भाषा को लेकर बंद हो सिर-फुटव्वल, पक्ष और विपक्ष दोनों समझें देश की विविधता को

हिंदी दिवस के मौके पर संयुक्त राष्ट्र में कार्यक्रम के दौरान की तस्वीर
Source : PTI
भाषा! अभिव्यक्ति का माध्यम! मानवीय संवेदनाओं के सहज प्रकटीकरण का एक जरिया! प्रेम से लेकर घृणा, क्रोध से लेकर जुगुप्सा तक के भावों को, नौ के नौ रसों को व्यक्त कर देने का एक औजार! हालाँकि, भारत में








