Opinion: बंदूक की जगह किताब, अमन का पैगाम और जज्बा-ए-हिन्दुस्तान..., बहुत बदल गया कश्मीर

कश्मीर के बारामूला में युवा सेंटर पर डॉ. वर्तिका नंदा
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कश्मीर को देखना एकदम नए तरह का अनुभव था. इसलिए क्योंकि मैं ये देखना चाहती थी कि डर के माहौल में रहने वाला एक इलाका, जब उससे बाहर आने की कोशिश करता है तो क्या कुछ बदलाव होता है. एक वजह और देखती हूं








