एक्सप्लोरर

गैस सिलेंडर या पत्थरों से क्या वाकई पलट सकती है कोई ट्रेन? जानें क्या कहता है साइंस

अजमेर के सराधना और बांगड़ गांव स्टेशन के बीच 2 जगहों पर रेलवे ट्रैक पर सीमेंटेड पत्थर रखा मिला है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि क्या ट्रैक पर पत्थरों से कोई ट्रेन पलट सकती है.

कानपुर के बाद अब राजस्थान में ट्रेन पलटाने की साजिश रचने का मामला सामने आया है. राजस्थान के अजमेर जिले में रेलवे ट्रैक पर अलग-अलग जगह पर लगभग एक क्विंटल के सीमेंट ब्लॉक मिले हैं. इस तरह से एक मालगाड़ी को पलटने की साजिश रची गई. बताया जा रहा है कि लगभग एक किलोमीटर तक रेलवे ट्रैक पर सीमेंट ब्लॉक रखे गए हैं. इस मामले में एफआईआर दर्जकर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या वाकई गैस सिलेंडर और पत्थरों को रेलवे ट्रैक पर रख दिया जाए तो कोई ट्रेन पलट सकती है? चलिए जान लेते हैं.

गैस सिलेंडर और पत्थरों से पलट सकती है ट्रेन?

गैस सिलेंडर आमतौर पर भरी होती हैं और उनका वजन ज्यादा होता है. हालांकि, इनका वजन और प्रभावी बल इतना नहीं होता कि वे ट्रेन को पलट सकें. गैस सिलेंडर का ट्रेन पर प्रभाव तब होता है जब वो सीधे ट्रैक पर रखे जाएं और ट्रेन उनके ऊपर से गुजरे. यदि सिलेंडर ट्रैक पर ठीक से रखे गए हैं, तो उनका प्रभाव ट्रैक को नुकसान पहुंचा सकता है और इसकी संभावना रहती है कि ट्रेन पटरी से उतर जाए, लेकिन सीधे तौर पर ट्रेन को पलटने की संभावना बहुत कम होती है.

वहीं पत्थरों का प्रभाव भी इसी तरह से समझा जा सकता है. यदि बड़े और भारी पत्थर ट्रैक पर रखे जाएं, तो वे ट्रैक की सतह को क्षति पहुंचा सकते हैं, जिससे ट्रेन के पटरी से उतरने का खतरा हो सकता है. लेकिन पत्थरों के कारण ट्रेन पलटने की संभावना भी कम ही होती है, क्योंकि ट्रेन की डिजाइन और निर्माण सामग्री इसे पलटने के लिए खासी मजबूत बनाती है.

यह भी पढ़ें: बारिश के लिए यहां मेंढक और मेंढकी की कराई जाती है शादी, जानिए क्या कहता है साइंस

सुरक्षा के उपाय

रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा के लिए कई तरह के उपाय और इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग किया जाता है. रेलवे ट्रैक पर नियमित सुरक्षा निगरानी और निरीक्षण होते हैं, जो किसी भी नुकसान पहुंचाने वाली चीज या बाधा को तुरंत पहचान सकते हैं और उसे हटा सकते हैं. ट्रैक और ट्रेन की संरचना को मजबूत करने के लिए कई तरह के सुधार और सुरक्षा उपाय किए जाते हैं. ये उपाय ट्रैक को सुरक्षित और स्थिर बनाए रखते हैं और ट्रेन के पलटने की संभावनाओं को कम करते हैं.

किस तरह हो सकती है दुर्घटना

हालांकि गैस सिलेंडर और पत्थर आमतौर पर ट्रेन पलटने का कारण नहीं बनते, लेकिन यदि ट्रैक पर बेवजह की वस्तुएं रोज रखी जाएं या ट्रैक में कोई गंभीर समस्या हो, तो इससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं. इन दुर्घटनाओं के प्रभाव को कम करने के लिए रेलवे प्रबंधन हमेशा सतर्क रहता है और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण करता है.

यह भी पढ़ें: 10 मंजिल की ऊंचाई तक बढ़ सकती है यह घास, जानें कहां-कहां होती है इनकी पैदावार?

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

केजरीवाल से कन्हैया तक, आंदोलन से निकलकर बड़े नेता बन चुके ये लोग
केजरीवाल से कन्हैया तक, आंदोलन से निकलकर बड़े नेता बन चुके ये लोग
मौत की सजा सुनाने के बाद जज क्यों तोड़ देते थे पेन की नोक, क्या थी वजह?
मौत की सजा सुनाने के बाद जज क्यों तोड़ देते थे पेन की नोक, क्या थी वजह?
क्या आप भी रिकॉर्ड करते हैं ऑफिस की बातें, ऐसे केस में कितनी सजा?
क्या आप भी रिकॉर्ड करते हैं ऑफिस की बातें, ऐसे केस में कितनी सजा?
कितनी मिलती है तिहाड़ जेल के जल्लाद को सैलरी, कौन देता है पैसा?
कितनी मिलती है तिहाड़ जेल के जल्लाद को सैलरी, कौन देता है पैसा?

वीडियोज

Jagadhatri:😮Jagadhatri मिशन के लिए तैयार, Shivay ने घर की देवी को सम्मान देकर भेजा मैदान में! #sbs
Bollywood News: कॉफ़ी विद करण का धमाकेदार आगाज, सलमान खान के बेबाक अंदाज ने शो पर लगाया तड़का! (15.10.26)
VIRAL ROBOT: नाबालिग से 'रोबोट' ने की दरिंदगी! धक्का दिया...हैरान कर देगी ये करतूत! |ABPLIVE
सजा-ए-मौत का नीला ड्रम!
CJP को भी 'हाइजैक' कर लेंगे राहुल ?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
देशद्रोही चंद पैसों के लिए बिके, भारत नहीं ‘बनाना रिपब्लिक’, BJP का पलटवार
देशद्रोही चंद पैसों के लिए बिके, भारत नहीं ‘बनाना रिपब्लिक’, BJP का पलटवार
नीला ड्रम केस: फांसी की सजा सुन साहिल-मुस्कान बेचैन! जेल में कैसी बीती पहली रात?
नीला ड्रम केस: फांसी की सजा सुन साहिल-मुस्कान बेचैन! जेल में कैसी बीती पहली रात?
अंकिता भंडारी केस: जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को न दें पदभार, राहुल की राष्ट्रपति को चिट्ठी
अंकिता भंडारी केस: जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को न दें पदभार, राहुल की राष्ट्रपति को चिट्ठी
'दृश्यम 3' 500 करोड़ के पार फिर भी 'हनुमान अंश' से रह गई पीछे, जानें 14वें दिन का कलेक्शन
'दृश्यम 3' 500 करोड़ के पार फिर भी 'हनुमान अंश' से रह गई पीछे, जानें 14वें दिन का कलेक्शन
'सचिन-कोहली की तरह वैभव सूर्यवंशी भी...', पूर्व सिलेक्टर के बयान ने चौंकाया
'सचिन-कोहली की तरह वैभव सूर्यवंशी भी...', पूर्व सिलेक्टर के बयान ने चौंकाया
टी पार्टी में राहुल गांधी का बड़ा बयान, बोले- 'डरें नहीं, अगले 10 महीने में...'
टी पार्टी में राहुल गांधी का बड़ा बयान, बोले- 'डरें नहीं, अगले 10 महीने में...'
'बंद करो, दफा हो जाओ...', प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, नेहा बोरा का ऐलान- ये आंदोलन नहीं रुकेगा
'बंद करो, दफा हो जाओ...', प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, नेहा बोरा का ऐलान- ये आंदोलन नहीं रुकेगा
13.38 लाख करोड़ का रिकॉर्ड डायरेक्ट टैक्स: पैसा कहां से आया, कहां गया और आम आदमी को क्या मिला?
13.38 लाख करोड़ का रिकॉर्ड डायरेक्ट टैक्स: जानिए सरकारी खजाने में पैसा कहां से आया, कहां गया
Embed widget