राजस्थान के दूसरे बड़े शहर जोधपुर में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. ताजा मामला बीती रात का है, जब एक मासूम बच्चे पर आवारा कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया. हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया. गनीमत यह रही कि मौके से गुजर रहे एक राहगीर ने साहस दिखाते हुए कुत्तों को भगाया, वरना मासूम की जान भी जा सकती थी.

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुत्तों ने बच्चे के चेहरे को बुरी तरह नोच लिया. जबकि सिर के पीछे भी कई जगह गहरे घाव कर दिए. बच्चे को तत्काल गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि चेहरे पर हुए गंभीर जख्मों के कारण प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ेगी, क्योंकि कुत्तों ने चेहरे का मांस तक खा लिया है.

सरकारी अस्पताल में नहीं मिला समुचित इलाज

पीड़ित बच्चे के परिजनों का आरोप है कि वे पहले बच्चे को महात्मा गांधी अस्पताल लेकर गए थे, लेकिन वहां उन्हें संतोषजनक इलाज नहीं मिला. मजबूरी में परिजनों को बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसका ऑपरेशन करवाया गया. परिजनों का कहना है कि इलाज पर भारी खर्च आया है. लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली.

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नगर निगम पर गंभीर आरोप

परिवार के लोगों ने बताया कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर कई बार नगर निगम में शिकायत दर्ज कराई गई. लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नगर निगम ने कार्रवाई की होती, तो इस तरह की दर्दनाक घटना से बचा जा सकता था.

पुलिस थाने तक में घुसा आवारा कुत्ता

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही उदय मंदिर पुलिस थाना परिसर में भी एक आवारा कुत्ता घुस गया था. जहां उसने दो महिला कांस्टेबल को काट लिया. कुत्ते को पकड़ने की कोशिश के दौरान उसने अन्य लोगों पर भी हमला कर दिया. इस घटना ने पुलिस और आमजन दोनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

कुत्ते के आतंक से दहशत में शहरवासी

लगातार हो रही घटनाओं के बाद जोधपुर शहर के लोग दहशत में हैं. बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. अब सवाल यह है कि कितनी और घटनाओं के बाद नगर निगम और प्रशासन जागेगा. शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने, नसबंदी और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए. ताकि भविष्य में किसी और मासूम को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े.

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