हनुमान जी न सिर्फ अपने भक्तों को बल्कि

देवताओं को भी हर संकट से मुक्ति दिलाई है.

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जब मेघनाद के दिव्यास्त्र से लक्ष्मण मुर्छित हो गए थे.

तब हनुमान जी उनके प्राण बचाने के लिए पूरा पहाड़ उठा लाए थे.

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हनुमान जी को संजीवनी बूटी को पहचानने में समस्या हो रही

थी.

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इसलिए हनुमान जी द्रोणागिरी पर्वत का बड़ा हिस्सा

उठालकर ले गए थे.

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द्रोणागिरी पर्वत उत्तराखंड के चमौली जिले में है.

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आज भी द्रोणगिरी पर्वत का ऊपरी हिस्सा कटा हुआ

दिखाई देता है.

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यहां के लोग इस पर्वत को देवता मानते हैं.

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हर साल जून में गांव के लोग द्रोणागिरी पर्वत की विशेष पूजा करते हैं.

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