जो पूर्णतः गौर वर्ण और अत्यंत शांत स्वभाव की हैं.
प्रतीक माना जाता है; इनका वाहन वृषभ (बैल) है.
पाप धुल जाते हैं और जीवन की कठिन राहें आसान हो जाती हैं.
पंचामृत का विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है.
भोग लगाना अत्यंत शुभ और सुख-समृद्धि प्रदायक माना जाता है.
मां का रूप मानकर भोजन कराया जाता है और उपहार दिए जाते हैं.
जैसे मंत्रों के जाप से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
उत्साह और जीवन में संतुलन लाने वाला माना जाता है.
वातावरण पवित्र होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं.
बल्कि रिश्तों में मधुरता और वैचारिक स्पष्टता भी आती है.