बिहार बोर्ड
बिहार बोर्ड को आधिकारिक रूप से Bihar School Examination Board (BSEB) कहा जाता है, जो राज्य की सबसे प्रमुख शैक्षणिक संस्था है. बिहार बोर्ड की स्थापना 1952 में हुई थी और इसका मुख्यालय पटना में है. बिहार बोर्ड का मुख्य कार्य राज्य में माध्यमिक (कक्षा 10) और उच्च माध्यमिक (कक्षा 12) स्तर की परीक्षाओं का आयोजन करना, पाठ्यक्रम तय करना और समय पर परिणाम घोषित करना है. बिहार बोर्ड देश के उन शिक्षा बोर्डों में शामिल है, जो परीक्षाओं और परिणामों को लेकर सबसे अधिक चर्चा में रहते हैं. हाल के वर्षों में बोर्ड ने परीक्षा प्रणाली में कई सुधार किए हैं. नकल पर सख्ती, परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, प्रश्न पत्रों की सुरक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने जैसे कदम उठाए गए हैं. इन सुधारों का उद्देश्य परीक्षा की विश्वसनीयता को मजबूत करना और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाना है. बिहार बोर्ड की बड़ी खासियत यह है कि यह देश में सबसे पहले कक्षा 10 और 12 के परिणाम घोषित करने की कोशिश करता है. समय पर रिजल्ट जारी होने से छात्रों को आगे की पढ़ाई और करियर की योजना बनाने में सुविधा मिलती है. हर साल लाखों छात्र मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में शामिल होते हैं, जिससे यह बोर्ड देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्डों में गिना जाता है. यह बोर्ड अब डिजिटल होने की दिशा में भी तेजी से बढ़ रहा है. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, एडमिट कार्ड डाउनलोड, रिजल्ट पोर्टल और स्क्रूटनी जैसी सुविधाएं छात्रों के लिए आसान बनाई गई हैं. इसके अलावा वोकेशनल और स्किल-बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है.