समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुराना वीडियो शेयर कर नई बहस छेड़ दी है. पुराने वीडियो में सीएम योगी महिला आरक्षण को लेकर कह रहे हैं कि पेश होने से पहले पार्टी इस पर चर्चा करेगी. सदन में चर्चा होने से पहले पार्टी स्तर पर इसे लेकर बात की जाए और अगर पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है तो जनप्रतिनिधियों की बात को सुना जाए.

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इसमें उन्होंने कहा कि जो यह विधेयक आया है इसके विरोध में 99 प्रतिशत सदस्य हैं. सीएम योगी ने कहा था कि पार्टी में चर्चा की मांग करेंगे और कहेंगे की पार्टी क्यों कांग्रेस के पाप को अपने सिर पर रखना चाहते हैं. अब सीएम योगी का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है कि पार्टी बिल भी लेकर आ चुकी है और इसमें संशोधन का विधेयक भी लाया गया.

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अब यह वीडियो शेयर करते हुए अखिलेश यादव ने पहले इस मुद्दे पर  बीजेपी के घमासान को उजागर कर दिया है. जिसमें सीएम योगी खुद की सरकार को इसका नुकसान होने की बात कह रहे हैं. इस पर अखिलेश यादव निशाना भी साधा है. 

अखिलेश ने वीडियो शेयर कर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वो बीजेपी क्या महिला की हिमायती बनती है, जिसकी सोच घोर पुरातनपंथी है. जो लोग परिवार को नकारते हैं, वो लोग दूसरी तरह से परिवार की धुरी मतलब महिला को भी नकारते हैं. 

उन्होंने आगे लिखा कि जिन भाजपाइयों या उन जैसे दकियानूसी सोच वाले लोगों ने दसों साल पहले ये कहा हो कि नारी अभी इतनी सक्षम नहीं हुई है कि उसे आजादी दी जाए या अपने फैसले खुद लेने की छूट दी जाए, वो क्या महिला के बारे में बात करेंगे. 

भाजपा जाए तो नारी खुलकर सांस ले पाए- अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि जो आज भी तरह-तरह के मंचों का इस्तेमाल करके ये कह रहे हैं कि नारी घर के कामों-बच्चों में ही उलझी रहनी चाहिए, उस भाजपा से आज की युवती-नारी को कोई भी उम्मीद नहीं है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी जाए तो नारी खुलकर सांस ले पाए.

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