नेहा बोरा की 'वन पीस' टी-शर्ट पर क्यों मचा है बवाल? जानें वजह
दिल्ली प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गईं नेहा बोरा की टी-शर्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है; जानिए जापानी एनीमे 'One Piece' के विद्रोही प्रतीक वाली इस पोशाक पर क्यों छिड़ गया विवाद

दिल्ली के जंतर-मंतर पर इन दिनों राजनीतिक सरगर्मियां और विरोध प्रदर्शन काफी तेज हो गए हैं. हाल ही में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों द्वारा चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट की तरफ मार्च निकालने के बड़े आव्हान के बीच एक बेहद अनोखा नजारा देखने को मिला. CPI से जुड़े छात्र संगठन AISA की राष्ट्रिय अध्यक्ष नेहा बोरा इस आंदोलन के दौरान सुर्खियों में आ गईं. वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान एक खास टी-शर्ट पहने हुए जोर-शोर से नारेबाजी करती नजर आईं. उनकी इस रेड कलर की टी-शर्ट पर मशहूर जापानी मंगा और एनीमे सीरीज वन पीस का लोगो बना हुआ था, जो अब सोशल मीडिया पर एक चर्चा का विषय बन गया है.
क्या है इस खास टी-शर्ट पर बने लोगो का इतिहास?
नेहा बोरा की लाल रंग की टी-शर्ट पर अंग्रेजी में वन पीस लिखा हुआ था, जिसमें पहले अक्षर O को एक खोखली आंखों वाले कंकाल के रूप में दिखाया गया था, जिसके ऊपर एक पीले और नारंगी रंग की टोपी बनी हुई थी. दरअसल, यह प्रसिद्ध समुद्री लुटेरों के झंडे पर दिखने वाला जॉली रोजर का एक व्यंग्यात्मक रूप था. यह काल्पनिक प्रतीक असल में 1997 में शुरू हुई वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय जापानी एनीमे सीरीज वन पीस में मुख्य किरदार मंकी डी लफी और उसकी स्ट्ऱ हैट पायरेट्स गैंग का आधिकारिक झंडा है.
कई हिंसक प्रदर्शनों से जुड़ा है यह सिंबल
यह पहली बार नहीं है कि जब किसी काल्पनिक कहानी के प्रतीक का इस्तेमाल वास्तविक दुनिया की राजनीति या आंदोलन में किया गया हो. वन पीस का यह झंडा और लोगो दुनिया के 5 अलग-अलग देशों में हुए बड़े जन आंदोलनों में साफ देखा जा चुका है. नेपाल में साल 2025 में हुए जेन-जी के बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान एक आंदोलनकारी इस फ्लैग को लेकर नेपाल के सरकारी मुख्यालय सिंह दरबार के मुख्य गेट पर चढ़ गया था.
इसके अलावा इंडोनेशिया में सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के समय कारों, ट्रकों और मोटरसाइकिल पर इस लोगो को लगाया गया था. ब्रिटेन, फिलीपींस और फ्रांस में भी छात्रों द्वारा बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की मांग को लेकर की गई रैलियों में इस काल्पनिक झंडे को शान से लहराया गया था.
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काल्पनिक प्रतीक बनाम शांतिपूर्ण आंदोलन
नेहा बोरा के इस ड्रेस चॉइस के सामने आने के बाद इंटरनेट और सोशल मीडिया पर चर्चा फिर से बढ़ गईं. जहां एक तरफ AISA और उनके समर्थक नेहा की इस क्रांतिकारी टोन और सादगी की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कई आलोचकों ने इस ड्रेस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. बहस इस बात को लेकर शुरू हो गई कि क्या किसी काल्पनिक कॉमिक्स या एनीमे के किरदारों के आक्रामक प्रतीकों को वास्तविक राजनीतिक आंदोलनों में लाना सही है.
आलोचकों का तर्क है कि चूंकि यह सिंबल नेपाल और इंडोनेशिया जैसे देशों में भारी हिंसा, सरकारी संपत्तियों में तोड़फोड़ और घातक झड़पों का हिस्सा रह चुका है, इसलिए भारत के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में इसे पहनने से आंदोलनों की छवि खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.
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