अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा में हेराफेरी, जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई समेत कई मसलों को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है. इस बीच समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने एक बार फिर सरकार को घेरा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संशोधन के साथ एक ही बिल को दो-तीन बार पास कर रही है. उन्होंने मांग करते कहा कि हम राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर चर्चा चाहते हैं. उन्होंने सवाल किया कि गृहमंत्री अमित शाह सदन में आकर बयान क्यों नहीं दे रहे हैं?

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आज शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई- डिंपल यादव

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने सदन में कई बिल पास होने के सवाल पर कहा, "सदन में एक के बाद एक बिल पास हो रहे हैं. एग्जामिनेशन वाला बिल पास हो गया. सरकार संशोधन के साथ एक ही बिल को बार-बार पास कर रही है. लेकिन इनके बिल पास कराने से ऐसा कुछ बदलाव नहीं आ रहा है. आज शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है.''

हम राम मंदिर चंदा चोरी के मसले पर चर्चा चाहते हैं- डिंपल यादव

उन्होंने आगे कहा, ''पूरा विपक्ष चाहता है कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर बयान दें, लेकिन वो सदन में नहीं आ रहे हैं. हमारी सीधी मांग है, हम राम मंदिर चंदा चोरी और बीजेपी या उससे जुड़े संगठनों द्वारा जनता के भरोसे को तोड़ने के मामले पर चर्चा चाहते हैं. हम देश से जुड़े मूल मुद्दों पर चर्चा चाहते हैं. ऐसी चर्चा कौन नहीं करना चाह रहा है? बीजेपी लोगों के लिए जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है, इसीलिए वे नहीं चाहते कि सदन चले. वे सिर्फ अपनी मनमानी के हिसाब से सदन चलाना चाहते हैं.''

'ज्यादा फॉलोअर्स वाले युवाओं के अकाउंट क्यों डिलीट किए जा रहे'

जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के 7 साल पूरे होने के सवाल पर उन्होंने कहा, "जम्मू कश्मीर में स्टेटहुड का मुद्दा है. हम सभी देख रहे हैं कि सोशल मीडिया अकाउंट्स हटाए जा रहे हैं. ज्यादा फॉलोअर्स वाले युवाओं के अकाउंट क्यों डिलीट किए जा रहे हैं? जिन लोगों ने सरकार की आलोचना की है या उसके विरोध में कोई रील्स पोस्ट की हैं, उनके अकाउंट क्यों हटाए जा रहे हैं? यह सरकार कैसा देश बनाना चाहती है? यह किस तरह का शासन स्थापित करना चाहती है? 

सरकार देश को किस दिशा में ले जाना चाहती है- डिंपल यादव

डिंपल यादव ने ये भी कहा, ''हमें अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है, फिर भी उस आजादी को अब सीमित किया जा रहा है. आवाजों को दबाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एल्गोरिदम बदले गए हैं. सवाल यह है कि सरकार देश को किस दिशा में ले जाना चाहती है और किस तरह की विचारधारा के साथ देश चलाना चाहती है? हम चाहते हैं कि संसद चले. कौन नहीं चाहेगा कि सदन चले? लेकिन हम चाहते हैं कि मुद्दों पर चर्चा हो और सदन चले.''

बता दें कि बुधवार (05 अगस्त) को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करनी शुरू दी. जिसके बाद हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार (06 अगस्त) तक के लिए स्थगित कर दी गई.