नोएडा में 13 अप्रैल को हुई भयानक हिंसा और आगजनी के मामले में यूपी एसटीएफ को एक ऐसी बड़ी कामयाबी मिली है, जिसने सबको चौंका दिया है. इस पूरी साजिश का सूत्रधार कोई अनपढ़ अपराधी नहीं, बल्कि NIT जमशेदपुर से पढ़ा हुआ एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर निकला है. एसटीएफ ने मुख्य आरोपी आदित्य आनंद उर्फ रॉकी को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया है.

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प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की नोएडा यूनिट ने एक बेहद सटीक ऑपरेशन के तहत आदित्य आनंद को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से दबोचा है. वह पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और चेन्नई से कहीं और भागने की फिराक में था.

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हिंसा इत्तेफाक नहीं, बल्कि प्लानिंग थी- अधिकारी

इस बाबत पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जांच में 'राष्ट्रवादी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया' के तीन मुख्य साजिशकर्ताओं के नाम सामने आए हैं, रुपेश रॉय और मनीषा चौहान को गिरफ्तार किया गया है, आदित्य आनंद फरार था, जिसे गिरफ्तार किया गया है.  यह भी पता चला है कि 13 अप्रैल की हिंसा कोई इत्तेफाक नहीं थी. 30 मार्च से 1 अप्रैल के बीच नोएडा के सेक्टर-37 में बैठकर इसकी पूरी प्लानिंग की गई थी.

कट्टरपंथी के संपर्क में आरोपी आदित्य आनंद

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि आदित्य आनंद मजदूर बिगुल और दिशा स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन जैसे कई कट्टरपंथी संगठनों के संपर्क में था. व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए मजदूरों को उकसाने के लिए 'डिजिटल नैरेटिव' तैयार कर रहा था. वह जेनपैक्ट जैसी बड़ी कंपनी में नौकरी करते हुए भी इन गतिविधियों में सक्रिय था. 

फिलहाल एसटीएफ अब यह पता लगा रही है कि इस 'पढ़े-लिखे मास्टरमाइंड' को फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट कहां से मिल रहा था. आने वाले दिनों में और भी बड़े नामों के खुलासे की उम्मीद है. आपको बता दें कि बीते दिनों नोएडा में वेतन वृद्धि सहित कई अन्य मुद्दों को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन देखने को मिला था.

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