बिहार के सीएम और जेडीयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है. गुरुवार (5 मार्च) को अमित शाह की मौजूदगी में उन्होंने नामांकन दाखिल किया. अब सबस बड़ा सवाल है कि बिहार में अब नई सियासी तस्वीर क्या होगी? यानी सीएम कौन होगा, डिप्टी सीएम कितने होंगे और मंत्री कौन-कौन होंगे?

Continues below advertisement

बिहार में सरकार का फॉर्मूला

सूत्रों के मुताबिक, बिहार में अब बीजेपी का सीएम हो सकता है. जेडीयू से दो डिप्टी सीएम हो सकते हैं. गृह विभाग पर पेच फंस सकता है. मंत्रियों को लेकर सहमति बनाने की कोशिश हो रही है. अभी बिहार में गृह विभाग बीजेपी के पास है. नीतीश कुमार जब-जब सीएम रहे ये विभाग उन्हीं के पास रहा. लेकिन पिछली साल विधानसभा चुनाव के बाद नई सरकार बनी तो ये विभाग बीजेपी के पास गया और सम्राट चौधरी को कमान दी गई.

LIVE: बिहार की राजनीति से जुड़ी पल-पल की खबर के लिए यहां क्लिर करें

Continues below advertisement

बिहार विधानसभा की मौजूदा स्थिति?

NDA- 202

बीजेपी- 89जेडीयू- 85एलजेपीआर- 19हम- 5आरएलएम- 4

महागठबंधन- 41

आरजेडी- 25कांग्रेस- 6माले- 2सीपीएम- 1IIP- 1बीएसपी- 1 (महागठबंधन में नहीं)AIMIM- 5 (महागठबंधन में नहीं)

नई सरकार को मेरा मार्गदर्शन मिलेगा- नीतीश कुमार

राज्यसभा जाने के फैसले पर नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उनकी ये इच्छा थी कि वो संसद के उच्च सदन के सदस्य बने. उन्होंने कहा कि उनका संबंध भविष्य में भी बिहार से बना रहेगा और जो नई सरकार बनेगी उसको वो पूरा सहयोग और मार्गदर्शन देते रहेंगे.

नीतीश कुमार को कोई हाईजैक नहीं कर सकता- जेडीयू

इस बीच विपक्ष के दावों पर JDU नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार को कोई हाईजैक नहीं कर सकता है. उन्होंने कहा कि बिहार के लिए ये शानदार दूरदर्शन है. आधारभूत संरचना से लेकर, आम लोगों के जीवन की बेहतरी के लिए एक दूरदर्शी नेता के तौर पर नीतीश कुमार ने सोचा और उसे जमीन पर उतारा... नीतीश कुमार के योगदान की चर्चा दशकों तक होती रहेगी और ये फैसला उन्होंने लिया. कार्यकर्ताओं के लिए इस फैसले को आत्मसात करना बहुत सहज नहीं है लेकिन उन्होंने अपनी भावनाएं एक्स पर रखी हैं और निःसंदेह जब एक दृढ़निश्चयी नेता के तौर पर जब वे फैसले लेते हैं तो उस फैसले को अमलीजामा पहनाते हैं."

नीतीश का जाना तय! क्यों कोई ‘खेला’ मुमकिन नहीं, RJD भी खतरे में, आंकड़े बीजेपी के पक्ष में- जानिए कैसे?