Bihar CM Nitish Kumar: 'वोट किसी को भी मिले, सीएम BJP का ही होगा', बिहार में नई सरकार की चर्चा के बीच बोलीं प्रियंका चतुर्वेदी
Bihar CM Nitish Kumar RS Nomination: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं. उनके बाद बिहार का सीएम कौन होगा अब इस पर चर्चा शुरू हो गई है.

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बिहार में बुधवार को इस तरह की अटकलों से राजनीतिक हलचल तेज हो गई कि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्य में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री...More
बिहार के पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने कहा, "आज बिहार के दो प्रमुख नेता, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यसभा के लिए मनोनीत किए गए हैं. दोनों नेता राज्यसभा के कामकाज में प्रभावी योगदान देंगे. उन्होंने बिहार के विकास के लिए व्यापक रूप से काम किया है, विशेष रूप से महिलाओं, स्कूली बच्चों, सरकारी सेवाओं, बिजली और महिला सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित किया है. उनके योगदान की व्यापक रूप से सराहना की जाती है, और उनका मार्गदर्शन बिहार की राजनीति को प्रभावित करता रहेगा."
चिराग पासवान के सांसद अरुण भारती ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन दाखिल करने पर कहा, "नीतीश कुमार ने राज्यसभा में जाने की इच्छा व्यक्त की. NDA के सभी दलों ने इस बात को मानते हुए उनके आगे की यात्रा के लिए सभी ने मिलकर सहयोग किया. जंगलराज से निकालकर लाने वाले नीतीश कुमार का राज्यसभा में जाना एक युग का अंत तो दूसरे युग की शुरुआत है. हम उन्हें इसके लिए बधाई देते हैं."
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने पर शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “जिस तरह जनता ने उन्हें इतने वर्षों तक अपना नेता माना और उन पर इतना भरोसा किया कि उन्हें वोट दिया, यह चुनाव भी उनके नेतृत्व के आधार पर लड़ा गया. सत्ता विरोधी लहर के बावजूद, वे फिर से मुख्यमंत्री बने क्योंकि लोगों ने उन्हें वोट दिया, लेकिन भाजपा ने एक ऐसी रणनीति अपनाई है, जिसमें वोटों का नतीजा चाहे जो भी हो, मुख्यमंत्री हमेशा भाजपा से ही होगा. वे ऐसी चालें या तो पार्टियों को तोड़ने के लिए या ऐसे फैसले लेने के लिए इस्तेमाल करते हैं जिससे उनका ही हित सुनिश्चित हो.”
RLM चीफ उपेंद्र कुशवाहा ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है, "तेजस्वी यादव क्या क्या आरोप नीतीश कुमार पर लगाते थे? उन्हें जलील करने वाली बात करते थे. कहते थे कि मुख्यमंत्री बीमार हैं, अचेत हैं और उन्हें सीएम नहीं रहना चाहिए. अब कह रहे हैं कि बीजेपी ने उन्हें हाईजैक कर लिया है. नीतीश कुमार को कोई हाईजैक नहीं कर सकता है. नीतीश कुमार ने अपनी मर्जी से फैसला लिया है, यह उनका खुद का फैसला है."
नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा जाने की घोषणा के बाद बीजेपी सांसद भीम सिंह ने कहा, "नीतीश कुमार जी हमारे नेता हैं, उन्होंने बिहार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. अब उन्होंने एक नई भूमिका निभाने का फैसला किया है. हम उनके इस निर्णय का स्वागत करते हैं."
बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर चर्चा तेज हो गई है. सूत्रों की मानें तो सीएम कौन होगा, इस पर भी राय शुमारी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा - मैं BJP और JDU के नेताओं और कार्यकर्ताओं से, बिहार के मतदाताओं से पूछना चाहता हूं - “25 से 30, फिर से नीतीश” क्या हुआ इस नारे का? क्या 2030 आ गया? आज बिहार में एक चुने हुए मुख्यमंत्री को जबरदस्ती, षड्यंत्र के तहत सत्ता से बेदखल किया जा रहा है. यह षड्यंत्र भाजपा और जदयू के कुछ नेताओं ने मिलकर रचा है. मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के साथ भी इन लोगों ने खिलवाड़ किया है. इसे लेकर कांग्रेस पार्टी, राहुल जी और हम सबने बार-बार लोगों को आगाह किया था .
रोहिणी आचार्य ने लिखा- सियासी जल्लादों के प्रेम में बेचारे चाचा जी कुछ ऐसे फंसे न इज्जत बची , न नेम -प्लेट पर मुख्यमंत्री का नाम देख रहे हम सब ज्यादा पलटी मारने से हासिल हुआ मुकाम मुझे तो कोई अचरज नहीं , मुझे मालूम था ' ये अंजाम '
नामांकन के बाद नितिन नवीन ने लिखा कि आज राज्यसभा के लिए नामांकन प्रस्तुत करते हुए मन स्वाभाविक रूप से उस लंबी यात्रा को याद कर रहा है, जिसे हमने आप सबके साथ मिलकर तय किया है. मुझे पटना पश्चिम (बांकीपुर) की जनता ने हाथ पकड़कर चलना सिखाया है. पिछले दो दशकों से अधिक समय से आपने जो विश्वास और स्नेह दिया है, उसी के बल पर मुझे बिहार सरकार में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य और समाज की सेवा करने का अवसर मिला, जिसे मैंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास किया है. चाहे श्रीरामनवमी की भव्य शोभायात्रा की तैयारियाँ हों, आस्था के पर्वों की व्यवस्था हो, या बांकीपुर के विकास से जुड़े संकल्प, हर कदम पर मैंने स्वयं को आप सबके विश्वास का प्रतिनिधि मानकर कार्य किया है. आज राज्यसभा के लिए नामांकन करते हुए मन में वही जिम्मेदारी और सेवा का संकल्प है. मैं विश्वास दिलाता हूँ कि बांकीपुर की जनता के साथ मेरा यह आत्मीय संबंध आगे भी इसी विश्वास और समर्पण के साथ बना रहेगा, और हम सब मिलकर विकसित बिहार के संकल्प को आगे बढ़ाते रहेंगे. आपका विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है.
JDU नेता राजीव रंजन प्रसाद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट पर कहा, "बिहार के लिए ये शानदार दूरदर्शन है. आधारभूत संरचना से लेकर, आम लोगों के जीवन की बेहतरी के लिए एक दूरदर्शी नेता के तौर पर नीतीश कुमार ने सोचा और उसे जमीन पर उतारा... नीतीश कुमार के योगदान की चर्चा दशकों तक होती रहेगी और ये फैसला उन्होंने लिया. कार्यकर्ताओं के लिए इस फैसले को आत्मसात करना बहुत सहज नहीं है लेकिन उन्होंने अपनी भावनाएं एक्स पर रखी हैं और निःसंदेह जब एक दृढ़निश्चयी नेता के तौर पर जब वे फैसले लेते हैं तो उस फैसले को अमलीजामा पहनाते हैं."
RJD से विपक्षी उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह ने नामांकन किया. इस दौरान तेजस्वी, राजद वरिष्ठ नेता भोला यादव समेत राजद के अन्य नेता थे. नामांकन में कांग्रेस, BSP और AIMIM के विधायक शामिल नहीं हुए.
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में आ रहे है.बिहार को हर तरह से नीतीश कुमार आगे ले जा रहे है.1977 के जेपी आंदोलन के नेता थे नीतीश कुमार .लंबे अरसे के बाद नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में आ रहे है. नीतीश कुमार ने अपने शासन काल में कोई भी भ्रष्टाचार नहीं किया है. नीतीश कुमार ने बिहार के गांव -गांव का विकास किया है. राज्यसभा के सांसद के तौर पर नीतीश कुमार दिल्ली आ रहे है एनडीए के सारे दल नीतीश कुमार का स्वागत करते हैं. नीतीश कुमार ने बिहार को जंगलराज से निकाला है.नीतीश कुमार पर एक भी दाग नहीं लगा है. आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिये नामंकन किया है.नीतीश का कार्यकाल बहुत अच्छा रहा है बिहार के लिये .नीतीश कुमार ने बिहार का विकास किया है.
गृहमंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा में नामांकन के बाद कहा कि नीतीश कुमार के दामन पर कोई दाग नहीं है. वह अब राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश कर रहे हैं.
तेजस्वी यादव के नीतीश कुमार को हाईजैक करने वाले बयान पर जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि नीतिश कुमार को कोई हाईजैक नहीं कर सकता है.
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ की तस्वीरें अपने एक्स हैंडल पर शेयर कीं. साथ ही कैप्शन में लिखा कि आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी के साथ पटना में शिष्टाचार मुलाकात की.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, "ये तो समझ नहीं आ रहा कि आपने चुनाव लड़ा, अपने चेहरे पर लड़ा, वोट बटोर लिए, जनता ने आपको चुनकर भेजा. नीतीश कुमार ने पहले भी कई बार अपना मन बदला है. कभी इस पाले में या कभी उस पाले में. अब सुनने में आ रहा है कि वे दिल्ली आ रहे हैं. जो कुछ भी हो रहा है ये जनता को धोखे में रख कर किया गया है. अगर आप 6 महीने पहले बोल देते कि आपको राज्यसभा में जाना है तो हो सकता है कि बिहार चुनाव के परिणाम कुछ और आते."
बिहार के सियासी घटनाक्रम पर तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बिहार में महाराष्ट्र मॉडल अपनाया जा रहा है अगर नीतीश कुमार हमारे साथ होते तो उनके साथ ऐसा नहीं होता.
आरजेडी नेता शक्ति सिंह यादव ने कहा 'एक मुख्यमंत्री जो 202 सीटें जीतकर सत्ता में आया था, उसे राज्यसभा जाने के लिए धकेला जा रहा है. अब वे नीतीश कुमार के बेटे को डिप्टी सीएम पद की कैंडी दिखा रहे हैं.'
राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा में नीतीश कुमार के नामांकन की प्रक्रिया जारी है. एनडीए के उम्मीदवारों का नामांकन हो रहा है. इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद हैं.
राज्यसभा चुनाव के नामांकन के लिए सीएम नीतीश,अमित शाह समेत तमाम एनडीए उम्मीदवार विधानसभा पहुंच गए हैं. उनके साथ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, सम्राट चौधरी, विजय सिंहामंगल पांडे अशोक चौधरी विजय चौधरी साथ में मौजूद हैं.
सीएम नीतीश कुमार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य एनडीए उम्मीदवार राज्य सभा में नामांकन के लिए विधानसभा पहुंचे. इस दौरान नितिन नवीन, सम्राट चौधरी, विजय सिंह, मंगल पांडे, अशोक चौधरी और विजय चौधरी भी साथ मौजूद हैं.
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर बीजेपी नेता प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, "हम सभी जानते हैं कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास राजनीति में विशाल अनुभव है. इस अनुभव के साथ उन्होंने लंबे समय तक बिहार का नेतृत्व किया और राज्य के विकास में योगदान दिया. अब जब वे राष्ट्रीय राजनीति में कदम रख रहे हैं, तो देश उनके अनुभव से लाभान्वित होगा."
गृह मंत्री अमित शाह, सीएम नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे हैं. कुछ देर में नीतीश कुमार नामांकन करेंगे.
तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र को खत्म कर रही है. बिहार की जनता सब देख रही है. नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं, तो उनके साथ सहानुभूति है. उनके भविष्य को लेकर आशा करेंगे कि वे स्वस्थ रहें. जेडीयू के कुछ नेताओं के खिलाफ नारेबाजी पर कहा - शुरू से कह रहा था कि हाईजैक हो रखे हैं. जो भी बीजेपी का सीएम बनेगा, वो रबर स्टैंप होगा. ये जनता के साथ धोखा है - आपने नारा दिया था कि 2025-30 फिर से नीतीश, लेकिन बीजेपी नीतीश जी को इतना टॉर्चर कर रही है
राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में बीजेपी ने महाराष्ट्र मॉडल लागू किया है. मैंने तो पहले ही कहा था कि यह होगा.
दिल्ली के जेडीयू नेता केसी त्यागी ने नीतिश कुमार पर कहा कि नीतिश युग का अंत कभी नहीं हो सकता है और नीतिश कुमार हमेशा याद किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि दोनों पार्टी मिलकर तय करेंगी कि मुख्यमंत्री कौन होगा और दोनों दल के नेता मुख्यमंत्री के विवाद को सुलझा लेंगे.
जेडीयू ऑफिस में कुछ कार्यकर्ता आक्रोशित हुए और उन्होंने खाने के टेबल को पलट कर अपनी नाराज़गी जताई. ये कार्यकर्ता नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से नाराज़ हैं.
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार के विकास के मुद्दे पर मेरा और नीतीश कुमार जी का मतभेद हमेशा रहा है. उनकी कई नीतियों का मैंने खुलकर विरोध किया है, क्योंकि मुझे लगता है कि उन फैसलों का खामियाजा बिहार की जनता, खासकर किसानों और युवाओं को भुगतना पड़ा है. लेकिन राजनीतिक असहमति के बावजूद उनके प्रति मेरी व्यक्तिगत संवेदना हमेशा रही है.
मैंने कई बार सार्वजनिक मंचों से कहा है कि जब हम दिल्ली में रहते थे तो नीतीश कुमार जी हमारे लिए लोकल गार्डियन थे. इसलिए आज जब उनके राजनीतिक जीवन के इस मोड़ को देखता हूँ तो मन में कई तरह के भाव आते हैं.
राज्यसभा जाना उनका निजी निर्णय हो सकता है, लेकिन बिहार की राजनीति को करीब से देखने वाला हर व्यक्ति समझ रहा है कि आज जो कुछ हो रहा है, उसमें केवल व्यक्तिगत इच्छा नहीं बल्कि कुछ लोगों का दबाव भी शामिल है. राजनीति में अक्सर ऐसा होता है कि जिस व्यक्ति ने एक दौर में व्यवस्था बनाई होती है, वही व्यक्ति अंत में उसी व्यवस्था का शिकार बन जाता है.
मेरी दिली इच्छा हमेशा यह रही कि 2006 में बिहार की कृषि मंडियों को समाप्त करने का जो फैसला वह लिए थे, उसे वापस वह स्वयं ले. क्योंकि उस फैसले ने बिहार के किसानों को बाजार से बेदखल कर दिया. किसान आज भी अपनी उपज को उचित मूल्य पर बेचने के लिए दर-दर भटकता है. यदि उस समय कृषि मंडियों को समाप्त करने के बजाय उन्हें मजबूत किया जाता, तो शायद आज बिहार का किसान इतना असहाय नहीं होता.
आपके एक फैसले ने बिहार के किसानों की कमर तोड़ दी, यह भी एक सच्चाई है जिसे इतिहास कभी नजरअंदाज नहीं करेगा.
फिर भी, राज्यसभा के लिए आपको मेरी ओर से शुभकामनाएं. राजनीति का यह भी एक सत्य है कि समय हर व्यक्ति का हिसाब लेता है और इतिहास अपने तरीके से न्याय करता है.
“वक्त का काम है चलना, वो चलता ही रहेगा,
सच के चेहरे से मगर पर्दा उठता ही रहेगा.”
खैर, बिहार को बर्बादी की राह पर धकेलने वाले एक अध्याय का बिहार से दिल्ली की ओर जाना कई लोगों को राहत देगा.
इतिहास में यह समय भी दर्ज होगा - कि फैसले किसने लिए थे और उनकी कीमत किसने चुकाई.
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार युग का अंत कभी नहीं हो सकता है. नीतीश कुमार हमेशा याद किये जाएंगे. उन्होंने ये भी कहा कि दोनों पार्टी मिलकर तय करेगें सीएम कौन होगा दोनों दल के नेता सीएम के विवाद को सुलझा लेगें.
तेजस्वी यादव थोड़ी देर में पटना के 10 सर्कुलर रोड पर प्रेस को संबोधित करेंगे.
गिरिराज सिंह ने कहा कि जैसे लोगों ने बताया कि वह चारों सदन में जाना चाहते थे. उन्हें कोई भेज नहीं सकता है, वह अपने मन से जा रहे हैं और जो नई सरकार बनेगी वह भी उनकी मर्जी से होगी.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “उन्होंने पहले भी राज्यसभा का हिस्सा बनने की इच्छा जताई थी। वे तीनों सदनों-विधान परिषद, विधान सभा और लोकसभा-के माध्यम से जनता की सेवा कर चुके हैं।”
राजद सांसद मनोज झा ने पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि नीतीश जी ने जो ट्वीट किया है, वह पटना में नहीं बल्कि दिल्ली में लिखा गया है. उनका कहना है कि यह ट्वीट बिहार में तैयार नहीं हुआ. मनोज झा ने यह भी कहा कि जदयू के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं और आरजेडी इस मुद्दे पर संघर्ष करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को “गायब” कर दिया है और पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े किए हैं.
बीजेपी विधायक संजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने स्वयं राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगला मुख्यमंत्री एनडीए का ही होगा. हालांकि मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा या नहीं, इस पर फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा. उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, वह सभी को स्वीकार होगा.
रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अपनों के साथ बार-बार बेवफाई करने का नतीजा आज उन्हें भुगतना पड़ रहा है और अपनी मौजूदा राजनीतिक स्थिति के लिए वे खुद जिम्मेदार हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि 28 जनवरी 2024 को महागठबंधन/इंडिया गठबंधन का साथ छोड़ते ही यह तय हो गया था कि भाजपा उन्हें अपने फैसलों के लिए मजबूर करेगी. रोहिणी आचार्य ने कहा कि कुर्सी से चिपके रहने की प्रवृत्ति के कारण नीतीश कुमार भाजपा के हाथों की कठपुतली बन गए हैं, जो सहयोगी दलों की राजनीतिक जमीन कमजोर करने के लिए जानी जाती है. महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के राजनीतिक घटनाक्रम का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बार-बार आगाह करने के बावजूद नीतीश कुमार भाजपा की गोद में चले गए. उनके अनुसार मौजूदा परिस्थितियां यह संकेत देती हैं कि नीतीश कुमार की सोचने-समझने की शक्ति कमजोर हो चुकी है और भाजपा ने उनकी कमजोर स्थिति का पूरा लाभ उठाया है.
राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘एक्स’ पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने बहुत कम समय में नीतीश कुमार और जदयू को राजनीतिक रूप से कमजोर कर दिया है. उन्होंने कहा कि जदयू के कई लोग भाजपा से मिले हुए हैं और बिहार के इतिहास में इसे राजनीतिक अपहरण के रूप में याद किया जाएगा. तिवारी ने यह भी कहा कि सहयोगी दलों के साथ भाजपा का रवैया अब खुलकर सामने आ रहा है, बिहार की राजनीति में कुछ भी संभव है और परिस्थितियां बेहद अनिश्चित हैं. उनके अनुसार जदयू के नेता और कार्यकर्ता आहत हैं तथा नीतीश कुमार को जबरन राजनीतिक तौर पर किनारे लगाने की कोशिश की गई है.
सीएम नीतीश कुमार ने लिखा कि पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है. आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है. इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है. संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ. इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूँ. मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा. जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा.
पटना में JDU MLA अश्वमेध देवी ने कहा कि नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं या नहीं, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने बताया कि पार्टी की ओर से उन्हें विधानसभा बुलाया गया है, क्योंकि जदयू के दो उम्मीदवार राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने वाले हैं. उसी सिलसिले में वह वहां पहुंची हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार ही लेंगे और उनका निर्णय सभी को स्वीकार होगा.
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि भगवान महावीर हनुमान मंदिर का उनके जीवन में विशेष स्थान है. आज मेरे लिए एक नई और विशेष शुरुआत का दिन है. मैंने प्रार्थना की कि ईश्वर उन्हें वही शक्ति दें, जिसके सहारे अब तक उनका जीवन आगे बढ़ता रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार उनके जीवन में एक खास स्थान रखता है और उनका क्षेत्र उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. कोई भी व्यक्ति अपनी जड़ों को छोड़कर महान नहीं बन सकता. उनका मानना है कि वह जहां भी रहें, उनका क्षेत्र और उनका बिहार उनके जीवन के हर क्षण में उनके साथ रहता है. हालांकि इस दौरान जब उनसे नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर सवाल किया गया तो वह चुप्पी साधे आगे बढ़ गए.
बीजेपी विधायक सुजीत पासवान विधानसभा पहुंचे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक सूचना नहीं है. जो भी फैसला होगा, वह स्वीकार्य होगा. उन्होंने यह भी कहा कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो मुख्यमंत्री किस पार्टी का होगा, यह कोई मुद्दा नहीं है. सुजीत पासवान ने बताया कि वह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नामांकन के सिलसिले में आए हैं. बीजेपी का मुख्यमंत्री होगा या नहीं, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
वहीं, यदि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की स्थिति में बिहार में भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनता है तो जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए कई नाम चर्चा में हैं. इनमें सम्राट चौधरी (कोइरी/कुशवाहा), विजय सिन्हा (भूमिहार), मंगल पांडे (ब्राह्मण) शामिल हैं, जो बंगाल प्रभारी भी हैं और उनके नाम को संभावित राजनीतिक लाभ से जोड़कर देखा जा रहा है. ओबीसी चेहरे के तौर पर नित्यानंद राय (यादव), विधायक संजय चौरसिया (ईबीसी), बिहार सरकार में मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी तथा जनक राम के नामों पर भी चर्चा हो रही है. सूत्रों के अनुसार, कुछ अन्य नामों पर भी अंदरखाने मंथन जारी है.
सूत्रों के मुताबिक, अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो जदयू से दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा है. संभावित नामों में निशांत कुमार (कुर्मी) शामिल हैं, हालांकि उन्हें संगठन में बड़ी भूमिका दिए जाने की भी संभावना जताई जा रही है. इसके अलावा विजय चौधरी (भूमिहार), जो नीतीश के करीबी माने जाते हैं, श्रवण कुमार (कुर्मी), अशोक चौधरी (दलित) और जमा खान के नामों पर भी मंथन जारी है. सूत्रों का कहना है कि कुछ अन्य नामों पर भी विचार-विमर्श चल रहा है.
सूत्रों के अनुसार राजद से राज्यसभा के लिए एडी सिंह नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं. बताया जा रहा है कि वह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मुलाकात के लिए 10 सर्कुलर रोड स्थित उनके आवास पहुंचे हैं, जहां संभावित उम्मीदवारी को लेकर चर्चा हो सकती है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच लोजपा (राम विलास) के नेता और सांसद अरुण भारती ने कहा कि सीएम नहीं बदलेगा.नीतीश कुमार ही सीएम रहेंगे.
कांग्रेस नेता राशीद अल्वी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी नीतीश कुमार को दिल्ली लाकर अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती है और वह दल तोड़ने की राजनीति करती है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को मंत्री बनाने और उनके बेटे को उपमुख्यमंत्री बनाने का लालच दिया गया है. रशीद अल्वी ने यह भी कहा कि बिहार में जदयू का ही मुख्यमंत्री होना चाहिए.
बिहार में जदयू कार्यकर्ता कृष्णा पटेल ने कहा कि नीतीश कुमार के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं. बिहार की जनता ने उन्हें 2025 से 2030 तक मुख्यमंत्री के रूप में चुना है. ऐसे में उन्हें राज्यसभा भेजने की क्या मजबूरी है? वह मुख्यमंत्री बने रहेंगे. हमारे नेता पहले भी नीतीश कुमार थे, आज भी हैं और आगे भी वही रहेंगे.
बीजेपी नेता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि जदयू की सूची अभी जारी नहीं हुई है, ऐसे में उससे पहले किसी तरह के कयास लगाना सही नहीं है. उन्होंने कहा कि फिलहाल नीतीश कुमार को लेकर जो अटकलें चल रही हैं, उनका जवाब जदयू के लोग ही देंगे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि निशांत कुमार की काफी मांग है.
योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि बिहार चुनाव के समय ही इस बात की चर्चा शुरू हो गई थी कि जब राज्यसभा चुनाव आएंगे तो नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में जाएंगे और अपने बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि इस बात की अटकलें हैं कि मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी का हो सकता है.
सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि वह कहां जाना चाहते हैं ये उनका निजी फैसला होगा.
दिल्ली में मनोज झा ने बिहार के सियासी घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार की राजनीति में “सर्जिकल स्ट्राइक” हो रहा है और जदयू के लोग अपने नेतृत्व को खत्म होते नहीं देखेंगे. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों पर कहा कि कल दोपहर के बाद अचानक यह चर्चा फैलनी शुरू हुई. अगर इस खबर में जरा भी सच्चाई है और यह महज अफवाह नहीं है, तो अपने आप में यह एक राजनीतिक अध्याय के अंत की कहानी कहती है.
पटना में मुख्यमंत्री आवास के बाहर उस समय हलचल मच गई जब हिलसा विधायक कृष्ण मुरारी शरण और बिहार सरकार के मंत्री जमा खान वहां पहुंचे. जैसे ही दोनों नेता सीएम आवास के पास पहुंचे, मौजूद कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ियों को घेर लिया, जिसके बाद दोनों नेताओं ने स्थिति को देखते हुए अपनी गाड़ी घुमाई और वहां से वापस लौट गए.
सूत्रों के मुताबिक, अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं और बिहार में भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनता है, तो जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कई नामों पर विचार किया जा सकता है. संभावित चेहरों में सम्राट चौधरी (कोइरी/कुशवाहा), विजय सिन्हा (भूमिहार) और मंगल पांडे (ब्राह्मण) शामिल हैं. मंगल पांडे इस समय बंगाल प्रभारी भी हैं, ऐसे में उनके नाम पर विचार को पश्चिम बंगाल में संभावित राजनीतिक लाभ से भी जोड़कर देखा जा रहा है. ओबीसी चेहरे के तौर पर नित्यानंद राय (यादव) का नाम चर्चा में है. इसके अलावा विधायक संजय चौरसिया (ईबीसी) और बिहार सरकार में मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी के नाम पर भी मंथन चल रहा है. सूत्रों का कहना है कि कुछ अन्य नामों पर भी अंदरखाने विचार-विमर्श जारी है.
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि यह नीतीश कुमार का व्यक्तिगत फैसला होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार ने ही इस पार्टी का निर्माण किया है और वे जहां जाने का निर्णय लेंगे, पार्टी के सभी लोग उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे. ललन सिंह ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को बना कर दिखाया है और राज्य के विकास में उनकी निर्णायक भूमिका रही है.
राजद MLC कोषाध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि जनादेश नीतीश कुमार के नाम पर NDA को मिला है. नीतीश के कारण जनता ने 200 से ज्यादा सीट NDA को दी. नीतीश को मुख्यमंत्री बने रहना चाहिए लेकिन BJP के जाल में फंस गए. BJP उनको ब्लू व्हेल मछली की तरह निगल गई. अपना सीएम बनाने के लिए. जाँच एजेंसियों का डर दिखाया जा रहा, कैग रिपोर्ट में बताया गया है कि 90,000 करोड़ का हिसाब नहीं. नीट छात्रा मौत मामले में बड़े नेताओं का नाम आ रहा. सृजन घोटाला का भी डर दिखाया जा रहा. नीतीश का समर्थन करना है या नहीं इस पर हमारा शीर्ष नेतृत्व विचार करेगा
लालू प्रसाद यादव के परिवार में राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर अंदरूनी द्वंद की चर्चा तेज है. सूत्रों के अनुसार, तेजस्वी यादव जहां प्रेम गुप्ता को राज्यसभा भेजने पर अड़े हुए हैं, वहीं आमतौर पर उनके कामकाज में सीधा हस्तक्षेप नहीं करने वाले लालू प्रसाद यादव ने इस प्रस्ताव पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है. बताया जा रहा है कि उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि ए बी सिंह को उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए. पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर गहन मंथन जारी है और अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व स्तर पर ही होगा.
राज्यसभा चुनाव को लेकर नामांकन से पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, "भगवान महावीर हनुमान मंदिर मेरी ज़िंदगी में एक खास जगह रखता है। आज मेरे लिए एक अनोखी शुरुआत है. भगवान मुझे उसी जज़्बे के साथ अपना सफ़र जारी रखने की ताकत दे जिसने अब तक मेरी ज़िंदगी को बनाया है. बिहार मेरी ज़िंदगी में एक खास जगह रखता है। मेरा इलाका मेरे लिए एक खास जगह रखता है, इसलिए पक्का कोई इंसान अपनी जड़ों को छोड़कर कभी बड़ा नहीं बन सकता. मेरा मानना है कि मैं जहां भी हूं, मेरा इलाका, मेरा बिहार, मेरी जिंदगी के हर पल में मेरे साथ है."
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की खबर के बाद सीएम आवास के बाहर जेडीयू कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं. कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर पहले यह फैसला होता तो हम भी चुनाव में अपना रास्ता खुद तय करते. उनका ये भी कहना है कि नीतीश कुमार के चेहरे पर एनडीए को जनादेश मिला है आज उस जनादेश का अपमान हो रहा है.
पटना में जदयू के नेता राजीव रंजन पटेल ने कहा कि यह घोखेबाजी हुआ है. हमलोग नीतिश कुमार के लिये वोट मांगे थे. नीतिश कुमार नहीं रहेंगे तो हमलोग रहकर क्या करेगें. कार्यकर्ता से राय नहीं ली गई. क्यों नीतिश कुमार के नाम पर चुनाव लड़ गया. उन्होंने कहा कि कल हमलोग के घर में होली नहीं मना है. नीतीश कुमार के अलावे हमें कोई नहीं चाहिए. कैसे कोई फैसला ले सकता है जनता ने नीतिश कुमार को वोट किया है.
बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने बताया कि 12 बजे के आस पास अमित शाह पटना आएंगे और करीब 1.30 से 2 बजे के बीच नामांकन होगा.
नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के साथ ही बिहार में नए सिरे से नई सरकार के गठन के फार्मूले पर मंथन शुरू हो जाएगा. अमित शाह नीतीश कुमार और एनडीए के अन्य नेताओं के साथ बैठक कर सकते हैं. बैठक में नई सरकार के गठन के फार्मूले पर चर्चा हो सकती है.
पटना में एक जेडीयू कार्यकर्ता ने कहा कि नीतीश कुमार को सीएम पद से हटाया जा रहा है यही सुनकर चिंतित हैं. अगर ऐसा हुआ तो पूरा बिहार गर्त में चला जाएगा. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया तो हम आंदोलन करेंगे और बिहार में कुछ भी घटना घट सकती है.
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच जेडीयू नेता ने बड़ा दावा कर दिया है. जेडीयू युवा पार्टी के कार्यकर्ता का कहना है, "ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनके पद से हटाया जा सकता है. पूरा राज्य चिंतित है, क्योंकि यह मुद्दा बिहार के भविष्य से जुड़ा है. उनके संभावित निष्कासन की खबरों ने होली के उत्सव को फीका कर दिया है. अगर नीतीश कुमार को हटाया जाता है, तो इससे पूरे बिहार में बड़ा आंदोलन छिड़ सकता है."
जनता दल (यूनाइटेड) के एमएलसी संजय गांधी ने कहा, "नीतीश कुमार जो भी फैसला लेंगे, हम उसका समर्थन करेंगे. हम बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का समर्थन करेंगे, भले ही वे राज्यसभा में जाएं."
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, "यह मेरे लिए काफी आश्चर्यजनक है. नीतीश कुमार एक प्रमुख नेता हैं. मान लीजिए कि वे राज्यसभा में प्रवेश करते हैं और मंत्रिमंडल में शामिल होते हैं. उनकी भूमिका क्या होगी? मुझे समझ नहीं आता कि वे ऐसा क्यों करेंगे, जब तक कि उन पर किसी तरह का दबाव न हो."
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में बीजेपी नेता आरपी सिंह ने कहा, "वे एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं और उम्मीद है कि वे अपना पद बरकरार रखेंगे. नितिन नवीन के राज्यसभा नामांकन दाखिल करने के अवसर पर अमित शाह बिहार दौरे पर हैं. नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने या मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के संबंध में जेडीयू से मुझे कोई जानकारी नहीं मिली है."
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, "बीजेपी की नीति पूर्ण सत्ता और अधिकार हासिल करने की रही है. वे बिहार पर पूर्ण नियंत्रण चाहते हैं. उनका मकसद नीतीश कुमार को राज्यसभा सीट देकर, उन्हें दिल्ली भेजकर और बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाकर उन्हें मात देना है. यह पूरी तरह संभव है."
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों पर बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, "बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही अंतिम फैसला लेंगे. बातचीत चल रही है, अंतिम निर्णय उन्हीं को लेना है." वहीं, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के बारे में उन्होंने कहा, "पार्टी के सभी नेता चाहते हैं कि वे राजनीति में सक्रिय हों और पार्टी की गतिविधियों में भाग लें."
AD सिंह राजद से विपक्ष के राज्यसभा उम्मीदवार होंगे. एडी सिंह कल नामांकन करेंगे. वे मौजूदा राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है. सूत्रों की मानें तो राजद की तरफ से औपचारिक घोषणा जल्द की जाएगी.
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच जदयू के कार्यकर्ता सीएम आवास के बाहर जुट गए हैं. जदयू कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी देखी जा रही है. जेडीयू कार्यकर्ताओं का कहना है कि षड्यंत्र के तहत नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति से दूर किया जा रहा है. शराब माफिया और जेडीयू के कुछ नेता सीएम नीतीश के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं. नीतीश कुमार अगर दिल्ली गए तो बिहार में महिला और उनके प्रशंसक जन आंदोलन करेंगे.
जनता दल यूनाइटेड के आधिकारिक एक्स अकाउंट से पोस्ट कर लिखा गया है, "मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना आज लाखों वृद्धजनों के लिए सहारे और सम्मान का पर्याय बन चुकी है. आज प्रत्येक पात्र वृद्ध को राज्य सरकार की ओर से ₹1100 मासिक पेंशन दी जा रही है. सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की यह गारंटी माननीय नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में नीतीश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है."
आरजेडी के शक्ति सिंह यादव का कहना है, "हमारा पुख्ता दावा है कि बीजेपी ने साइलेंट ऑपरेशन लोटस चलाकर नीतीश कुमार को पूरी तरह से घेर लिया है. उन्हें डरा-धमका कर जबरन राज्यसभा भेजा जा रहा है, ताकि कल को बीजेपी यह झूठा नैरेटिव गढ़ सके कि उन्होंने स्वेच्छा से पद छोड़ा. सत्ता हथियाने के लिए यह भाजपा का सबसे बड़ा और घृणित षड्यंत्र है, जिसमें मुख्यमंत्री को मोहरा बना दिया गया है."
राजद नेता का यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पूरी तरह से लाचार और बेबस हो चुके हैं. भारी मन से उन्होंने अपने करीबियों को बता दिया है कि मैं घिर चुका हूं, मेरी कुछ नहीं चल रही, मजबूरी में नॉमिनेशन कर रहा हूं वरना मेरे साथ कुछ भी हो सकता है. पूरी जदयू आज खौफ और मायूसी के दौर से गुजर रही है. यह एनडीए नहीं, बल्कि बिहार के इतिहास का सबसे शर्मनाक राजनीतिक अपहरण है.
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने एक्स पोस्ट कर रहा, "नीतीश कुमार से बेहतर NDA गठबंधन में दूसरा कोई CM का चेहरा नहीं. अगर नीतीश नहीं तो फिर निशांत को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए, BJP में तो जो भी दावेदार बताए जा रहे हैं, उनमें कोई बिहार के भविष्य के लिए सही साबित नहीं होंगे. निशांत सबसे शालीन, सभ्य, सुशील CM साबित होंगे!
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