कितनी तेज टक्कर पर खुलते हैं एयरबैग, कैसे करते हैं काम?
एयरबैग खुलना गाड़ी की रफ्तार पर नहीं, टक्कर की तीव्रता पर निर्भर करता है. जानिए, आखिर कितने झटके पर यह खुलता है, पलक झपकने से भी तेज कैसे फूलता है और किन हालात में नहीं खुलता.

कार में एयरबैग हमारी जान बचाने वाला सबसे अहम सुरक्षा सिस्टम माना जाता है. लेकिन कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि हल्की टक्कर में यह क्यों नहीं खुला या खुलने के लिए कितनी तेज टक्कर चाहिए. असल में यह पूरा सिस्टम सेंसर, कंप्यूटर और गैस के तालमेल से चलता है. इसे जानना, कार चलाने और कार में बैठने वाले, हर इंसान के लिए जरूरी है. आइए समझें कि एयरबैग कब खुलता है और कैसे काम करता है.
कितनी तेज टक्कर पर खुलता है एयरबैग
सबसे पहले यह समझें कि एयरबैग का खुलना गाड़ी की रफ्तार से ज्यादा टक्कर के झटके पर निर्भर करता है. आमतौर पर आगे के एयरबैग तब खुलते हैं, जब टक्कर इतनी तेज हो जैसे कार किसी ठोस दीवार से 8 से 14 मील प्रति घंटे यानी करीब 13 से 23 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टकराई हो. कुछ कंपनियां यह सीमा 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रखती हैं. यह सीमा हर गाड़ी में अलग होती है. अगर कार खड़ी कार से टकराए, तो उसे खुलने के लिए इससे कहीं ज्यादा रफ्तार चाहिए होती है.
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एयरबैग कैसे करता है काम
गाड़ी के आगे और जरूरी हिस्सों में सेंसर लगे होते हैं. टक्कर होते ही ये सेंसर झटके और उसकी तीव्रता को नापते हैं. यह जानकारी तुरंत एयरबैग कंट्रोल यूनिट यानी ECU को भेजी जाती है. अगर टक्कर तय सीमा से ज्यादा गंभीर हो, तो ECU एयरबैग खोलने का आदेश देता है. इसके बाद इनफ्लेटर में रासायनिक प्रक्रिया होती है और नाइट्रोजन गैस बनती है. यह गैस एयरबैग को गुब्बारे की तरह फुला देती है. यह सब लगभग 20 से 30 सेकंड में हो जाता है. एयरबैग में छोटे छेद होते हैं. शरीर के टकराते ही इनसे हवा निकल जाती है, ताकि दबाव न पड़े.
कब नहीं खुलता एयरबैग
कई बार टक्कर बड़ी लगती है, फिर भी एयरबैग नहीं खुलता. इसकी वजह यह है कि आगे के एयरबैग खास तौर पर सामने या हल्के तिरछे आगे वाले झटकों के लिए बने होते हैं. पीछे से टक्कर, गाड़ी पलटने या ज्यादातर साइड टक्कर में इनके खुलने की उम्मीद नहीं की जाती. अगर सिस्टम में खराबी हो और डैशबोर्ड पर एयरबैग की लाइट जल रही हो, तो भी एयरबैग काम नहीं करता.
एयरबैग के साथ इन बातों का रखें ध्यान
एयरबैग सीट बेल्ट का विकल्प नहीं है, बल्कि उसके साथ काम करने वाला अतिरिक्त सुरक्षा सिस्टम है. इसलिए गाड़ी चलाते समय और पीछे बैठे लोग भी बेल्ट जरूर लगाएं. डैशबोर्ड पर एयरबैग की चेतावनी लाइट जले, तो गाड़ी को जल्दी सर्विस सेंटर में दिखाएं.
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