एक्सप्लोरर

11 May 1998 : वो दिन जब दुनिया ने देखी भारत की परमाणु 'शक्ति', अमेरिका भी खा गया था चकमा

India's Nuclear Programme: आज के दिन ही यानी कि 11 मई 1998 को  भारत ने राजस्थान के पोखरण में तीन परमाणु परीक्षण करने का ऐलान किया था. भारत के इस ऐलान से पूरी दुनिया स्तब्ध रह गई थी. 

India's Nuclear Programme: भारत के लिए आज यानी 11 मई का दिन बेहद ही खास रहा है. दरअसल आज के दिन ही यानी कि 11 मई 1998 को  भारत ने राजस्थान के पोखरण में तीन परमाणु परीक्षण करने का ऐलान किया था. भारत के इस ऐलान से पूरी दुनिया स्तब्ध रह गई थी. 

भारत में इस परीक्षण को इतने खुफिया तरीके से किया गया कि दुनिया की तमाम खुफिया एजेंसियों को अपनी पूरी ताकत झोंक देने के बाद भी इस ऑपरेशन के बारे में कोई खबर हीं हुई और भारत तीन परमाणु परीक्षण के साथ ही पूरी दुनिया में परमाणु शक्ति संपन्न देश बन गया. 

पहली बार परमाणु बम की ज़रूरत का एहसास 

एक स्वतंत्र और शक्तिशाली देश के रूप में उभर कर आना है तो भारत के पास परमाणु शक्ति होना जरूरी है. भारत को एक देश के तौर पर पहली बार परमाणु बम की ज़रूरत का एहसास चीन के साथ हुए सन् 1962 के युद्ध के बाद हुआ. इस युद्ध में देश को मुंह की खानी पड़ी थी. 

बता दें कि चीन ने भारत से कईं सालों पहले अपना पहला न्यूक्लियर टेस्ट साल 1964 में ही कर लिया था जिसके बाद संसद में पू्र्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने एक बयान में कहा था कि बम का जबाव बम ही होना चाहिए.

महात्मा गांधी के देश भारत में जब तक पंडित जवाहर लाल नेहरू पीएम रहे तब तक देश के लिए न्यूक्लियर बम हासिल करना सपने के जैसा बना रहा. लेकिन नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी जब देश की पीएम बनीं तब उन्होंने पाकिस्तान और चीन से दोनों तरफ से घिरे होने के ख़तरे को बहुत गंभीरता से लिया और देश का न्यूक्लियर प्रोग्राम शुरू किया.

पहले न्यूक्लियर बम का टेस्ट 1974 में 

वैसे तो इंदिरा गांधी के नेतृत्व में पहले न्यूक्लियर बम का टेस्ट साल 1974 में ही कर लिया था और तब भारत उन छह एलीट देशों की फेहरिस्त में आ गया जिन्होंने अपने दम पर न्यूक्लियर बम फोड़ा था. 1974 के बाद से भारत ने भारी वैश्विक दबाव के बावजूद अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को जारी रखा.

इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में  बड़े बड़े दिग्गज नेताओं का भी सपोर्ट रहा है.  जिसमें  वीपी सिंह से लेकर नरसिम्हा राव तक शामिल रहे हैं. साल1995 में कांग्रेस की नरसिम्हा राव सरकार ने भी इसे अपनी हरी झंडी दी थी. लेकिन इस दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने भारत के न्यूक्लियर बम बनाने की गतिविधियों को अपनी सेटेलाइट से पकड़ लिया. इसके बाद भारत के अब के दोस्त अमेरिका ने तब धमकी जारी की थी कि अगर भारत न्यूक्लियर प्रोग्राम जारी रखता है तो उसपर प्रतिबंध लगाए जाएंगे.

वाजपेयी ने पोखरण- 2 का सपना पूरा किया

इस बीच साल 1996 में प्रधानमंत्री के रूप में वाजपेयी जी ने सत्ता संभाली.  उन्होंने अपने कार्यकाल में आदेश दिए कि देश में न्यूक्लियर टेस्ट किए जाए. हालांकि ये आदेश पारित करने के दो दिन बाद ही उनकी सरकार गिर गई. जिसके बाद साल 1998 में वाजपेयी ने एक बार देश का पीएम पद संभाला. 

वाजपेयी के एक बार फिर पीएम बनने के बाद दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक में सीक्रेट मीटिंग्स हुईं. ये मुलाकात तब के डीआरडीओ प्रमुख अब्दुल कलाम और वाजपेयी के बीच हुई. मीटिंग में एटॉमिक एनर्जी चीफ डॉक्टर आर चिदंबरम, बार्क चीफ अनिल काकोदकर, एनएसए ब्रजेश मिश्रा, गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी मौजूद थे.

ऐसी कुल दो मीटिंग्स हुई थीं जिसके बाद वाजपेयी ने एक बार फिर से न्यूक्लियर परीक्षण को हरी झंडी दे दी. परीक्षण के लिए 27 अप्रैल 1998 की तारीख तय की गई. लेकिन डॉक्टर आर चिदंबरम की बेटी की शादी की वजह से ये तारीख टाल दी गई. सात मई 1998 को परीक्षण के लिए साज़ो सामान पोखरण पहुंचाया गया.

CIA की सेटेलाइट को चकमा देने का मास्टर प्लान

सबसे पहले DRDO ने बता लगाया कि किस वक्त अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का सेटेलाइट भारत की निगरानी नहीं कर रहा होता है. इसके बाद ये भी तय किया गया कि सभी वैज्ञानिक रात में काम करेंगे. इसके पीछे की वजह ये थी कि रात में सेटेलाइट से पोखरण में हो रही गतिविधि का पता लगाना मुश्किल था.

इस परीक्षण के लिए देश के वैज्ञानिकों ने हर परीक्षा दी. उन्होंने फौज के कपड़े तक पहने ताकि उन्हें सेटेलाइट की मदद के बावजूद नहीं पहचाना जा सके. वैज्ञानिकों को असली फौजियों के बीच रखा गया ताकि दोनों के बीच के अंतर का पता ना चल पाए. बेहद कम सुरक्षा इंतज़ाम रखे गए ताकि किसी तरह का कोई शक पैदा ना हो.

इतने बड़े मिशन में कम सिक्योरिटी होने का अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि उमंग कपूर की कमांड में वहां महज़ चार फौजी ट्रक मौजूद थे. वहीं, सभी वैज्ञानिकों को कोड नेम दिया गया. अब्दुल कलाम को मेजर जनरल पृथ्वीराज का नाम दिया गया.

जब परीक्षण का मौका आया तब हवाएं साथ देती नहीं दिख रही थीं. दरअसल ये आबादी वाले इलाके की ओर बह रही थीं. इस स्थिति में परीक्षण करने पर रेडिएशन फैलने का ख़तरा था. लेकिन दोपहर तक हवाएं शांत हो गईं और भारत के धमाके की गूंज से दुश्मनों के साथ-साथ पूरी दुनिया कांप उठी. इसके बाद तो मानों देश में एक नई जान सी आ गई और मीडिया से लेकर आलोचकों तक ने इसे ऐतिहासिक कदम करार दिया.

हां, भारत की इस अपार सफलता से अमेरिका ज़रूर दुखी था और उनके CIA ने भी माना की भारत उन्हें आसानी से चकमा देने मे सफल रहा. इस धमाके के साथ ही 1998 के 11 मई का दिन अमर हो गया और इसे राष्ट्रीय तकनीक दिवस के तौर पर मनाया जाने लगा.

ये भी पढ़ें: Covid-19 in China: शी जिनपिंग की वॉर्निंग- 'जीरो कोविड नीति' के खिलाफ आवाज उठाई तो होगा एक्शन

ये भी पढ़ें: कोरोना की गिरफ्त में चीन, राष्ट्रपति जिनपिंग ने देश की कोविड नीति का किया बचाव

 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

अमेरिका ने वॉरशिप भेजा, ईरान ने सुल्तानी की फांसी रोकी, 4 संकेतों से समझें जंग होगी या नहीं
अमेरिका ने वॉरशिप भेजा, ईरान ने सुल्तानी की फांसी रोकी, 4 संकेतों से समझें जंग होगी या नहीं
गाजियाबाद में त्योहारों से पहले 16 फरवरी तक BNS की धारा 163 लागू, चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर
गाजियाबाद में त्योहारों से पहले 16 फरवरी तक BNS की धारा 163 लागू, चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर
इस हीरोइन को पीरियड्स में करना पड़ा धनुष संग रोमांस, बोलीं- मेरे पास बदलने के लिए कपड़े नहीं थे
इस हीरोइन को पीरियड्स में करना पड़ा धनुष संग रोमांस, बोलीं- मेरे पास बदलने के लिए कपड़े नहीं थे
Iran protests LIVE: मिडिल ईस्ट की ओर से बढ़ रहा US नौसेना बेड़ा, ट्रंप की धमकियों के बीच ईरान ने खोला अपना हवाई क्षेत्र
Iran protests LIVE: मिडिल ईस्ट की ओर से बढ़ रहा US नौसेना बेड़ा, ट्रंप की धमकियों के बीच ईरान ने खोला अपना हवाई क्षेत्र

वीडियोज

US-Iran Conflict: Trump का एक आदेश और धुआं-धुआं हो जाएगा Iran, अटैक करने के लिए US के पास ये ऑप्शन?
Anupamaa: 😱Parag के गुस्से ने किया सब बर्बाद, Anupama कैसे बचाएगी Ansh को? #sbs (15.01.2026)
Bollywood News: आमिर खान की हैप्पी पटेल खतरनाक जासूस की स्पेशल स्क्रीनिंग, इमरान खान की धमाकेदार वापसी
Trump के Tariffs Fail? China ने बना दिया $1.2 Trillion का World Record! | Paisa Live
Iran Protest: फांसी से कैसे बचा इरफान सुल्तानी? जानिए ट्रंप का कितना हाथ? ABPLIVE

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अमेरिका ने वॉरशिप भेजा, ईरान ने सुल्तानी की फांसी रोकी, 4 संकेतों से समझें जंग होगी या नहीं
अमेरिका ने वॉरशिप भेजा, ईरान ने सुल्तानी की फांसी रोकी, 4 संकेतों से समझें जंग होगी या नहीं
गाजियाबाद में त्योहारों से पहले 16 फरवरी तक BNS की धारा 163 लागू, चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर
गाजियाबाद में त्योहारों से पहले 16 फरवरी तक BNS की धारा 163 लागू, चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर
इस हीरोइन को पीरियड्स में करना पड़ा धनुष संग रोमांस, बोलीं- मेरे पास बदलने के लिए कपड़े नहीं थे
इस हीरोइन को पीरियड्स में करना पड़ा धनुष संग रोमांस, बोलीं- मेरे पास बदलने के लिए कपड़े नहीं थे
Iran protests LIVE: मिडिल ईस्ट की ओर से बढ़ रहा US नौसेना बेड़ा, ट्रंप की धमकियों के बीच ईरान ने खोला अपना हवाई क्षेत्र
Iran protests LIVE: मिडिल ईस्ट की ओर से बढ़ रहा US नौसेना बेड़ा, ट्रंप की धमकियों के बीच ईरान ने खोला अपना हवाई क्षेत्र
U19 World Cup: अंडर-19 वर्ल्ड कप के पहले मैच में भारतीय गेंदबाजों ने बरपाया कहर, 107 पर ढेर यूएसए; हेनिल पटेल ने लिए 5 विकेट
अंडर-19 वर्ल्ड कप के पहले मैच में भारतीय गेंदबाजों ने बरपाया कहर, 107 पर ढेर यूएसए; हेनिल पटेल ने लिए 5 विकेट
तेलंगाना की राजनीति में बड़ा उलटफेर, विधानसभा अध्यक्ष ने खारिज की दलबदल याचिका, BRS को लगा झटका
तेलंगाना की राजनीति में बड़ा उलटफेर, विधानसभा अध्यक्ष ने खारिज की दलबदल याचिका, BRS को लगा झटका
चीन का Are You Dead ऐप देखकर कांपे यूजर्स, पूछने लगे- यह भारत में कैसे होगा डाउनलोड?
चीन का Are You Dead ऐप देखकर कांपे यूजर्स, पूछने लगे- यह भारत में कैसे होगा डाउनलोड?
Lucky Bamboo: पीली पत्तियों से हैं परेशान? जानें लकी बैंबू को सड़ने से बचाने के असरदार उपाय
पीली पत्तियों से हैं परेशान? जानें लकी बैंबू को सड़ने से बचाने के असरदार उपाय
Embed widget