दुनियाभर में फेस रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का प्रसार: भारत क्या सीख सकता है?

ज्यादातर देशों में FRT के लिए अभी भी कोई अलग कानून नहीं है
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पहले कंप्यूटरों में लोगों को ही बताना पड़ता था कि क्या करना है. लेकिन अब कंप्यूटर खुद समझ सकते हैं कि उन्हें क्या करना है. ये समझने के लिए कंप्यूटरों को बहुत सारा डेटा दिया जाता है.
फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (FRT) की आजकल काफी चर्चा है. हाल के समय में फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भी दुनियाभर में तेजी से बढ़ा है. सरकारें FRT का उपयोग लोगों की पहचान करने के लिए








