मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र आज के समय में औरंगाबाद के खुल्दाबाद नगर में स्थित है. औरंगाबाद का आधिकारिक नाम छत्रपति संभाजी नगर है.



औरंगजेब की कब्र के केयर टेकर मोहम्मद नासिर अहमद बताते हैं कि कब्र मिट्टी की बनी है और उसके ऊपर एक पौधा लगाया गया है.



उन्होंने बताया कि पहले कब्र के आस-पास मिट्टी का फर्श और लकड़ी की जाली थी.



नासिर अहमद ने बताया कि ब्रिटिश शासन में भारत के वायसराय रहे लॉर्ड कर्जन की जिद्द पर 1921 में कब्र के चारों तरफ संगमरमर लगा दिया गया.



नासिर अहमद ने यह भी बताया कि साल में एक बार कब्र पर उर्स होता है.



हर दिन ईशा की नमाज के बाद कब्र को बंद कर दिया जाता है और फजर की नमाज के बाद इसे फिर से खोला जाता है.



औरंगजेब की मृत्यु 1707 में हुई, उन्हें उनकी इच्छा के अनुसार वहीं दफनाया गया जहां उनकी मौत हुई थी.



औरंगजेब की ख्वाहिश थी कि उनकी कब्र पर कोई मकबरा न बने इसलिए इसे साधारण रूप में ही रखा गया.



यह कब्र ख्वाजा सैय्यद जैनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के पास स्थित है.



आज भी दूर-दराज से लोग इस कब्र को देखने आते हैं.