साल 1995 में बोस्निया में बसे स्रेबेनित्सा में हजारों मुसलमानों को मौत के घाट उतार दिया गया



गृहयुद्ध से जूझ रहे बोस्निया में साल 1992 से आजादी की लड़ाई जारी थी



बोस्निया में मुसलमानों और सर्ब वासियों के बीच विरोध जारी था



सर्ब वासियों को लगता था कि मुसलमान उनपर अधिकार जमाना चाहते हैं



सर्ब सेना के कमांडर उस समय जनरल रैट्को म्लाडिच थे



कमांडर ने उन सभी मुसलमानों के खिलाफ अभियान चलाया जो सर्ब वासियों का विरोध कर रहे थे



11 जुलाई 1995 को बोस्निया में 8 हजार मुसलमानों को मार दिया गया



मुसलमानों की हत्या बड़े क्रूर तरीके से की गई थी, ज्यादातर लोगों को माथे के बीच पर गोली मारी गई थी



इन मृतकों में से ज्यादातर की उम्र 12 से 77 साल के बीच की थी



कहा जाता है कि इसके बाद से जनरल रैट्को 15 साल तक फरार हो गए थे