एक्सप्लोरर

Bageshwar Dham: क्या और कैसा है बागेश्वर धाम, जानिए कैसे पुरोहिताई से 'चमत्कारी' बाबा बन गए धीरेंद्र शास्त्री

धीरेंद्र शास्त्री की राम कथाओं का प्रसारण एक टीवी चैनल पर होता है. धीरेंद्र मानते हैं कि वो जो करते हैं वह चमत्कार नहीं, बस हनुमान जी महाराज की कृपा है. 

Bageshwar Dham Popularity: देशभर में पिछले एक हफ्ते से बागेश्वर धाम की चर्चा हो रही है. मीडिया में भी यही नाम छाया हुआ है. बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के चमत्कार के बारे में लोग जानना चाह रहे हैं. आज हम इसी पर बात करेंगे कि क्या और कैसा है बागेश्वर धाम, आखिर क्यों यहां के बाबा इतने पॉपुलर हुए हैं.

छतरपुर से खजुराहो की ओर फोर लेन रास्ते पर करीब पंद्रह किलोमीटर चलने पर ही बाएं हाथ पर एक रास्ता कटता है, जो गढा गांव की ओर जाता है. रास्ते पर लगे बोर्ड और होर्डिंग्स से ही अंदाजा हो जाता है कि ये रास्ता आम नहीं है. चौराहे पर खड़े ई रिक्शा और टेंपों दस से बीस रुपये में बागेश्वर धाम सरकार तक ले जाने की आवाज लगाते हैं.

पहाड़ी पर स्थित है बागेश्वर धाम, बने हैं दो मंदिर

ऊंचे-नीचे व उबड़-खाबड़ गड्ढों से भरे रस्ते पर दो किलोमीटर चलने के बाद बाद शुरू होता है गढा गांव, जहां इन दिनों श्रद्धालुओं और दुखियारों का डेरा है, लेकिन गढा गांव पर हम अभी बात नहीं करेंगे. पहले हम बात करेंगे बागेश्वर धाम की. हजार लोगों की आबादी वाले गढा गांव के दूसरे छोर पर एक छोटी सी पहाड़ी है और यहीं पर स्थित हैं बागेश्वर धाम. पहाड़ी पर चढ़ने के बाद आपको दो छोटे छोटे मंदिर नजर आएंगे. इनमें से एक है भगवान बागेश्वर महाराज यानी शंकर जी की छोटी सी मढिया. ये इतनी छोटी है कि शिवलिंग को स्पर्श करना हो तो झुककर भी एक आदमी मुश्किल से जा पाए.

बागेश्वर धाम के नाम के पीछे की कहानी

यहां के सेवादार दीपेंद्र बताते हैं कि ये चंदेल कालीन प्राचीन मंदिर है. पर इसे बागेश्वर क्यों कहते हैं इसके बारे में उन्होंने बताया कि चूंकि इस पहाड़ के आसपास घना जंगल था जिसमें बाघ घूमते थे इसलिए इसे बाघेश्वर कहते थे जो अब बागेश्वर बोला जाने लगा है. महादेव की इस मढिया के पास ही बना है बालाजी धाम हनुमान जी महाराज का नया मंदिर. बागेश्वर धाम महाराज के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री इन्हीं बालाजी के उपासक हैं और कहते हैं कि उनको इन्हीं की सिद्धि मिली है और इन्हीं के दम पर वह लोगों का भूत व भविष्य बताते हैं.

पेड़ से चिपटकर चीखते चिल्लाते मिले लोग

बालाजी के मंदिर से सट कर ही लगा है एक बड़ा सा पेड़, जिससे चिपट कर लोग चीखते चिल्लाते रहते हैं. इसके बारे में दीपेंद्र कहते हैं कि ये प्रेत बाधा से ग्रसित लोग हैं जो यहां मंगलवार और शनिवार को आते हैं. इस पेड़ में पॉजिटिव एनर्जी है और उसे छूकर या उससे चिपट कर इन लोगों के दिमाग पर छाई निगेटिव एनर्जी दूर हो जाती है. यहीं हमें कुछ लोग ऐसे भी दिखे जिनको जंजीर से बांध गया था और वे जमीन पर लोट लगा रहे थे. इन तीन जगहों के आसपास बैरिकेड लगाई गई है और दिलचस्प ये है मंदिर से दूरी बनाने के लिए लगाई गई बैरिकेड पर ही काले, लाल और पीले रंग की पोटलियां बंधी हुईं हैं. इन पोटलियों में अलग-अलग फरमाइशें या श्रद्धालुओं की मन्नतें हैं. काले में प्रेत बाधा से मुक्ति तो पीले में शादी ब्याह की मन्नत तो लाल में सामान्य कामकाज करवाने की अर्जी.

लोगों में अटूट भरोसा, जो मांगा वो मिलेगा

झारखंड की गुमला जिले से आया शैलेंद्र सिहं का परिवार लाल कपड़े में नारियल बांधकर बैरिकेड से बांध रहा था. हमने पूछा ये क्या कर रहे हो तो मुस्कुराते हुए कहा कि बालाजी महाराज के दरबार मे अर्जी लगा रहे हैं. कुछ मांगा है. हमने पूछा किसने कहा ऐसा करने को तो बताया कि सब कर रहे हैं तो हम भी कर रहे हैं. भरोसा है जो मांगा वो मिलेगा. हां इतने लोगों को मिला है तो हमें भी मिलेगा. यहां आने वाले अधिकतर लोग ऐसे ही हैं जो सुनी सुनाई सुन कर चले आ रहे हैं.

सामुदायिक भवन में मिलते हैं धीरेंद्र शास्त्री

इन दो छोटे-छोटे मंदिरों के दर्शन कर नीचे उतरते हैं तो वहीं पर बना है आचार्य धीरेंद्र शास्त्री का वो स्थान जहां वह रहते और जनता से मिलते हैं. पहाड़ी के ठीक नीचे ये दो मंजिला इमारत गांव की पंचायत का सामुदायिक भवन है, जिसमें धीरेंद्र ने लोगों की सहूलियत के लिए ठिकाना बना लिया है. इस परिसर में एक तरफ से लोग आते हैं और दूसरी तरफ से दर्शन कर निकलते रहते हैं. जिसे मिलना होता है उससे धीरेंद्र शास्त्री टोकन व्यवस्था की मदद से समय देकर मिलते भी है. आने वाले लोगों की समस्या सुनने के बाद उनको पेशी पर बुलाते हैं. पेशी का मतलब कोर्ट कचहरी नहीं बल्कि सामने पहाड़ी पर बने मंदिर में पांच या दस बार आना होता है. अर्जी लगाने के बाद यहीं पेशी होती है. लोगों को भरोसा है कि पेशी और बालाजी के दर्शन के बाद दुख दर्द दूर हो जाएंगे.

इस तरह बड़ा होता गया धीरेंद्र शास्त्री का दरबार

धीरेंद्र जहां पर बैठते है, वहीं पीछे की तरफ उनके दादा संन्यासी बाबा के बैठने का स्थान है. बेहद सामान्य तरीके से रहने वाले धीरेंद्र शास्त्री कैसे बागेश्वर धाम सरकार के नाम से जाने जाने लगे ये पूछने पर उनके मित्र रिंकी सिंह बताते हैं कि इनके परिवार में पुरोहिताई का काम होता था. इनके दादा भी यही काम करते थे यानी कि पर्चा पर कुछ लिखकर भूत भविष्य बताने का काम. शुरुआती दिनों की छोटी मोटी पुरोहिताई के बाद धीरेंद्र रामकथा करने लगे. आसपास के गांवों में कथा से जो मिलता था उसे रख लेते थे. इस बीच कुछ कथित सिद्धियों के चलते उनकी तरफ से बताई गईं बातें सच होने लगीं तो उनका दरबार बड़ा होता गया.

कोरोना काल और यूट्यूब ने पूरे देश में किया पॉपुलर

रही सही कसर कोरोना काल और सोशल मीडिया के प्रचार ने पूरी कर दी. लोगों ने घर बैठे खूब कथा सुनी, लाइव प्रसारण देखा और यू-टयूब ने उन्हें देशभर में पहुंचा दिया. बस फिर क्या था महाराज की ठेठ बुंदेली बोली, उनका लड़कपन, बोलचाल की अदा अपने बालाजी पर अटूट भरोसे ने ही उनको पिछले दो साल में ही भारी लोकप्रिय कर दिया. हर मंगलवार ओर शनिवार को गढा गांव में मेला लगता है. धीरेंद्र शास्त्री की राम कथा की अगले दो साल तक की भरपूर बुकिंग है. एक टीवी चैनल उनकी कथाओं का निर्बाध प्रसारण करता है. धीरेंद्र मानते हैं कि वो जो करते हैं वह चमत्कार नहीं, बस हनुमान जी महाराज की कृपा है. 

(बाबा के गांव और गांव के लोगों की कहानी अगली कड़ी में)

ये भी पढ़ें

Bageshwar Baba: बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के पास अदृश्य शक्ति या कोई ट्रिक? माइंड रीडर सुहानी शाह ने लाइव टेस्ट से किया ये दावा

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा घोटाले पर RSS-VHP ने संभाला मोर्चा! दोषियों पर सख्त एक्शन लेने की डिमांड
राम मंदिर चढ़ावा घोटाले पर RSS-VHP ने संभाला मोर्चा! दोषियों पर सख्त एक्शन लेने की मांग
'हमने LPG संकट का 7 दिन में निकाला समाधान', राजस्थान में ग्रीनफील्ड रिफाइनरी के उद्घाटन पर बोले PM मोदी
'हमने LPG संकट का 7 दिन में निकाला समाधान', राजस्थान में ग्रीनफील्ड रिफाइनरी के उद्घाटन पर बोले PM मोदी
PM Modi Inauguration: PM मोदी का राजस्थान को बड़ा तोहफा, पचपदरा में ग्रीनफील्ड रिफाइनरी का किया उद्घाटन
PM मोदी का राजस्थान को बड़ा तोहफा, पचपदरा में ग्रीनफील्ड रिफाइनरी का किया उद्घाटन
ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका, अब बंगाल TMC चीफ ने छोड़ा साथ, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सभी पदों से दिया इस्तीफा
ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका, अब बंगाल TMC चीफ ने छोड़ा साथ, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सभी पदों से दिया इस्तीफा

वीडियोज

2025 New Yezdi Scrambler Review | पहले से कितनी बेहतर हुई? #scrambler #yezdi #autolive
Renault Duster vs Volkswagen Taigun -Which One Is More Fun to Drive? #duster #taigun #autolive
Ketan Murder Case : मंगेतर Siya Goyal का सबसे बड़ा झूठ पकड़ा गया || Chetan Chaudhary | ABP Report
Bollywood News: 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट संग शादी करेंगे आमिर खान, खास होगी नई शुरुआत (03.07.26)
Chitra Tripathi : चढ़ावा चोरी में राम मंदिर ट्रस्ट पर 'जीरो ट्रस्ट'! | Champat Rai | SIT

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Khamenei Funeral Live Updates: ईरान ने अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए 4 जुलाई का दिन ही क्यों चुना? सामने आई ये वजह
Live: ईरान ने खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए 4 जुलाई का दिन ही क्यों चुना? सामने आई ये वजह
राज ठाकरे ने CM देवेंद्र फडणवीस को लिखा ओपन लेटर, कहा- आपकी चुप्पी नेताओं को बेशर्म बना रही है
राज ठाकरे ने CM देवेंद्र फडणवीस को लिखा ओपन लेटर, कहा- आपकी चुप्पी नेताओं को बेशर्म बना रही है
'मैडम सो रही हैं', 1991 के प्लेन हाईजैक के बाद जब डिप्लोमैट ने PM बेनजीर भुट्टो को लगाया था फोन
'मैडम सो रही हैं', 1991 के प्लेन हाईजैक के बाद जब डिप्लोमैट ने PM बेनजीर भुट्टो को लगाया था फोन
Alpha Box office Collection: आलिया भट्ट की 'अल्फा' ने बॉक्स ऑफिस पर काटा गदर, पहले दिन बनाए ये 2 बड़े रिकॉर्ड
आलिया भट्ट की 'अल्फा' ने बॉक्स ऑफिस पर काटा गदर, पहले दिन बनाए ये 2 बड़े रिकॉर्ड
Old Trafford Cricket Ground Pitch Report: भारत बनाम इंग्लैंड दूसरे T20 में कैसी रहेगी पिच, बल्लेबाज या गेंदबाज; किसे मिलेगा फायदा
IND vs ENG 2nd T20 में कैसी रहेगी ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान की पिच, बल्लेबाज या गेंदबाज; किसे मिलेगा फायदा
Ali Khamenei Funeral: मोज्तबा खामेनेई नहीं तो क्या राष्ट्रपति पेजेश्कियान करेंगे ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर की नमाज को लीड? जानें
मोज्तबा खामेनेई नहीं तो क्या राष्ट्रपति पेजेश्कियान करेंगे ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर की नमाज को लीड? जानें
यूपी में अब 3 रुपये प्रति यूनिट में मिलेगी बिजली, इन लोगों को योगी सरकार देगी सब्सिडी
यूपी में अब 3 रुपये प्रति यूनिट में मिलेगी बिजली, इन लोगों को योगी सरकार देगी सब्सिडी
सिर्फ तीन फीट का कद, लेकिन दुनिया से कहीं ऊंचा हौसला शिक्षक संजीव मजूमदार की प्रेरणादायक कहानी
सिर्फ तीन फीट का कद, लेकिन दुनिया से कहीं ऊंचा हौसला शिक्षक संजीव मजूमदार की प्रेरणादायक कहानी
Embed widget