मुगलकाल में जहां शासक की बेगमें, रखैल और सेविकाएं रहती थीं, उस जगह को हरम कहते थे.



मुगल शासक अकबर के हरम में सबसे ज्यादा महिलाएं थीं.



वह अपने बड़े साम्राज्य और मजबूत शासन के लिए जाने जाते थे.



उनके हरम में अलग-अलग धर्मों और समुदायों की महिलाएं रहती थीं.



अकबरनामा में अबू फजल लिखते हैं कि अकबर के हरम में करीब 5000 महिलाएं थीं.



इनमें मुस्लिम, हिंदू, राजपूत और कुछ ईसाई महिलाएं भी शामिल थीं.



हरम में महिलाएं अलग-अलग पदों पर होती थीं, जिनमें मलिकाएं, बिना शादी रखी गई महिलाएं और शाही परिवार की अन्य स्त्रियां शामिल थीं.
.



हरम की महिलाओं का दर्जा उनके ओहदे और शाही परिवार से रिश्ते पर निर्भर करता था.



हरम की मलिकाएं अपने ऐशो आराम के लिए दासियां रखती थीं. कोई दस रखती थी तो कोई बीस.



महिलाओं को शाही सुविधाएं दी जाती थीं, जैसे सोने-चांदी से जड़े बिस्तर और बर्तन.