नोएडा में पिछले दिनों श्रमिक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए थे. वही तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी देखने को मिली थी. वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मजदूर लगातार प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रहे थे. मजदूरों का साफ तौर पर कहना था कि उनका वेतन बढ़ाया जाए. वहीं मुख्यमंत्री ने इस घटना को संज्ञान लेते हुए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया था.

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प्रमुख सचिव उद्योग दीपक कुमार की अध्यक्षता में इस कमेटी गठन किया गया था. कमेटी ने मजदूरों के वेतन में 21% की वृद्धि की गई है. क्योंकि नोएडा गाजियाबाद में लिविंग कॉस्ट ज्यादा है. जिसके चलते उनका वेतन में बढ़ोतरी की गई थी. अब उन्हें बढ़ा हुआ वेतन 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है. लेबर एक्ट के तहत कुछ नियम और बनाए गए हैं. यह सभी नियम 1 अप्रैल से लागू कर दिए जाएंगे.

कम वेतन में पालन-पोषण करना होता था मुश्किल- मजूदर

वहीं मजदूर का साफ तौर पर कहना है कि पहले वेतन कम था जिसके चलते उन्हें परिवार का पालन पोषण करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. जिसके चलते मजदूरों ने प्रदर्शन किया था, लेकिन अब वेतन बढ़ गया है. वेतन बढ़ोतरी को लेकर हम लोग खुश हैं. क्योंकि इस महंगे शहर में रहना और परिवार का पालन पोषण करना काफी परेशानी और दिक्कत थी. लेकिन अब सरकार ने वेतन बढ़ा दिया है तो उसको लेकर के हमें काफी खुशी है.

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वेतन की बढ़ोतरी से मजदूरों में खुशी की लहर

ग्रेटर नोएडा के साइड 5 में मजदूरों से एबीपी न्यूज की टीम ने जब जाकर जानकारी की तो उनका साफ तौर पर कहना था कि सरकार ने जो अभी हाल ही में वेतन बढ़ाया है. उस से हम काफी खुश हैं. बड़े हुए वेतन से परिवार का पालन पोषण इस शहर में अब थोड़ा बेहतर हो सकेगा. वही कंपनी के लोग बड़े हुए वेतन से खुश दिखाई नहीं दे रहे है. उनका साफ तौर पर यह कहना है कि सरकार ने जल्दबाजी में यह वेतन वृद्धि की है. जिसकी वजह से कंपनी के ऊपर बाहर आ गया है.

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