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सरदार पटेल की जयंती पर शुरू होगी देश की पहली सी-प्लेन सेवा, जानें किराए से लेकर सभी जरूरी बातें

उड़ान योजना के तहत इस सेवा का लाभ लेने के लिए एक तरफ का किराया 1500 रुपये है. दोनों तरफ के लिए तीन हजार रुपये का भुगतान करना होगा. दिन में दो फेरे लगेंगे.

नई दिल्ली: हाल ही में शिपिंग मिनिस्ट्री ने सी-प्लेन सेवा शुरू करने की जानकारी दी थी. आज स्पाइस जेट ने विस्तार से बताते हुए इस योजना में अपनी भूमिका का विवरण पेश किया है. स्पाइस जेट के अनुसार 31 अक्टूबर से अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ़्रंट और सरदार वल्लभ भाई पटेल की विशाल प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बीच सी-प्लेन सेवाओं की शुरुआत की जाएगी.

स्पाईस शटल सेवा

सी-प्लेन की ये उड़ानें स्पाइसजेट की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्पाइस शटल द्वारा संचालित की जाएंगी. शुरुआती तौर पर स्पाइसजेट 31 अक्टूबर से अहमदाबाद-केवडिया मार्ग पर दो दैनिक उड़ानें संचालित करेगा.

दोनों तरफ़ का कुल किराया 3000 रुपये

उड़ान योजना के तहत एक तरफ़ का कुल किराया 1500 रुपये से शुरू किया जा रहा है. 30 अक्टूबर, 2020 से ऑनलाईन टिकट उपलब्ध होंगे. स्पाइसजेट इन उड़ानों के लिए 15 सीटर ट्विन ओटर 300 विमानों का उपयोग करेगा.

पटेल जयंती पर शुरू हो रही है सेवा

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर शनिवार, 31 अक्टूबर को इस रूट पर पहली उड़ान संचालित की जाएगी. विमान सुबह 10:30 बजे साबरमती रिवरफ्रंट, अहमदाबाद से रवाना होगा और 10:45 बजे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, केवडिया पहुंचेगा. ये यात्रा सिर्फ़ आधे घंटे में पूरी हो जाएगी.

रीजनल कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम

स्पाइसजेट के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अजय सिंह ने कहा कि हमारी पहली सी-प्लेन सेवा की शुरूआत को भारतीय विमानन के इतिहास में सबसे उल्लेखनीय घटनाओं में से एक के रूप में याद किया जाएगा. यह उड़ान का एक बेजोड़ और शानदार अनुभव साबित होगी जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. छोटे कस्बो-शहरों को हवाई संपर्क प्रदान करने के लिए ढांचागत चुनौतियां एक प्रमुख बाधा रही हैं. एक छोटे से जल निकाय पर उतरने की क्षमता के साथ, सी-प्लेन पूरी तरह सटीक उड़ान मशीनें हैं जो हवाई अड्डों और रनवे के निर्माण की उच्च लागत के बिना प्रभावी रूप से भारत के दूरस्थ भागों को मुख्यधारा के विमानन नेटवर्क से जोड़ सकती हैं.

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मालदीव से आए इस सी-प्लेन की ख़ासियतें

ट्विन ओटर 300 सबसे सुरक्षित और सबसे लोकप्रिय सी-प्लेन हवाई यात्रा परिवहन का सबसे सुरक्षित साधन है. इसमें ट्विन ओटर 300 विमानों के लिए प्रतिबद्धता, सुरक्षा और रखरखाव के समान स्तर को सुनिश्चित किया है जो उड़ान भरने के लिए अधिक सुरक्षित हैये दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले विमानों में से एक है.

यह अपनी विश्वसनीयता, मजबूती, अविश्वसनीय शॉर्ट टेक-ऑफ और लैंडिंग क्षमताएं, पेलोड क्षमता के साथ-साथ एक्सीलेंट एक्सटर्नल विजिबिलिटी के लिए विख्यात है. विमान को नियमित मेंटेनेंस, ओवरहॉलिंग और सीट नवीनीकरण से गुजारा जाता है और इसके पास एक वैध एयरवॉर्थिनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (एआरसी) है.

इन उड़ानों को संचालित करने के लिए सभी आवश्यक एसओपी, सी-प्लेन संचालन के परिचालन मार्गदर्शन के अनुरूप हैं. ट्विन ओटर 300 को उल्लेखनीय रूप से कुशल ट्विन टर्बोप्रॉप प्रैट एंड व्हिटनी पीटी 6 ए-27 इंजन से सुसज्जित किया गया है, जो अपनी विश्वसनीयता के लिए जाना जाता है. विमान का एक अविश्वसनीय दुर्घटनामुक्त इतिहास है और कोई आश्चर्य नहीं कि यह केवल मालदीव में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अंतिम गंतव्य तक उड़ान अनुभव के लिए सबसे अधिक मांग वाला विमान है.

नागपुर, गुवाहाटी और मुंबई में सी-प्लेन का ट्रायल

स्पाइसजेट ने 2017 से भारत में पूरी तरह से सी-प्लेन ट्रायल किया है और जल निकायों जैसे नदियों या अंतर्देशीय जलमार्गों के माध्यम से हवाई संपर्क की संभावनाओं का पता लगाने वाली एकमात्र भारतीय एयरलाइन है. पहले चरण के तहत, भूमि विमान का परीक्षण नागपुर और गुवाहाटी में किया गया था, दूसरे चरण में भूमि और पानी दोनों में उड़ान भरने वाले विमान शामिल थे जिसके लिए मुंबई के गिरगांव चैपाटी पर परीक्षण किए गए थे.

देश में जहां इंफ़्रास्ट्रक्चर नहीं है वहां कामयाब होंगे सी प्लेन

दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजार में से एक होने के बावजूद हवाई पट्टी के विकास और रखरखाव सहित हवाई अड्डे की बुनियादी सुविधाओं की कमी आज भी दूरदराज के क्षेत्रों में हवाई संपर्क प्रदान करने के लिए बड़ी बाधा है. ऐसे में, सी-प्लेन एकदम परफेक्ट उड़ान मशीनें हैं जो अप्रयुक्त बाजारों और ऐसे भौगोलिक क्षेत्रों में प्रवेश बनाने में मदद कर सकती हैं, जो अपनी टाइपोग्राफी के कारण अभी मुश्किल क्षेत्र समझे जाते हैं.

सी-प्लेन में पानी से उतरने और टेक-ऑफ करने की क्षमता होती है, जिससे ऐसे क्षेत्रों तक पहुंच होती है, जिनमें लैंडिंग स्ट्रिप्स या रनवे नहीं होते हैं. विश्वसनीय, कठिन और लचीला इन छोटे फ़िक्स्ड विंग विमान जल निकायों, बजरी और घास पर उतर सकते हैं और इस प्रकार हवाई अड्डों और रनवे के निर्माण की उच्च लागत के बिना भारत के दूरस्थ भागों को मुख्यधारा के विमानन नेटवर्क में लाने के लिए एकदम सही उड़ान मशीनें हैं. जलमार्ग झीलों, बैकवाटर्स और बांधों जैसे जल निकायों में उतर सकते हैं और इस तरह कई पर्यटक स्थलों तक आसानी से पहुंच प्रदान करते हैं.

देश में कुल 18 सी प्लेन रूट पर शुरू होंगी सेवाएं

स्पाइसजेट ने उड़ान के तहत 18 सी-प्लेन रूट हासिल किए हैं, जिनमें अहमदाबाद-केवडिया(साबरमती रिवर फ्रंट से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, सरदार सरोवर), अगत्ती-मिनिकॉय, अगत्ती-कवात्ती आदि शामिल हैं. उत्तर-पूर्व, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, अंडमान, लक्षद्वीप और अन्य तटीय क्षेत्र कुछ ऐसे गंतव्य हैं जिनका जल-थल विमान संचालन के लिए मूल्यांकन किया जा रहा है.

उड़ान का शेड्यूल: दिन में दो फेरे

अहमदाबाद से प्रतिदिन 10:15 पर सी-प्लेन उड़ेगा और 10:45 पर केवड़िया पहुंचेगा. केवड़िया से प्रतिदिन सी-प्लेन 11:45 पर उड़ेगा और 12:15 पर अहमदाबाद पहुंचेगा. यही सी-प्लेन प्रतिदिन 12:45 पर दोबारा अहमदाबाद से उड़ेगा और दोपहर 1:15 पर केवड़िया पहुंचेगा. केवड़िया से येफिर से दोपहर 3:15 पर उड़ेगा और 3:45 पर अहमदाबाद पहुंचेगा.

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