ममता सरकार के 'अपराजिता कानून' के सामने हैं कई चुनौतियां!

आपराधिक कानून समवर्ती सूची के अंतर्गत आता है, इसलिए इसे राज्यपाल और फिर राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी होगी.
Source : PTI
अपराजिता बिल कानून का रूप लेने से पहले ही सवालों के घेरे में आ चुका है. हाल ही में पश्चिम बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस ने कहा है कि अपराजिता बिल ममता सरकार के कारण पेंडिंग है.
9 अगस्त 2024 को कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप और हत्या के बाद राज्य सरकार पर महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे थे. जिसके जवाब में ममता सरकार ने 3 सितंबर 2023 को पश्चिम बंगाल









