बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट यानी 12वीं की वार्षिक परीक्षा आज 2 फरवरी से पूरे राज्य में शुरू हो गई है. सुबह से ही परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों की ओर निकल पड़े हैं. जो छात्र अभी घर से नहीं निकले हैं, उनके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र का गेट बंद कर दिया जाएगा. इसलिए समय का पूरा ध्यान रखना जरूरी है, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो.

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बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है. पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू होगी, लेकिन इसके लिए परीक्षा केंद्र का मुख्य गेट ठीक 9:00 बजे बंद कर दिया जाएगा. यानी परीक्षार्थियों को 9:00 बजे से पहले ही केंद्र में प्रवेश करना होगा. वहीं दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शुरू होगी, जिसके लिए 1:30 बजे गेट बंद कर दिया जाएगा. बोर्ड ने साफ कहा है कि निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

पूरे राज्य में बनाए गए 1762 परीक्षा केंद्र

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इंटरमीडिएट परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने पूरी तैयारी की है. राज्य के सभी 38 जिलों में कुल 1762 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. इसके साथ ही हर जिले में चार-चार मॉडल परीक्षा केंद्र भी तैयार किए गए हैं. इस तरह पूरे बिहार में कुल 152 मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जो इस परीक्षा की एक खास व्यवस्था मानी जा रही है.

मॉडल परीक्षा केंद्र सिर्फ छात्राओं के लिए

बोर्ड की ओर से बनाए गए मॉडल परीक्षा केंद्रों पर केवल छात्राओं को ही परीक्षा देने की अनुमति दी गई है. इन केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को खास तौर पर मजबूत किया गया है. महिला परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां महिला पुलिस, महिला निरीक्षक और अलग से निगरानी की व्यवस्था की गई है. बोर्ड का कहना है कि इससे छात्राएं बिना किसी डर के परीक्षा दे सकेंगी.

13 फरवरी तक चलेगी इंटरमीडिएट परीक्षा

बिहार बोर्ड की 12वीं की यह वार्षिक परीक्षा 2 फरवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगी. इस परीक्षा में इस बार कुल 13 लाख 17 हजार 846 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं. इनमें 6 लाख 75 हजार 844 छात्राएं और 6 लाख 64 हजार 2 छात्र शामिल हैं. इतने बड़े स्तर पर परीक्षा होने के कारण प्रशासन और बोर्ड दोनों पूरी तरह सतर्क हैं.

पटना जिले में 84 केंद्र, 73 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी

राजधानी पटना की बात करें तो यहां कुल 73 हजार 963 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. इनमें 38 हजार 37 छात्राएं और 35 हजार 926 छात्र हैं. पटना जिले में इसके लिए कुल 84 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. जिला प्रशासन ने भी परीक्षा को लेकर पूरी तैयारी कर ली है और सभी केंद्रों पर जरूरी इंतजाम किए गए हैं.

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान पर पूरी तरह रोक

बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने परीक्षा को नकल मुक्त बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने साफ कहा है कि परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी. अगर कोई परीक्षार्थी इन चीजों के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ नकल का मामला दर्ज किया जाएगा और उसे परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा.

दो स्तर पर होगी जांच, हर हॉल में कैमरे

इस बार नकल रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत किया गया है. सभी परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की दो बार जांच की जाएगी. हर परीक्षा हॉल में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पूरे केंद्र की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है. इसके अलावा हर 25 छात्रों पर एक निरीक्षक की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके.

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