दुर्गा पूजा : मानव और प्रकृति के बीच के ताने-बाने का ग्रैंड नैरेटिव

दुर्गा पूजा है प्रकृति और मनुष्य के संतुलन का पर्व
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इस प्रकृति पर्व का तानाबाना हमारे पूर्वजो ने इस प्रकार बुना है कि समाज को अपने उपादान को नजदीक से देखने का मौका मिलता है, उससे जुड़े हर प्राकृतिक अवयय के महत्त्व को जानने-समझने का मौका मिल जाता है,
प्रकृति एवं जीवन के बीच ईश आराधना का अपना विशेष महत्व है, जो सनातन रूप से प्रकृति और मानव के बीच साहचर्य को स्थापित करता आया है. आराधना, प्रार्थना और पूजा के माध्यम से हम प्रकृति पर आधारित







