जो माँ स्कंदमाता को समर्पित है.
जो देवताओं के सेनापति माने जाते हैं.
बाल रूप में स्कंद देव को धारण किए हुए नजर आती हैं.
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:21 से 1:09 तक रहेगा.
माँ की प्रतिमा को गंगाजल से शुद्ध करके करनी चाहिए.
मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए.
इसलिए उन्हें इसी का भोग लगाना शुभ होता है.
दुर्गा चालीसा का वाचन भक्तों को विशेष लाभ देता है.
भक्तों को संतान सुख, ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
निडरता और सुरक्षा का संचार करता है.