इसमें नहाय-खाय, खरना, डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा होती है.
ये योग व्रती के लिए अत्यंत लाभकारी रहेंगे.
सुख और समृद्धि का दोगुना फल प्राप्त होता है.
28 नवंबर को सुबह 7 बजकर 59 मिनट पर समाप्त होगी.
यह छठ पूजा का अंतिम और सबसे शुभ दिन होता है.
इस योग में सूर्य देव की उपासना करने से विशेष फल मिलता है.
और घर में सुख-शांति बढ़ती है.
उसके बाद तैतिल करण का आरंभ होगा. दोनों करण शुभ माने जाते हैं.
प्रभाव से यह छठ पर्व और भी पवित्र और फलदायी बन जाएगा.