तारा के रूप और गुणों से अत्यधिक प्रभावित हो गए थे.
बहुत बुद्धिमान व सुंदर मानी जाती थीं.
आकर्षण बढ़ने लगा और वे एक साथ रहने लगे.
तो उन्होंने तारा को वापस मांगा और विवाद बढ़ गया.
तारा को बृहस्पति देव को सौंप दिया गया.
और इसी गर्भ से एक अलौकिक बालक का जन्म हुआ.
जिन्हें चंद्र देव का पुत्र भी माना जाता है.
और तर्कशक्ति के प्रतीक माने जाते हैं.
व्यापार और शिक्षा का कारण ग्रह कहा गया है.
बल्कि ग्रहों के बीच संबंधों और संतुलन का प्रतीक भी है.