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चेक शर्ट से जुड़ी हैं दिलचस्प कहानियां, जानिए पहली बार कब और क्यों बनाया गया ये कपड़ा

कहते हैं चेक शर्ट पहली बार 16वीं शताब्दी के अंत और 17वीं शताब्दी की शुरुआत में बनाया गया. हालांकि, आठवीं शताब्दी में भी इसका उपयोग दिखता है.

कहते हैं चेक शर्ट का फैशन कभी नहीं जाता, यह हमेशा एवरग्रीन ही रहता है. आपने आज से 50 साल पहले बनी फिल्मों में भी नायक को चेक शर्ट पहने हुए देखा होगा और आप आज बनी फिल्मों में भी नायक को चेक शर्ट पहने देख सकते हैं. सबसे खास बात यह है कि चेक शर्ट पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी अच्छी लगती है और उन्हें भी अक्सर चेक शर्ट पहने देखा जा सकता है. हालांकि, क्या आप जानते हैं कि जिस चेक शर्ट को आप इतने शौक से पहनते हैं, उसका इतिहास क्या है और पहली बार इसे कब बनाया गया था?

पहली बार कब बनाया गया यह शर्ट

कहते हैं चेक शर्ट पहली बार 16वीं शताब्दी के अंत और 17वीं शताब्दी की शुरुआत में बनाया गया. हालांकि, आठवीं शताब्दी में भी इसका उपयोग दिखता है. आठवीं शताब्दी में स्कॉटलैंड के हाइलैंड कुल के लोग भी इस तरह के कपड़े पहनते थे. यह वूलेन चेक कपड़े थे. कहा जाता है कि 1746 में जब अंग्रेजों ने स्कॉटलैंड के इस कुल को अंग्रेजी सरकार के खिलाफ विद्रोह करते हुए पाया तो उन्होंने इनके पारंपरिक ड्रेस को पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया. हालांकि, बाद में 1782 के आसपास जब यह प्रतिबंध हटा तो स्कॉटलैंड ने इस कपड़े को अपना राष्ट्रीय पोशाक बना लिया. वहां इसे टार्टन कहते हैं.

पहली बार औद्योगिक तौर पर कब बना

औद्योगिक तौर पर देखें तो यह चेक शर्ट पहली बार 1850 में पेंसिलवेनिया के वूलरिच वूलन मिल्स में बना. यह एक वूलेन चेक शर्ट थी जो लाल और काले रंग से तैयार की गई थी. कहा जाता है कि इसके बाद यह डिजाइन लोगों को पसंद आने लगा और लोग इसका खूब इस्तेमाल करने लगे.

लड़कियों ने इसे कब पहनना शुरू किया

लड़कियों के चेक शर्ट पहनने की बात करें तो इसमें जो सबसे पहला नाम दिखाई देता है वह अमेरिकी एक्ट्रेस मर्लिन मुनरो का है. जब चेक शर्ट अमेरिका में बेहद लोकप्रिय हो गया और ज्यादातर लड़के यह शर्ट पहने दिखाई देने लगे तो लड़कियों में भी इसे लेकर दिलचस्पी जगी. मर्लिन मुनरो ने इसे पहन कर और भी ज्यादा लोकप्रिय कर दिया. जिसके बाद लड़कियों में भी इसका प्रचलन तेजी से बढ़ गया.

एक मत वेल्स को लेकर भी है

कुछ इतिहासकारों का मानना है कि चेक शर्ट जो वूलेन बनाया जाता था, उसकी शुरुआत 16वीं शताब्दी में वेल्स में हुई. कहते हैं कि यहीं से यह कपड़ा 17वीं और 18वीं शताब्दी में फ्रांस और जर्मनी पहुंचा. जिसके बाद 1869 के औद्योगिक क्रांति के दौरान यह अमेरिका पहुंच गया और वहीं से पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया.

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