उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए राजनैतिक दलों ने अपने-अपने वोट बैंक पर पकड़ मजबूत करना शुरू कर दी है. इसी कड़ी में छोटे लोहिया कहे जाने वाले जनेश्वर मिश्र की जयंती पर यूपी में ब्राह्मण पॉलिटिक्स गर्म होती दिखाई दी. समाजवादी पार्टी का कार्यालय परिसर डमरू की गड़गड़ाहट से गूंज उठा आरती हुई और ब्राह्मणों का जोश देखकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंच संभाला तो जोश और भी दोगुना दिखने लगा.
अखिलेश यादव भी जोश से भर गए और कृष्ण सुदामा की सदियों पुरानी मित्रता याद दिलाई. इतना ही नहीं पीडीए में ब्राह्मणों को शामिल करते हुए अखिलेश यादव ने पीड़ित वर्ग बताते हुए कहा कि ये पीडी के मतलब में भी है और जो भी पीड़ित है वो हमारे साथ है.
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अखिलेश बोले जितनी पीड़ा दोगे पीडीए मजबूत होगा
मंच संभालते हुए अखिलेश यादव बोले जितनी पीड़ा दोगे उतना पीडीए मजबूत होगा. मंच से अखिलेश यादव ने गाड़ी पलटने का जिक्र भी किया और बोले कि जिस दिन सैटेलाइट से इमेज निकाली जाएगी उस समय पता चलेगा कि गाड़ी कैसे पलटाई गयी. इन्होंने कहा कि पहले हमें और हमारे साथियों को मार रहे थे अब पी के पीछे पड़ गए. गोरखपुर के हाते का जिक्र भी इनकी जुबान पर था और हाता नहीं भाता का जिक्र करते हुए इन्होंने डिप्टी सीएम पर निशाना साधा और कहा कि उनकी गार्ड नहीं सुनता. अखिलेश यादव ने माघ मेले के दौरान बटुकों के साथ हुए दुर्व्यवहार और शंकराचार्य के स्नान न करने का भी जिक्र किया. अखिलेश यादव ने कहा कि न केवल ब्राह्मण नहीं बल्कि हर वर्ग के लोग दुखी है हर चीज पर संकट पैदा किया है जेन-जी ने इनके होश उड़ाए हैं.
पवन पांडेय की अयोध्या से जीत का दावा
अखिलेश यादव ने ब्राह्मणों के बाटी -चोखा पर नोटिस को लेकर निशाना साधा और कहा कि सपा भेदभाव नहीं करती है. अयोध्या के दान घोटाले का जिक्र करते हुए इन्होंने कहा ब्राह्मण मंच से एक घोषणा भी की और कहा कि इस बार मौका दोगे तब और अच्छे काम करेंगे. पिछली बार चुनाव लड़े थे चूक गए इस बार विश्वास दिलाते हैं स्थान और सम्मान दिलाने का काम करेंगे. इसके साथ ही एक बात और कही कि पवन पांडेय इस बार अयोध्या जीतकर आएंगे. अखिलेश यादव ने इस मंच से पार्टी छोड़कर जाने वालों को भी बता दिया कि आगे वापसी के रास्ते बंद हैं बोले जो छोड़कर गए उनकी जगह भी भर गई.
चुनावी बिसात पर ब्राह्मण वोट की अहम भूमिका
राजनीति में ब्राह्मण वोटर जीत में अहम भूमिका अदा करता है और अखिलेश यादव का ब्राह्मण दाव अब राजनीतिक हलचल बढाने का काम कर रहा है. कार्यक्रम में पहुंचे ब्राह्मण नेताओ ने अखिलेश को फावड़ा और सुदर्शन चक्र का प्रतीक चिन्ह दिया. आज के इस कार्यक्रम और इसके जोश ने न सिर्फ सपा में जोश भर दिया बल्कि राजनीति की दिशा तय करने वाले वर्ग को साथ जोड़कर चलने का संदेश दिया.
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने साधा निशाना
कार्यक्रम के बाद डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने निशाना साधते हुए कहा कि ये कंफ्यूज हैं और इन्हें काम नहीं करना है बल्कि तुष्टिकरण करना है.
सुबह से सपा कार्यालय के बाहर लगा जमावड़ा
ब्राह्मणों का जमघट सुबह से ही सपा कार्यालय के बाहर था कोई तिलक लगाकर पहुंचा तो कोई गमछा बांधकर ब्राह्मण एकता का संदेश देता दिखा. जोश हाई था इसी बीच अखिलेश यादव का काफिला जनेश्वर मिश्र पार्क पहुंचा, जहां अखिलेश यादव ने माल्यार्पण किया उसके बाद कार्यालय स्थित कार्यक्रम में पहुंचकर संदेश देने का काम किया.
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