'हर घर दिवाली' से जगमग होंगे 2000 घर, बरेली के समाजसेवी ने उठाया बीड़ा
बरेली के समाजसेवी पार्थ गौतम का ‘हर घर दिवाली’ अभियान 2000 जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है. जानें दिवाली सहायता, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य से जुड़ी इस पहल की खास बातें.

जहां अक्सर त्योहारों के आसपास बड़े कार्यक्रमों और भाषणों की चर्चा होती है, वहीं उत्तर प्रदेश बरेली में एक टीम जरूरतमंद परिवारों के घरों तक पहुंचकर दिवाली की तैयारियों में मदद कर रही है. इस पहल का नाम है 'हर घर दिवाली'. दावा है कि इस अभियान को समाजसेवी पार्थ गौतम और उनकी टीम चला रही है. इस साल का लक्ष्य 2000 जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने का है.
रोजाना 80 परिवारों से मिल रही टीम
जानकारी के मुताबिक, पार्थ गौतम रोजाना करीब 80 परिवारों से उनके घर जाकर मिल रहे हैं. इस अभियान की सबसे ध्यान देने वाली बात यह है कि यह घर-घर जाकर किया जा रहा है. पार्थ की टीम का कहना है कि परिवारों से सीधे मिलकर उनकी जरूरत समझी जा रही है.
बताया जा रहा है कि यह मदद सिर्फ एक तरह की नहीं है. इस अभियान में तीन चीजों पर काम किया जा रहा है...
- त्योहार की जरूरतों में सहयोग- दिवाली की खरीदारी और घर की जरूरी चीजों के लिए आर्थिक मदद.
- बच्चों की पढ़ाई- बच्चों की पढ़ाई में क्या दिक्कतें हैं, इस पर बात करके सहयोग करना.
- स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी- परिवारों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को समझना और जरूरी सुविधाओं तक पहुंचाने में मदद करना.
इस तरह की पहल की जरूरत क्यों?
दिवाली खुशी और रोशनी का त्योहार है, लेकिन कई परिवारों के लिए रोज की जरूरतें पूरी करना ही बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में त्योहार की तैयारी उनके लिए और मुश्किल हो जाती है. 'हर घर दिवाली' जैसी पहल इसी मुश्किल को थोड़ा कम करने की कोशिश है. इसका मकसद सिर्फ सामान या पैसे देना नहीं, बल्कि यह एहसास दिलाना है कि समाज साथ है.
बता दें कि 2000 परिवारों तक पहुंचना आसान काम नहीं है. इसके लिए रोज लगातार लोगों से मिलना और स्थानीय स्तर पर जुड़े रहना पड़ता है.
त्योहार का मतलब तब और बड़ा हो जाता है, जब उसकी खुशी सिर्फ कुछ घरों तक नहीं, बल्कि हर घर तक पहुंचे. अगर समाज में हर कोई अपने आसपास के किसी एक जरूरतमंद परिवार की दिवाली में छोटा सा भी सहयोग कर दे तो त्योहार की रौशनी वाकई हर घर तक पहुंच सकती है.




















