एक्सप्लोरर

राजस्थान: पोता नहीं खोना चाहता था दादा की आखिरी निशानी, 40 साल पुराने झोपड़े को हाइड्रा क्रेन से किया शिफ्ट

Barmer Hut Shift: बाड़मेर जिले के सिणधरी गांव की करडाली नाडी में एक झोपड़ा पुरखाराम ने अपने पक्के मकान के पास शिफ्ट कराया है. पुरखाराम के मुताबिक झोपड़े को करीब 40 साल पहले उनके दादा ने बनाया था. 

Rajasthan Barmer Hut Shift: अपणायत के नाम से पहचान रखने वाला मारवाड़, यहां के निवासी अपने और अपनों के प्रति कितना सम्मान रखते हैं इससे जुड़े तमाम किस्से और कहानियां पहले भी सुनी होंगी. लेकिन, अपने बुजुर्गों की निशानी को संजोकर रखने का यहां का रिवाज आज भी अपने आप में गर्व महसूस करवाता है. देश-विदेश और शहरी क्षेत्र में तो आपने बिल्डिंग और मकानों को शिफ्ट होते देखा होगा, ये आम बात है लेकिन रेगिस्तान के धरती पर बने कच्चे झोपड़े (Hut) की शिफ्टिंग का मामला भी सामने आया है. 

हैरान हैं लोग 
झोपड़े की शिफ्टिंग के बारे में जो भी सुन रहा है वो हैरान हुए बिना नहीं रहता है. ऐसा इसलिए क्योंकि, क्योंकि कच्चे झोपड़े को शिफ्ट करना आसान नहीं है. अपने बुजुर्गों की निशानी को आज भी संजोए हुए सिणधरी के रहने वाले ग्रामीण ने बताया कि ये कच्चे झोपड़े एयर कंडीशन कमरों से कम नहीं होते हैं, इसमें हमारा बचपन गुजरा है इसलिए पक्के मकान में शिफ्ट करवाया जा रहा है. इस कच्चे झोपड़े को सुरक्षित रखने के लिए हाइड्रा मशीन की मदद से एक जगह से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है.

दादा ने बनाया था झोपड़ा 
बाड़मेर (Barmer) जिले के सिणधरी गांव की करडाली नाडी में ऐसा ही एक झोपड़ा पुरखाराम ने अपने पक्के मकान के पास शिफ्ट कराया है. पुरखाराम के मुताबिक झोपड़े को करीब 40 साल पहले उनके दादा ने बनाया था, लेकिन इसकी नींव कमजोर हो रही थी. झोपड़ा बिखरे नहीं इसलिए उसको हाइड्रा क्रेन की मदद से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है. अब इस झोपड़े की नींव मजबूत हो गई है. झोपड़े की छत मरम्मत करने के बाद ये आने वाले 30-40 वर्षों तक सुरक्षित रहेगा.

गर्मी से मिलती है राहत 
पुरखाराम ने बताया कि अगर समय-समय पर इसकी मरम्म्त होती रहे तो ये 100 साल तक सुरक्षित रह सकता है. झोपड़े को शिफ्ट करने के पीछे जो प्रमुख कारण हैं उनमें पहला ये कि अब इसको बनाने वाले लोग कम ही हैं. इसलिए, इसे सहजने और अपने पूर्वज की विरासत को संभालने के शिफ्ट किया गया है. हाइड्रा क्रेन से शिफ्ट करने में सिर्फ 6 हजार रुपए लगते हैं तो वहीं नया झोपड़ा बनाने में 80 हजार रुपए की लागत आ जाती है. उनका कहना है कि युवा अब लकड़ी और मिट्टी के झोपड़े तो नहीं बनाना जानते लेकिन बुजुर्गों के हाथ से बनाया आशियाना संभालकर रख रहे हैं. पुरखाराम का कहना है कि अभी पक्का मकान बना दिया है, लेकिन रेगिस्तान में पड़ने वाली गर्मी को देखते हुए झोपड़े को पक्के मकान से करीब 80 मीटर की दूरी पर पेड़ के नीचे शिफ्ट किया है. गर्मी में इस तरह के झोपड़े एयर कंडीशन से कम राहत नहीं देते.


राजस्थान: पोता नहीं खोना चाहता था दादा की आखिरी निशानी, 40 साल पुराने झोपड़े को हाइड्रा क्रेन से किया शिफ्ट

2 से 3 महीनों में होते हैं तैयार 
पुरखाराम ने बताया कि बुजुर्गों की विरासत को संजोए रखने के लिए इसको घर के पास ही शिफ्ट किया गया है. आने वाली पीढ़ियां इस झोपड़े को देखें और बुजुर्गों को याद करें. गांवों में पक्के मकान तेज धूप और लू की वजह से तपते ज्यादा हैं. झोपड़े गर्मी में ठंडे रहते हैं, इस वजह से गांवों में आज भी लोग झोपड़ों को रखते हैं. एक झोपड़ा बनाने में 50 से 70 लोगों को लगना पड़ता है और 2 से 3 महीनों में ये बनकर तैयार होते हैं.
 
ऐसे बनता है झोपड़ा 
पुरखाराम बताते हैं कि, आज के युवाओं को झोपड़ा बनाना नहीं आता है और ना ही बनाने में रुचि रखते हैं. गांवों में जमीन से मिट्टी खोदकर, पशुओं के गोबर को मिलाकर दीवारें बनाई जाती हैं. इस मिट्टी की दीवारों के ऊपर बल्लियों और लकड़ियों से छप्परों के लिए आधार बनाया जाता है. आक की लकड़ी, बाजरे के डोके (डंठल), खींप, चंग या सेवण की घासों से छत बनाई जाती है. झोपड़े के अंदर का फर्श गोबर से बना होता है. दीवारें मिट्टी और गोबर को मिलाकर बनाई जाती हैं, फिर उसके ऊपर लकड़ी और लाठियों और घास फूस की छत बनाई जाती है.

ये भी पढ़ें:

राजस्थान के इस शहर में कोरोना पीक के करीब, तीसरी लहर में पहली बार संक्रमण दर 26 फीसदी से अधिक

Rajasthan: 31 जनवरी तक नहीं लगवाई वैक्सीन तो सार्वजनिक जगहों पर जाने और घर से निकलने पर होगी पाबंदी...आगे खुद पढ़ें  

करनपुरी गोस्वामी ABP NEWS की डिजिटल टीम के साथ बतौर रिपोर्टर जुड़े हुई हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 12 साल का अनुभव है और पिछले 10 सालों से वे एबीपी के साथ जुड़े हुए हैं. राजस्थान के जोधपुर संभाग से जुड़ी हर खबर पर इनकी नजर रहती है. इससे पहले करनपुरी इंडिया टीवी के साथ भी काम कर चुके हैं.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

श्रीगंगानगर: 15 अगस्त से पहले BSF कैंप में घुसा शख्स, मोबाइल में मिला PAK कनेक्शन!
श्रीगंगानगर: 15 अगस्त से पहले BSF कैंप में घुसा शख्स, मोबाइल में मिला PAK कनेक्शन!
जोधपुर: सीवरेज के गंदे पानी में छिपा मौत का गड्ढा! गिरा बाइक सवार परिवार
जोधपुर: सीवरेज के गंदे पानी में छिपा मौत का गड्ढा! गिरा बाइक सवार परिवार
NH-27 के पास होटल पर कैंपर सवार बदमाशों का हमला, लाठी-डंडों से युवक को पीटा
NH-27 के पास होटल पर कैंपर सवार बदमाशों का हमला, लाठी-डंडों से युवक को पीटा
जैसलमेर में 15 बच्चों को ले जा रही स्कूल बस बनी आग का गोला, डराने वाली तस्वीर
जैसलमेर में 15 बच्चों को ले जा रही स्कूल बस बनी आग का गोला, डराने वाली तस्वीर

वीडियोज

Sansani: एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की खतरनाक मिस्ट्री !
The Traitors 2 का नया Sneak Peek Out, Rhea Chakraborty से Mallika Sherawat तक दिखा बड़ा Drama
Lock Upp 2 की Success Party में Shreya Kalra का जलवा, Farhana Bhatt समेत सितारों ने बिखेरा Glamour
Salman Khan की Seven Dogs 21 August को India में रिलीज, Sanjay Dutt का होगा खास Cameo
Amruta Khanvilkar ने Divorce Rumours पर जताई नाराजगी, Legal Action की दी चेतावनी

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड की आशंका, 45 जगहों पर अलर्ट…, मैदान से पहाड़ तक आसमानी आफत
मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड की आशंका, 45 जगहों पर अलर्ट…, मैदान से पहाड़ तक आसमानी आफत
बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर
बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर
पुर्तगाल क्रिकेट टीम का हुआ एलान, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बना कप्तान
पुर्तगाल क्रिकेट टीम का हुआ एलान, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बना कप्तान
गोवा में पेंट हाउस, मुंबई में करोड़ों का बंगला, 100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर आया भारत का रिएक्शन, कहा- 'हम अपनी...'
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर आया भारत का रिएक्शन, कहा- 'हम अपनी...'
हमले को लेकर ममता बनर्जी का आया पहला रिएक्शन, कहा - 'मेरे सीने में...'
हमले को लेकर ममता बनर्जी का आया पहला रिएक्शन, कहा - 'मेरे सीने में...'
क्या है मून बेस प्रोग्राम, जिसके लिए NASA ने ISRO को किया इनवाइट?
क्या है मून बेस प्रोग्राम, जिसके लिए NASA ने ISRO को किया इनवाइट?
Embed widget