जटिल जलवायु विमर्श को समझें आसान शब्दों में, पर्यावरण नहीं तो कुछ भी नहीं

जलवायु परिवर्तन से ही हो रही बिन मौसम की बरसात, बाढ़ और गरमी (तस्वीर प्रतीकात्मक)
Source : PTI
साठ के दशक में पश्चिमी देशों में आर्थिक प्रगति के प्रवाह के इतर पर्यावरण के प्रति एक समझ विकसित हुई कि कही हमारी अंधाधुंध आर्थिक प्रगति का प्रारूप हमें प्रकृति के विरोध में तो नहीं ला खड़ा








