संसद में दिए गए बयान को कोर्ट में चुनौती क्यों नहीं दी जा सकती?

संसद में दिए गए बयानों पर संविधानिक सुरक्षा के तहत कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता
Source : PTI
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 105 में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि संसद के दोनों सदनों, उनके सदस्य और समितियां अपने कार्यों को अंजाम देने में स्वतंत्र और सुरक्षित होंगे.
भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद का महत्व अत्यधिक है, क्योंकि यह देश का सर्वोच्च विधायिका संस्थान है जो न केवल कानून बनाता है, बल्कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा भी करता है. संसद में








