एक्सप्लोरर

वीचेन: 50 हजार से 50 करोड़ तक की सफलता का सफर!

Vechain: 'वीचेन' ने टिकाऊ और तकनीकी प्रगति के माध्यम से जैविक खेती प्रथाओं में क्रांति लाने के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता का संकेत दिया है. 'वीचेन' जैविक खेती उद्योग में एक अग्रणी शक्ति है.

योगदान का एक अलग ही महत्व होता है, चाहे वह किसी भी क्षेत्र का हो. कृषि... सिर्फ नाम ही नहीं, जीवन यापन का अभिन्न अंग है. इसके बिना मानव की कल्पना ही नहीं की जा सकती है.

ऐसे में 'वीचेन' का कृषि क्षेत्र में योगदान को नकारा नहीं जा सकता है. 'वीचेन' ने विधिता बनाए रखते हुए टिकाऊ एवं अग्रणी भूमिका निभाई है.

जैविक खेती उद्योग में 'वीचेन' ने बिलकुल नया और आधुनिक ढंग के प्रयोग के साथ, कृषि परिदृश्य को फिर से परिभाषित किया है. अपनी स्थापना के बाद से ही 'वीचेन' जैविक खेती प्रथाओं में स्थिरता, पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित रही है.

कृषि क्षेत्र में जैविक खेती का विशेष महत्व है. 'वीचेन' कृषि प्रोत्साहन में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है. जैविक खेती के माध्यम से अपने दूरदर्शी नजरिए के चलते कृषि परिदृश्य को पुनः परिभाषित करते हुए, बढ़ावे के साथ मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहे, का ख्याल रखा है.

'वीचेन' ने 2012 में एक प्लांट स्थापित किया. केचुआ पालन, गोबर, सूखे एवं हरे पत्ते, आदि से जैविक खाद की तैयारी का प्लांट. कृमि खाद का विस्तार किया, एवं उत्पादन के लिए रणनीतिक साझेदारी बनाई. 'हरिकेन कैशवेन्ट' और 'इथेनॉल प्रोसेस' कम्पनी के सहयोग से टिकाऊ, जैविक उत्पाद निर्माण में शुरुआती कदम उठाया.

भारत भर में अलग अलग किसानों के साथ साझेदारी की है. जिससे जैविक खेती प्रथाओं के प्रति किसानों को मजबूत किया जा सके. इससे 'वीचेन' के उत्पाद समृद्ध हुए हैं, और बाजार उपस्थिति को मजबूत किया है.

2015 में 'वीचेन' ने 'एम्ब्रोसिया ओग्रेनिक' के साथ मिलकर तकनीकी नई कार्य पद्धति से, अपने परिचालन के माध्यम से कृषि पद्धतियों को बढ़ाना था. 2016 में व्यक्तिगत घरों को सुविधाजनक पैक में कार्बनिक पदार्थों का मिश्रण की आपूर्ति करके, 'वीचेन' ने घरेलू बागवानी और जैविक रोपण की बढ़ती मांग को पूरा किया.

2020 में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ जब 'वीचेन' ने कृमि खाद तकनीक को अपने संचालन में एकीकृत किया, जिससे फलस्वरूप कृषि अगले डिजिटल स्तर पर पहुँच गई. इससे उपभोक्ता का विश्वास और संतुष्टि मजबूत हुई.

'वीचेन' ने बिलकुल नया आधुनिक ढंग का, आपूर्ति बिलिंग सॉफ्टवेयर पेश करके, प्रमाणीकरण, बारकोड तकनीक को लागू करके, परिचालन दक्षता और उत्पाद अखंडता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इसका श्रेय संस्थापक जर्नादन खोराते को जाता है. जिनके मेहनत लगन व अथक प्रयासो का परिणाम स्वरूप नाम है 'वीचेन'.

2021 तक 'वीचेन' ने हजारों किसानों को जैविक खेती तकनीकों से जोड़ा और प्रशिक्षित किया, जिससे इसके सामुदायिक प्रभाव का काफी विस्तार हुआ. 2023 में 'वीचेन' ने ट्रेडमार्क के द्वारा ब्रांड सुरक्षा और मान्यता की दिशा में सक्रिय कदम उठाए, जिससे जैविक खाद बाजार में इसकी वृद्धि और स्थापना को बल मिला.

2024 की ओर देखते हुए, 'वीचेन' ने अधिकारिक कम्पनी गठन के लिए तैयार है, जो टिकाऊ और तकनीकी प्रगति के माध्यम से, जैविक खेती प्रथाओं में क्रांति लाने के लिए, अपनी अटूट प्रतिबद्धता का संकेत देता है. 'वीचेन' जैविक खेती उद्योग में एक अग्रणी शक्ति है.

डिस्क्लेमर: एबीपी नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड/या एबीपी लाइव किसी भी तरह से इस आर्टिकल के कटेंट या यहां व्यक्त किए गए विचारों के लिए जिम्मेदार नहीं है. पाठकों को अपने विवेक का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.

और पढ़ें

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
तनाव के बीच यूएस की बमबारी से कितना पहुंचा नुकसान? तेहरान ने दिए ये चौंकने वाले आंकड़े
तनाव के बीच यूएस की बमबारी से कितना पहुंचा नुकसान? तेहरान ने दिए ये चौंकने वाले आंकड़े
'कल जितने भी समर्थक हैं वो सब...', सोनम वांगचुक के अनशन के बीच अभिजीत दीपके ने की ये अपील
'कल जितने भी समर्थक हैं वो सब...', सोनम वांगचुक के अनशन के बीच अभिजीत दीपके ने की ये अपील
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलने के लिए तैयार, 15 दिनों की मिली मोहलत
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलने के लिए तैयार, 15 दिनों की मिली मोहलत
Tom Cruise से IShowSpeed तक, FIFA वर्ल्ड कप की क्लोजिंग सेरेमनी में दिखेगा इन ग्लोबल स्टार्स का जलवा
Tom Cruise से IShowSpeed तक, FIFA वर्ल्ड कप की क्लोजिंग सेरेमनी में दिखेंगे ये ग्लोबल स्टार्स
आमिर खान की तीसरी शादी में क्यों नहीं पहुंचीं रीना दत्ता और किरण राव? दोस्त अमीन हाजी ने खोला राज
आमिर खान की तीसरी शादी में क्यों नहीं पहुंचीं रीना दत्ता और किरण राव? दोस्त अमीन हाजी ने खोला राज
Explained: 'सनातन ही समाजवादी' या 'चुनावी नाटक' का खेल! PDA से हटकर 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की ओर क्यों बढ़े अखिलेश यादव?
'सनातन ही समाजवादी' या 'चुनावी नाटक', PDA से हटकर सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर क्यों बढ़े अखिलेश यादव?
परिसीमन और महिला आरक्षण पर बदल गया नंबर गेम? मानसून सत्र में फिर बिल पेश करने की तैयारी
परिसीमन और महिला आरक्षण पर बदल गया नंबर गेम? मानसून सत्र में फिर बिल लाने करने की तैयारी
Video: पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर! जबड़ों में दबोचकर अजगर को जिंदा चबा गया खूंखार दरिंदा
पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर! जबड़ों में दबोचकर अजगर को जिंदा चबा गया खूंखार दरिंदा
Embed widget