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Russia Ukraine War: क्या यूक्रेन पर रूस परमाणु या रासायनिक हथियार इस्तेमाल कर सकता है?

Russia Ukraine War: यूक्रेन के साथ युद्ध में चीजें रूस के पक्ष में नहीं जा रही हैं - और वह अभी तक उन उद्देश्यों को प्राप्त नहीं कर पाया है जिन्हें पहले कुछ दिनों में पूरा करने की योजना थी.

होबार्ट: यूक्रेन पर रूस के आक्रमण को लगभग तीन सप्ताह गुजर चुके हैं, यह कहना सुरक्षित है कि चीजें रूस के पक्ष में नहीं जा रही हैं - और वह अभी तक उन उद्देश्यों को प्राप्त नहीं कर पाया है जिन्हें पहले कुछ दिनों में पूरा करने की योजना थी.

रूस की प्रगति जितनी लंबी रुकेगी, उतनी ही उसकी कठोर कार्रवाई पर विचार करने की आशंका बढ़ती जाएगी, जिसमें संभवत: सामूहिक विनाश के हथियारों का उपयोग करना शामिल हो सकता है. यह करना उतना असंभव भी नहीं है.

सामूहिक विनाश के हथियारों का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जा सकता है?

रासायनिक शस्त्र
सामूहिक विनाश के जिस हथियार का इस्तेमाल होने की आशंका सबसे अधिक है वह रासायनिक हथियार है. रूस के पास कभी रासायनिक हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा भंडार था, जिसमें सरीन और वीएक्स जैसे तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाने वाले हथियारों से लेकर मस्टर्ड गैस और जहरीली गैस फॉस्जीन शामिल थे.

यद्यपि रूस ने 2017 तक अपने शस्त्रागार को नष्ट करने का दावा किया था, लेकिन 2018 और 2020 में हत्या के प्रयासों के दौरान तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाने वाले नोविचोक के उपयोग से पता चलता है कि उसके पास रासायनिक हथियार हैं, हालांकि मात्रा और प्रकार (नोविचोक से अलावा) अज्ञात हैं.

खबरों के अनुसार, अमेरिका और मित्र देशों को संदेह है कि रूस स्पष्ट तार्किक असंगति के बावजूद, यूक्रेन पर अपने हमले को सही ठहराने के लिए रासायनिक हथियारों के उपयोग से जुड़े एक झूठे अभियान को अंजाम देने की योजना बना सकता है (या ऐसा विचार कर सकता है).

हथियारों के इस्तेमाल के लिए यह बहाना बना सकता है रूस 
इस संदर्भ में, रूस एक रासायनिक हथियार हमला शुरू कर सकता है और यूक्रेनी सेना पर इसका दोष लगा सकता है, या अपनी सेना के एक छोटे भाग पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करके जवाबी कार्रवाई के तौर पर रासायनिक हमले के इस्तेमाल को ‘‘उचित’’ ठहरा सकता है. या वह ‘‘यूक्रेन के’’ रासायनिक हथियारों के भंडार का पता लगा सकता है और इसे आक्रमण को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल कर सकता है, जैसे अमेरिका ने दूसरे खाड़ी युद्ध में इराक पर आक्रमण को सही ठहराने के लिए सामूहिक विनाश के कथित हथियारों के दावे का इस्तेमाल किया था.

हालांकि यह अभी के लिए सभी अटकलें हैं, यह दर्शाता है कि यूक्रेन पर रासायनिक हथियारों का खतरा कैसे मंडरा रहा है. यदि रासायनिक हथियारों का उपयोग किया जाता है, तो प्रभाव भयानक होंगे - न केवल जीवन के नुकसान के संदर्भ में, बल्कि इसलिए भी कि प्रभावित क्षेत्र निर्जन हो जाएंगे.

कई रासायनिक हथियार पर्यावरण में बने रहते हैं. कुछ (विशेष रूप से तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाने वाले) के मामले में, त्वचा पर एक हलका सा स्पर्श सेकंडों या मिनटों में मौत का कारण बनने के लिए पर्याप्त है. प्रभावित क्षेत्रों को उनके प्रभाव से मुक्त करना बेहद कठिन और खतरनाक होगा.

फिलहाल, हमने रूसी सैनिकों को रासायनिक-खतरे वाले वातावरण में काम करने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपकरणों से लैस होते नहीं देखा है. इससे पता चलता है कि रासायनिक हथियारों का उपयोग आसन्न नहीं है.

सामरिक परमाणु हथियार
यहां प्रासंगिक एक अन्य सामूहिक विनाश का खतरा परमाणु हथियार हैं. (सामरिक और रणनीतिक दोनो) यह अनुमान है कि रूस के पास दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु शस्त्रागार है, जिसमें कुल 4,477 परमाणु हथियार हैं (जिनमें से 1,912 को सामरिक परमाणु हथियार माना जाता है).

सामरिक परमाणु हथियार युद्ध के मैदान में उपयोग के लिए होते हैं, जबकि रणनीतिक परमाणु हथियारों का उपयोग शहरों जैसे रणनीतिक लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए किया जाता है. व्यावहारिक रूप से, उनके बीच एकमात्र महत्वपूर्ण अंतर उन्हें दागने के तरीके का होता है.

सामरिक परमाणु हथियारों को कम दूरी के डिलीवरी सिस्टम जैसे तोपखाने, कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल या सामरिक विमान का उपयोग करके तैनात किया जाता है.

उनके फोकस को देखते हुए, उनके पास रणनीतिक हथियारों की तुलना में कम विस्फोटक क्षमता हो सकती है - लेकिन ऐसा होना जरूरी भी नहीं. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बमों की तुलना में अधिकांश आधुनिक सामरिक परमाणु हथियारों में कहीं अधिक विस्फोटक शक्ति है.

परिचालन रूप से, सामरिक परमाणु हथियार विरोधी खेमे में व्यापक, गहरे आघात लगाने में सक्षम होंगे. जैसे, वे यूक्रेनी रक्षा को भेद सकते हैं, या महत्वपूर्ण लक्ष्यों जैसे कि हवाई क्षेत्र या प्रमुख सामरिक क्षेत्रों को नष्ट करने का एक तरीका प्रदान कर सकते हैं.

हमले की तैयारियों का पता लगाना मुश्किल
ऐसे हमले की तैयारियों का पता लगाना मुश्किल होगा. रूस द्वारा उपयोग की जा रही कई हथियार प्रणालियां ‘‘दो तरह से सक्षम’’ हैं, जिसका अर्थ है कि वे पारंपरिक और परमाणु हथियार दोनो दाग सकते हैं.

हालांकि परमाणु हथियारों के उपयोग की संभावना नहीं है, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने परमाणु बलों की सतर्कता बढ़ा दी है, और संघर्ष में नाटो के हस्तक्षेप को रोकने के लिए रूस के परमाणु शस्त्रागार की ओर इशारा करते हुए इनके खतरों के बारे में बड़े खराब तरीके से बताया है.

रूस द्वारा परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का खतरा बढ़ सकता है, अगर पुतिन को लगे कि युद्ध में उन्हें सफलता नहीं मिल रही है या उनकी प्रगति पटरी से उतर रही है, हालांकि ऐसा होना बेहद मुश्किल है, लेकिन असंभव नहीं है.

यह अज्ञात है कि परमाणु हथियारों के प्रयोग पर पश्चिम की क्या प्रतिक्रिया होगी. वैसे ऐसा होने पर उनका आक्रोश जताना जायज होगा, लेकिन यह उनके युद्ध में आगे भागीदारी को रोक सकता है क्योंकि वह किसी भी कीमत पर पूर्ण पैमाने पर परमाणु संघर्ष को न्यौता देना कभी नहीं चाहेंगे.

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