले कर दिया. कोड वर्ड रखा गया 'ऑपरेशन ब्लू स्टार'. इस ऑपरेशन की अगुवाई मेजर जनरल कुलदीप सिंह बरार को सौंपी गई. सेना की 9वीं डिवीजन स्वर्ण मंदिर तरफ बढ़ चुकी थी. 3 जून को अमृतसर से पत्रकारों को बहार कर दिया गया. पाकिस्तान से लगती सीमा को सील कर दिया गया. मंदिर परिसर में रह रहे लोगों को बाहर आने को कहा गया. ये अपील बार-बार की गई. 5 जून को 7 बजे तक सिर्फ 129 लोग ही बाहर आए. लोगों ने बताया कि भिंडरावाले के लोग बाहर आने से रोक रहे हैं.

5 जून, 1984 को शाम 7 बजे सेना की कार्यवाई शुरू हुई. रात भर दोनों तरफ से गोली बारी होती रही. 6 जून को सुबह 5 बज कर 20 मिनट पर ये तय किया गया कि अकालतख्त में छुपे आतंकियों को निकालने के लिए टैंकों को लगाना होगा. ऑपरेशन के दौरान बहुमूल्य दस्तावेजों और किताबों की लाईब्रेरी में आग लग गई. फायरिंग में चली कई गोलीयां हरमंदरसाहब की तरफ भी गई. अकालतख्त को भी भारी नुकसान हुआ. 

आतंकवादि समेत 492 लोग मारे गए

6 जून को सुबह से शाम गोली चलती रही. देर रात जरनैल सिंह भिंडरावाले की लाश सेना को मिली. 7 जून की सुबह ऑपरेशन ब्लू स्टार खत्म हो गया. ऑपरेशन ब्लू स्टार में कुल 83 सौनिक मारे गए जिसमें तीन सेना के अधिकारी थे. इसके अलावा 248 घायल हुए. मरने वाले आतंकवादियों और अन्य की संख्या 492 रही. घटना के बाद पंजाब का माहौल बेहद तनावपूर्ण था. रक्षा राज्यमंत्री केपी सिंहदेव से इंदिरा गांधी को ऑपरेशन सफल होने की जानकारी मिली तो उन्होंने कहा, ''हे भगवान, ये क्या हो गया? इन लोगों ने तो मुझे बताया था कि इतनी मौतें नहीं होंगी.''

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

एजेंट के जाल में फंसी महिला मस्कट में 25 दिनों तक रही कैद, फिर एक कॉल और ऐसे लौटी भारत
एजेंट के जाल में फंसी महिला मस्कट में 25 दिनों तक रही कैद, फिर एक कॉल और ऐसे लौटी भारत
पाक में सेना के हेडक्वार्टर पर फायरिंग में सुरक्षाकर्मी की मौत, हमलावर को भी मार गिराया
पाक में सेना के हेडक्वार्टर पर फायरिंग में सुरक्षाकर्मी की मौत, हमलावर को भी मार गिराया
मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड की आशंका, 45 जगहों पर अलर्ट…, मैदान से पहाड़ तक आसमानी आफत
मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड की आशंका, 45 जगहों पर अलर्ट…, मैदान से पहाड़ तक आसमानी आफत
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर आया भारत का रिएक्शन, कहा- 'हम अपनी...'
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर आया भारत का रिएक्शन, कहा- 'हम अपनी...'

वीडियोज

The Traitors 2 का नया Sneak Peek Out, Rhea Chakraborty से Mallika Sherawat तक दिखा बड़ा Drama
Lock Upp 2 की Success Party में Shreya Kalra का जलवा, Farhana Bhatt समेत सितारों ने बिखेरा Glamour
Salman Khan की Seven Dogs 21 August को India में रिलीज, Sanjay Dutt का होगा खास Cameo
Amruta Khanvilkar ने Divorce Rumours पर जताई नाराजगी, Legal Action की दी चेतावनी
Govinda ने मां Nirmala Devi को खोने का दर्द किया बयां, बोले- लगा सब कुछ खत्म हो गया

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड की आशंका, 45 जगहों पर अलर्ट…, मैदान से पहाड़ तक आसमानी आफत
मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड की आशंका, 45 जगहों पर अलर्ट…, मैदान से पहाड़ तक आसमानी आफत
बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर
बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर
पुर्तगाल क्रिकेट टीम का हुआ एलान, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बना कप्तान
पुर्तगाल क्रिकेट टीम का हुआ एलान, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बना कप्तान
गोवा में पेंट हाउस, मुंबई में करोड़ों का बंगला, 100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर आया भारत का रिएक्शन, कहा- 'हम अपनी...'
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर आया भारत का रिएक्शन, कहा- 'हम अपनी...'
हमले को लेकर ममता बनर्जी का आया पहला रिएक्शन, कहा - 'मेरे सीने में...'
हमले को लेकर ममता बनर्जी का आया पहला रिएक्शन, कहा - 'मेरे सीने में...'
क्या है मून बेस प्रोग्राम, जिसके लिए NASA ने ISRO को किया इनवाइट?
क्या है मून बेस प्रोग्राम, जिसके लिए NASA ने ISRO को किया इनवाइट?
Embed widget