उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी दांव-पेंच शुरू हो चुके हैं. इसी कड़ी में आज समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अयोध्या से पवन पांडेय को उम्मीदवार घोषित कर आक्रामक शुरुआत कर दी. वहीं प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने अखिलेश यादव के पीडीए फार्मूले पर निशाना साधा है.  

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संजय निषाद ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा, "अखिलेश यादव ने पीडीए का फार्मूला बदल दिया है." उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में गैर-यादव, गैर मुस्लिम समाज को पीड़ित, दुखी और अपमानित किया जाता था. आगे कहा कि जब वे (सपा) सत्ता में होते थे तो उनका परिवार डेवलपमेंट अथौरिटी बन जाता था. प्रदेश में सिर्फ सैफई के यादवों और कुछ मुस्लिम को फायदा होता था.

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ब्राहमणों के अपमान का आरोप

कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने सपा अपर आरोप लगाते हुए कहा कि सपा मुखिया पत्रकार से सरनेम पूछते हैं और मिश्रा बताने पर सार्वजनिक रूप से अपमानित करते हैं. पार्टी के प्रवक्ता ब्राह्मण समाज के लिए अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं. इसके अलावा भी कई मुद्दों पर सपा पर आरोप लगाए.

निषाद समाज के आरक्षण पर सवाल 

संजय निषाद ने सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 27 फीसदी आरक्षण में 99.99 प्रतिशत लाभ सिर्फ कुछ हजार याद परिवारों को ही मिला. निषाद समुदाय को एससी में शामिल नहीं किया गया. वहीं उन्होंने कहा कि सरकार में हमने एससी में शामिल करने की मांग की है.

पवन पांडेय और अयोध्या का समीकरण 

सपा ने अयोध्या में पवन पांडेय को अपना प्रमुख चेहरा बनाया है. 2012 में उन्होंने बीजेपी के लल्लू सिंह को हराया था और अखिलेश सरकार में मंत्री भी रहे थे. इन दिनों अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी विवाद में उन्होंने मुखरता से मुद्दा उठाया था. ब्राह्मण वोट बैंक को देखते हुए अखिलेश यादव ने उनके चेहरे को आगे किया है.

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