एक्सप्लोरर

Election Result 2023: ये हैं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना में सीएम पद के दावेदारों की सूूची, जानिए किसका दावा कितना मजबूत

Assembly Election 2023: मध्य प्रदेश में विधानसभा की 230 सीटों के लिए, छत्तीसगढ़ में 90 के लिए, राजस्थान में 199 सीटों के लिए और तेलंगाना में 119 विधानसभा सीटों के लिए अलग-अलग समय में मतदान हुए हैं.

Assembly Election 2023 News:  मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना के लोगों का लंबा इंतजार खत्म हो चुका है और वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है. देर रात तक यह भी साफ हो जाएगा कि किसी कितनी सीटें मिलीं. इसके बाद मुख्यमंत्री पद की दौड़ शुरू होगी. बहुमत पाने वाली पार्टी एक नेता तय कर उसे सीएम बनाएगी.

इस बार हर राज्य में सीएम के चयन में काफी जद्दोजहद होगी. दरअसल, बीजेपी ने इस बार किसी भी राज्य में सीएम फेस की घोषणा नहीं की थी. पार्टी ने पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा और कहा गया था कि पार्टी के जीतने के बाद सीएम चुना जाएगा. वैसे बीजेपी की तरफ से कई चेहरे इस रेस में हैं. इसके अलावा कांग्रेस में भी कुछ राज्य में कई दावेदार हैं. आइए जानते हैं किस राज्य में कौन है सीएम पद का दावेदार.

मध्य प्रदेश में ये हो सकते हैं सीएम पद के दावेदार

1. शिवराज सिंह चौहान

मौजूदा सीएम शिवराज सिंह चौहान इस बार भी चुनाव मैदान में हैं. हालांकि अपनी जनसभाओं में जिस तरह इन्होंने विदाई वाली और भावुक बातें कही थीं, उससे अंदाजा लगाया जा रहा था कि इस बार पार्टी प्रदेश में बड़े बदलाव की तैयारी में है और किसी नए चेहरे को यह मौका दे सकती है, लेकिन जिस तरह की मेहनत इन्होंने चुनाव में की है, उससे हो सकता है कि जीतने पर पार्टी एक बार फिर शिवराज को ही मौका दे दे. लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता, करीब 20 साल तक सीएम रहने का अनुभव और अच्छा प्रोफाइल उन्हें अब भी सीएम पद के दावेदारों में टॉप पर बनाए हुए है.

2. कैलाश विजयवर्गीय

जिस तरह बीजेपी आलाकमान ने कैलाश विजयवर्गीय को केंद्र की राजनीति से एक बार फिर प्रदेश में जिम्मेदारी दी है, उससे कयास लगाए जा रहे हैं कि वह सीएम पद के उम्मीदवार हो सकते हैं. कैलाश की छवि अच्छी है. 1983 में पहली बार इंदौर नगर निगम में पार्षद बने. फिर 1990 में इंदौर-4 सीट से पहली बार विधायक बने. वर्ष 2000 में इंदौर के मेयर भी बने. 2013 में शिवराज सरकार में कई विभाग के मंत्री बने. 2015 में राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी मिली और पश्चिम बंगाल का प्रभार मिला.

3. फग्गन सिंह कुलस्ते

 बीजेपी की तरफ से सीएम के दावेदारों में इनका नाम भी काफी मजबूत है. केंद्रीय मंत्री से अचानक विधायक का टिकट मिलना इसी ओर इशारा कर रहा है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी फग्गन सिंह कुलस्ते को मध्यप्रदेश का पहला आदिवासी मुख्यमंत्री बनाकर इस वर्ग को साध सकती है. 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 15 साल से सत्ता में बैठी बीजेपी को हरा दिया था. इसके पीछे आदिवासी सीटों का अहम योगदान था. बीजेपी को उस चुनाव में 25 आदिवासी सीटों का नुकसान हुआ था, जिसे पार्टी फिर से पाना चाहती है. कुलस्ते 6 बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा सांसद रहे. अभी मंडला सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. 1990 में पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी. वो 1992 तक विधायक रहे. 2012 में फग्गन राज्यसभा के लिए चुने गए थे. कुलस्ते 1999 से से 2004 तक वाजपेयी मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे. फग्गन अब तक 2019, 2014, 2004, 1999, 1998, 1996 का लोकसभा चुनाव जीते हैं. 2009 में वो हार गए थे. कांग्रेस के बसोरी सिंह मसराम जीते थे.

4. नरेंद्र सिंह तोमर

नरेंद्र तोमर भी बीजेपी की तरफ से सीएम पद दावेदार हो सकते हैं. अभी केंद्र में मंत्रीपद संभाल रहे नरेंद्र सिंह तोमर को पार्टी ने न सिर्फ विधानसभा चुनाव के लिए टिकट दिया है, बल्कि उन्हें यहां के लिए चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष भी बनाया है. ऐसे में उनका नाम भी सीएम रेस में बना हुआ है.

नरेंद्र सिंह तोमर 1979-80 में मुरार कॉलेज में छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में करियर शुरू करने के बाद 1983 से 1987 तक ग्वालियर नगर निगम के पार्षद रहे. 1991 से 1996 तक बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहने के बाद वो 1996 से लगातार बीजेपी के प्रदेश मंत्री रहे.

5 कांग्रेस की तरफ से कमलनाथ

अगर कांग्रेस मध्य प्रदेश में बहुमत का आंकड़ा छूती है और वह सरकार बनाती है तो कमलनाथ ही सीएम पद के लिए पहले दावेदार होंगे. कमलनाथ के अलावा कोई और चेहरा यहां अभी तक सीएम की रेस में कांग्रेस की तरफ से नहीं है. कमलनाथ छिंदवाड़ा से 9 बार सांसद रहे हैं. 1979 में वह पहली बार यहां से सांसद बने थे. इसके बाद वह 1984, 1990, 1991, 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए. 2019 में मुख्यमंत्री बनने के बाद वह पहली बार छिंदवाड़ा से विधायक बने.

छत्तीसगढ़ में भी कई दावेदार

छत्तीसगढ़ में भी 2018 में बीजेपी को 15 साल बाद हार का सामना करना पड़ा था. तब के सीएम रमन सिंह अब पहले जैसी स्थिति में नहीं हैं. ऐसे में यहां भी सीएम पद के लिए कई नामों की चर्चा हो रही है.

1. डॉ. रमन सिंह

रमन सिंह को भले ही पार्टी ने सीएम फेस घोषित नहीं किया है, लेकिन उनके 15 साल तक सीएम रहने के अनुभव ने उन्हें अब भी सीएम पद के लिए सबसे बड़ा दावेदार बनाए रखा है. पार्टी ने उन्हें भी इस बार टिकट दिया है. इसका मतलब है कि वह रेस में बने हुए हैं. अगर बीजेपी बहुमत लाती है तो रमन सिंह भी रेस में रहेंगे.

2. बृजमोहन अग्रवाल

रमन सिंह के अलावा सामान्य वर्ग से आने वाले बृजमोहन अग्रवाल भी मुख्यमंत्री पद की रेस के दावेदार बताए जा रहे हैं. इन्हें चुनावी रणनीति बनाने और उसे अंजाम देने में महारथ है.

3. संतोष पांडे

राजनांदगांव के संतोष पांडे युवा हैं और इसी वजह से सीएम पद की रेस के प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं. 2019 लोकसभा चुनाव में सर्वाधिक मतों से जीतने वाले दूसरे सांसद हैं.

4. कुछ और नाम भी रेस में

इनके अलावा ओबीसी से 4 चेहरे भी सीएम पद के दावेदार बताए जा रहे हैं. इनमें बिलासपुर से सांसद अरुण साव, पूर्व नौकरशाह ओपी चौधरी, वर्तमान नेता प्रतिपक्ष कौशिक, दुर्ग से सांसद विजय बघेल, एसटी वर्ग से आने वाली और केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह, वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, रामविचार नेताम और नंदकुमार साय का नाम भी सीएम पद की रेस में बना हुआ है.

5. भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ में अगर कांग्रेस जीत दर्ज करती है तो संभव है कि मौजूदा सीएम भूपेश बघेल को एक और कार्यकाल मुख्यमंत्री के रूप में मिले. लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता अच्छी है. उन्होंने किसानों से जुड़े कई अच्छे काम कराए हैं. ऐसे में कांग्रेस पार्टी एक बार फिर भूपेश बघेल को सीएम फेस घोषित कर सकती है.

6. टीएस सिंहदेव

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के एक अन्य शीर्ष नेता हैं. फिलहाल यह डिप्टी सीएम हैं, लेकिन सीएम के दावेदारों में इनका भी नाम आगे चल रहा है. हालांकि वह खुद आलाकमान के फैसले को मानने की बात कहते हैं, लेकिन दोनों के बीच कई बार खींचतान दिखी है.

राजस्थान में भी कई नाम पर चर्चा

राजस्थान में अब तक वसुंधरा राजे ही पार्टी का चेहरा थीं. राजनीतिक जानकार बताते हैं कि 2018 में हार के बाद पार्टी में उनका कद थोड़ा कम हुआ. यही वजह है कि इस चुनाव के लिए पार्टी ने उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी है. यहां भी पार्टी ने 7 सांसदों को मैदान में उतारा है. इनमें से 2 नाम सीएम पद की रेस में सबसे आगे हैं.

1. वसुंधरा राजे

वसुंधरा राजे बेशक चुनाव प्रचार के दौरान किनारे कर दी गईं हों, लेकिन अब भी सीएम के लिए उनकी दावेदारी कमजोर नहीं हुई है. 2 बार सीएम रह चुकीं वसुंधरा राजे की इमेज जमीनी नेता की है. वसुंधरा कार्यकर्ताओं के बीच भी काफी लोकप्रिय हैं. वसुंधरा राजे 200 सीटों वाली राजस्थान विधानसभा की करीब 80 सीटों पर सीधा असर रखती हैं. वसुंधरा राजे की सबसे बड़ी खासियत कई जाति में उनकी पकड़ है. वसुंधरा राजे का वोट बेस राजपूत के साथ ही जाट, गुर्जर और आदिवासी में भी है. इसके अलावा महिला वोट बैंक में भी उनकी मजबूत पैठ है.

2 राजकुमारी दीया

राजकुमारी दीया राजस्थान के राजसमंद से सांसद हैं. वह जयपुर के पूर्व महाराज भवानी सिंह की बेटी हैं. राजकुमारी की जयपुर से लेकर राजसमंद तक की सक्रियता ही बार-बार इन अटकलों को हवा देती है कि वह वसुंधरा राजे का विकल्प हो सकती हैं. राजनीतिक जानकार भी बताते हैं कि जिस तरह से राजकुमारी कैमरे पर आकर कांग्रेस को ललकार रही हैं, उससे भी लग रहा है कि राजकुमारी रेस में हैं. दीया 2013 में सवाई माधोपुर से पहली बार विधायक बनीं थीं. दीया वसुंधर राजे की तरह उसी राजपूत जाति से आती हैं जो राजस्थान की सियासत में प्रभावी दखल रखता है.

3. बाबा बालकनाथ

बीजेपी ने राजस्थान में जिन सात सांसदों को विधानसभा चुनाव में उतारा है, उनमें एक नाम बाबा बालकनाथ का भी है. वह फिलहाल अलवर से सांसद हैं. बाबा बालकनाथ नाथ संप्रदाय के मस्तनाथ मठ से महंत हैं. सीएम योगी भी नाथ संप्रदाय से दीक्षा लेने के बाद गोरखपुर मठ के महंत बने थे. इन्हें यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का करीबी माना जाता है. कई लोग इन्हें राजस्थान का योगी भी कहते हैं. यही वजह है कि इन्हें भी सीएम पद का दूसरा सबसे बड़ा दावेदार बताया जा रहा है. इन्हें तिजारा से टिकट दिया गया है. इनकी छवि कट्टर हिंदू नेता की है. 2019 लोकसभा चुनाव में इन्होंने अलवर से कांग्रेस के भंवर जितेंद्र सिंह को 3 लाख वोटों के अंतर से हराया था.

4. किरोड़ी लाल मीणा

सांसद किरोड़ी लाल मीणा राजस्थान की राजनीति में बड़ा नाम हैं. इन्हें जनजातीय समूहों का नेता कहा जाता है. दरअसल, मीणा समुदाय राजस्थान में किसी भी दल की जीत और हार को प्रभावित करने की ताकत रखते हैं. राजस्थान की कुल आबादी का लगभग 13.5 पर्सेंट जनजातीय आबादी है और इनमें से 6 प्रतिशत आबादी मीणा समुदाय की है. इसलिए हर दल इस समुदाय को अपने खेमे में रखना चाहता है. बीजेपी भी किरोड़ी लाल मीणा के जरिये इस वोट बैंक पर नजर बनाए हुए है. इसी वजह से इनका नाम सीएम पद की दौड़ में है.

5. राजवर्धन सिंह राठौड़

राजवर्धन सिंह राठौड़ भी सीएम पद की रेस में हैं. बेहतर छवि, लोगों में लोकप्रियता इन्हें बाकी दावेदारों के साथ खड़ा करती है. फिलहाल राजवर्धन सिंह राठौड़ जयपुर ग्रामीण से सांसद हैं. इस बार पार्टी ने इन्हें विधानसभा चुनाव के लिए झोटवाड़ा सीट से टिकट दिया है.

6. गजेंद्र सिंह शेखावत

गजेंद्र सिंह शेखावत भी इस बार विधानसभा चुनाव में ताल ठोक रहे हैं. इन्हें भी सीएम पद गा दावेदार माना जा रहा है. मोदी सरकार में जलशक्ति मंत्री हैं. गजेंद्र सिंह शेखावत ने 2019 लोकसभा में जोधपुर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को हराया था. शेखावत जोधपुर के जयनारायण विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष रहे हैं और उनकी पहचान वहाँ के एक कामयाब और तेज़ तर्रार डिबेटर के रूप में रही है. कॉरपोरेट कल्चर में ढले हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान अपने कुशल पावर पॉइंट प्रेजेंटेशनों से कई बार खींच चुके हैं.

7. अर्जुन मेघवाल

पूर्व आईएएस और केंद्रीय क़ानून और न्याय मंत्री अर्जुन मेघवाल बीकानेर से सांसद हैं. इस बार पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उतारा है. अर्जुन मेघवाल पार्टी का बड़ा दलित चेहरा हैं. प्रदेश के दलितों में उनकी जाति के सबसे अधिक वोट हैं.

8. अशोक गहलोत

अशोक गहलोत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और मौजूदा समय में राजस्थान के के सीएम हैं. अगर कांग्रेस राजस्थान में जीतती है तो अशोक गहलोत को एक और टर्म मिल सकता है. दरअसल उनकी वोटरों और विधायकों के बीच अच्छी पकड़ है. इसलिए उन्हें राजनीति का जादूगर भी कहते हैं.

9. सचिन पायलट

सीएम पद के लिए सचिन पायलट पिछली बार अपने समर्थकों के साथ बागी हो गए थे. हालांकि पार्टी के सीनियर नेताओं के हस्तक्षेप के बाद वह मान गए, लेकिन गहलोत के साथ उनका मनमुटाव इस साल तक चलता रहा. चुनाव के ऐलान के बाद दोनों ने पुरानी बातों को भुलाकर पार्टी के लिए जमकर प्रचार किया है. हो सकता है कि कांग्रेस बहुतम पाने के बाद युवा चेहरे के रूप में सचिन पायलट को मौका दे दे.

तेलंगाना में कांग्रेस से 8 नाम हैं रेस में

तेलंगाना में यह विधानसभा का तीसरा चुनाव है. इससे पहले दो बार बीआरएस की सरकार रही है. हालांकि इस बार अधिकतर एग्जिट पोल में कांग्रेस को बहुमत मिलने की बात कही गई है. अगर कांग्रेस यहां जीतती है तो उसकी तरफ से सीएम पद की दौड़ में कई नाम हैं.

1. ए. रेवंत रेड्डी

ए. रेवंत रेड्डी तेलंगाना कांग्रेस के अध्यक्ष हैं. वह तेलंगाना से लोकसभा सांसद भी हैं. वह विधानसभा चुनाव में दो सीटों से लड़ रहे हैं. कांग्रेस की तरफ से सीएम के लिए सबसे बड़ा दावेदार इन्हीं को माना जा रहा है.

2. इनके नाम भी हैं रेस में

तेलंगाना में कांग्रेस की तरफ से सीएम पद की रेस में प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी के अलावा एन उत्तम कुमार रेड्डी, के जना रेड्डी, कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, मल्लू भट्टी विक्रमार्क, टी जीवन रेड्डी, रेणुका चौधरी और दामोदर राजनरसिम्हा के भी नाम आगे चल रहे हैं.

3. के. चंद्रशेखर राव

अगर कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो बीआरएस ओवैसी की एआईएमआईएम के समर्थन से सरकार बना सकती है. ऐसी स्थिति में मौजूदा सीएम के. चंद्रशेखर राव ही तीसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की कमान संभाल सकते हैं.

ये भी पढ़ें

Rajasthan Election 2023: इस कांग्रेस नेता ने विधायक के रूप में लिखा आखिरी पत्र, लोगों से बोले- 'यह आपको मेरा...'

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Mexico Earthquake: प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही थीं इस देश की राष्ट्रपति, तभी आया 6.5 तीव्रता का भूकंप; मच गई अफरा-तफरी
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही थीं इस देश की राष्ट्रपति, तभी आया 6.5 तीव्रता का भूकंप; मच गई अफरा-तफरी
उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर की बेटी की अमित शाह को चिट्ठी, कहा- पीड़िता और उसके परिवार को मिले सुरक्षा
कुलदीप सेंगर की बेटी की अमित शाह को चिट्ठी, कहा- पीड़िता और उसके परिवार को मिले सुरक्षा
कंगाल पाकिस्तान के हाथ लगा तेल और गैस का बड़ा खजाना! खुशी से फूले नहीं समा रहे शहबाज शरीफ, क्या मालामाल होगा पड़ोसी?
कंगाल पाकिस्तान के हाथ लगा तेल और गैस का बड़ा खजाना! खुशी से फूले नहीं समा रहे शहबाज शरीफ, क्या मालामाल होगा पड़ोसी?
जिम्बाब्वे ने किया T20 वर्ल्ड कप स्क्वाड का ऐलान, पाकिस्तानी बना कप्तान
जिम्बाब्वे ने किया T20 वर्ल्ड कप स्क्वाड का ऐलान, पाकिस्तानी बना कप्तान

वीडियोज

Bollywood News: आईपीएल 2026 में बांग्लादेशी खिलाड़ी की एंट्री पर बवाल, शाहरुख खान पर देशद्रोह के आरोप (02.01.2026)
Bollywood News: आईपीएल 2026 में बांग्लादेशी खिलाड़ी की एंट्री पर बवाल, शाहरुख खान पर देशद्रोह के आरोप
YRKKH:🫨Armaan के लिए Abhira की care ने जीता दिल, वही Shyam mittal के केस ने बढ़ाया सस्पेंस #sbs
Bhay Interview: Gaurav Tiwari Mystery का सच | भारत का पहला Paranormal Thriller | Danish Sood
Electronics Manufacturing में बड़ी छलांग | Dixon, Samsung, Foxconn को मंजूरी | Paisa Live

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Mexico Earthquake: प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही थीं इस देश की राष्ट्रपति, तभी आया 6.5 तीव्रता का भूकंप; मच गई अफरा-तफरी
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही थीं इस देश की राष्ट्रपति, तभी आया 6.5 तीव्रता का भूकंप; मच गई अफरा-तफरी
उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर की बेटी की अमित शाह को चिट्ठी, कहा- पीड़िता और उसके परिवार को मिले सुरक्षा
कुलदीप सेंगर की बेटी की अमित शाह को चिट्ठी, कहा- पीड़िता और उसके परिवार को मिले सुरक्षा
कंगाल पाकिस्तान के हाथ लगा तेल और गैस का बड़ा खजाना! खुशी से फूले नहीं समा रहे शहबाज शरीफ, क्या मालामाल होगा पड़ोसी?
कंगाल पाकिस्तान के हाथ लगा तेल और गैस का बड़ा खजाना! खुशी से फूले नहीं समा रहे शहबाज शरीफ, क्या मालामाल होगा पड़ोसी?
जिम्बाब्वे ने किया T20 वर्ल्ड कप स्क्वाड का ऐलान, पाकिस्तानी बना कप्तान
जिम्बाब्वे ने किया T20 वर्ल्ड कप स्क्वाड का ऐलान, पाकिस्तानी बना कप्तान
Dhurandhar Worldwide Box Office Collection: रणवीर सिंह की 'धुरंधर' ने 'पुष्पा 2' का भी तोड़ दिया रिकॉर्ड, बनी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म
रणवीर सिंह की 'धुरंधर' ने 'पुष्पा 2' का भी तोड़ दिया रिकॉर्ड, बनी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म
भारत, जापान को पछाड़ चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बना, ऐ तरक्की की धूप तेरे दिन के उजाले में अंधेरा है
भारत, जापान को पछाड़ चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बना, ऐ तरक्की की धूप तेरे दिन के उजाले में अंधेरा है
Power Bank Blast: पावर बैंक जल्दी फट जाते हैं, लेकिन मोबाइल बैटरी नहीं, क्यों होता है ऐसा?
पावर बैंक जल्दी फट जाते हैं, लेकिन मोबाइल बैटरी नहीं, क्यों होता है ऐसा?
महिलाओं के अंडरगार्मेंट चुराता था यह शख्स, फिर करता था ऐसा काम कि आपको भी आ जाएगी शर्म
महिलाओं के अंडरगार्मेंट चुराता था यह शख्स, फिर करता था ऐसा काम कि आपको भी आ जाएगी शर्म
Embed widget