बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं. नतीजों के बाद वह सीएम पद से इस्तीफा दे देंगे. वहीं उनके इस फैसले पर अब विपक्ष दल आरजेडी ने निशाना साधा है. राजद नेता और प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि इतना जल्दी बीजेपी ने नीतीश कुमार और जेडीयू को बर्बाद कर दिया है.
बिहार में राजनीतिक अपहरण हुआ- मृत्युंजय तिवारी
उन्होंने कहा, "जदयू के बहुत सारे लोग बीजेपी से मिले हैं. इतिहास में बिहार में राजनीतिक अपहरण हुआ है. सहयोगी दल के साथ बीजेपी का रवैया दिख रहा है. बिहार में कुछ भी हो सकता है. राजनीतिक संभावना कुछ भी है. जदयू के नेता और कार्यकर्ता रो रहे हैं. जबरन नीतीश कुमार को राजनीतिक तौर पर किनारे लगाया गया है."
नीतीश ने संसदीय जीवन की बताई इच्छा
बता दें राज्यसभा जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि पिछले दो दशक से अधिक समय से बिहार की जनता ने उन पर भरोसा बनाए रखा है और उसी भरोसे के बल पर उन्होंने राज्य की सेवा की है.
उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास और समर्थन की वजह से बिहार विकास और सम्मान के नए आयाम हासिल कर पाया है. इसके लिए उन्होंने जनता का आभार भी जताया.
नीतीश कुमार ने अपने संदेश में कहा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा थी कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें. इसी क्रम में वह इस बार राज्यसभा चुनाव में सदस्य बनने की इच्छा रखते हैं.
बता दें भाजपा की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश राम राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करेंगे. वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी एनडीए उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरने वाले हैं. विपक्ष की ओर से राष्ट्रीय जनता दल के एडी सिंह राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगे. उनका मौजूदा कार्यकाल समाप्त हो रहा है.