New Year 2023: आज 31 दिसंबर है यानी आज साल का आखरी दिन है. इसलिए लोग नए साल 2023 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इसके लिए तैयारी भी कर रहे हैं, लेकिन वहीं बीते साल की कुछ अच्छी-बुरी यादें हम सब के जहन में हमेशा के लिए रह जाती हैं. ऐसा ही आज हम बता रहे हैं कि उदयपुर के लोगों को इस 2022 ने कितनी खुशियां दी और कितने गम दिए. यहां सर तन से जुदा करने वाली देश को झगझोर देने वाली आतंकी घटना हुई, ट्रेन की पटरी भी ब्लास्ट हुई तो युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने की पेपर लीक वारदात भी हुई, लेकिन विश्व की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा की सौगात मिली और कोरोना से हुआ आर्थिक नुकसान की पर्यटन बूस्टर से भरपाई भी हुई. जानिए उदयपुर के लिए कैसा रहा 2022! 


टूरिस्ट का फुटफॉल
उदयपुर में साल 2022 ने टूरिस्ट के नजरिए से एक इतिहास बना दिया. यहां इस साल नवंबर तक देशी और विदेशी 13 लाख सबसे ज्यादा पर्यटक आए. ऐसा पहले उदयपुर में कभी नहीं हुआ. वहीं दिसंबर महीने में अब तक 50 हजार से भी ज्यादा पर्यटक आ चुके हैं. इससे कोरोना के कारण घाटे में गए व्यापारियों को रेवेन्यू के पंख लग गए. पिछले 10 वर्षों के पर्यटकों की बात करें तो वर्ष 2022 से पहले वर्ष 2019 में करीब 11 लाख पर्यटक आए थे. हालांकि, इस साल विदेशी पर्यटक कम संख्या में 41 हजार ही आए जबकि वर्ष 2019 में 2 लाख से ज्यादा आए थे. 


देश में पहली बार शेरपा सम्मेलन उदयपुर में
भारत देश के पास पहली बार जी-20 की अध्यक्षता एक दिसंबर को आई थी. इसमें सबसे पहली शेरपा बैठक करवाने का सौभाग्य उदयपुर को मिला. यहां 4 से 7 दिसंबर तक शेरपा सम्मेलन हुआ, जिसमें 29 देशों से शेरपा उदयपुर आए. इसके लिए उदयपुर को दुल्हन की तरह सजाया गया था. हर तरफ विकास कार्य हुए. खैर इससे सबसे ज्यादा फायदा उदयपुर को मिला क्योंकि विश्व पटल पर शहर का नाम हुआ है. जिले के अधिकारी इस बैठक से उदयपुर के टूरिस्ट में बूस्टर मान रहे हैं. इस बैठक में देशभर के कई कलाकार आए थे और बड़े स्तर पर सांकृतिक कार्यक्रम हुए थे.


दिल दहला देने वाला कन्हैयालाल हत्याकांड
इन सभी खुशी के बीच इस वर्ष 2022 में एक बड़ा गम भी है. यहां 28 जून को आतंकी घटना में टेलर कन्हैया लाल साहू की सिर काट हत्या कर दी गई. इस हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था, क्योंकि इस हत्याकांड का आरोपियों ने लाइव वीडियो शेयर किया था. इससे उदयपुर का सांप्रादायिक माहौल भी बिगड़ा था जिससे कुछ दिनों तक कर्फ्यू भी लगाया गया था. धीरे-धीरे मामला शांत हुआ. इसके बाद एनआईए ने अपनी जांच पूरी की और कुछ दिन पहले ही मामले में जयपुर स्थिति एनआईए ने स्पेशल कोर्ट में चालान पेश किया. इस मामले में पाकिस्तान के भी आरोपी सामने आए.


ट्रेन पटरी ब्लास्ट
उदयपुर कन्हैयालाल हत्याकांड के साथ 14 नवंबर को ट्रेन ब्लास्ट से भी उदयपुर चर्चा में रहा जिसमें देश की बड़ी एजेंसियां जांच करने पहुंची. जिस ट्रेन पटरी पर ब्लास्ट हुआ उसका 13 दिन पहले 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था. यह पटरी उदयपुर-अहमदाबाद ब्रॉडगेज लाइन है. हालांकि, इसके बाद आरोपी पकड़ में आए तब सामने आया कि ब्रॉडगेज लाइन में जिसकी जमीन गई थी उसने मुआवजा नहीं मिलने के कारण ऐसा किया था.


कांग्रेस का चिंतन शिविर उदयपुर में हुआ
उदयपुर राजनीतिक दृष्टि से भी छाया रहा. अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यक्रताओं में जान फूंकने के लिए कांग्रेस ने उदयपुर में राष्ट्रीय स्तर का 14 मई को चिंतन शिविर रखा जो तीन दिन तक चला. इसका नाम बाद में नव संकल्प शिविर रखा गया. इस शिविर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित देशभर के बड़े कांग्रेस के नेता आए थे. कांग्रेस पार्टी ने अपनी पार्टी में जान फूंकने के लिए कई निर्णय लिए थे. यहीं नहीं उदयपुर संभाग के ही बांसवाड़ा जिले के मानगढ़ धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी सभा भी की थी. कांग्रेस और बीजेपी के दोनों बड़े कार्यक्रमों के पीछे राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात की टीसपी सीटों पर नजर थी. इसमें गुजरात चुनाव हो चुके हैं और बीजेपी को फायदा भी मिला. अब राजस्थान चुनाव की तैयारी है.


पेपर लीक मामला
वरिष्ठ अध्यापक पात्रता परीक्षा के पेपर लीक मामले ने हजारों युवाओं को सदमे में डाल दिया. यहां इसी महीने में एक हफ्ते पहले उदयपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक बस को जब्त किया जिसमें 49 लोग मिले जिसमें से 45 अभ्यर्थी थे. सभी के पास सामान्य ज्ञान का पेपर था जो अगली सुबह होने वाला था. आरपीएससी ने पेपर को रद्द कर दिया. इस मामले में पुलिस अब तक 55 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और मामले की जांच अभी चल रही है. इसमें कई बड़े कनेक्शन सामने आ रहे हैं.


विश्व की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा
उदयपुर को एक बड़ी सौगात भी मिली है. शहर से 35 किलोमीटर दूर राजसमंद के नाथद्वारा जिले में विश्व की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा का लोकार्पण हुआ. विश्वास स्वरूपम शिव प्रतिमा 369 फीट ऊंची है जिसे तैयार होने में 10 साल लग गए. दीपावली के बाद इसका लोकार्पण कार्यक्रम शुरू हुआ जिसमें कई बड़ी-बड़ी हस्तियां शामिल हुईं. अब यह पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है जहां पर्यटक जा रहे हैं और इस विशाल प्रतिमा के दर्शन कर रहे हैं.



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